शारदीय नवरात्र 2026: तीसरे दिन मां चंद्रघंटा के दर्शन को देशभर के मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु
सारांश
मुख्य बातें
शारदीय नवरात्र के तृतीय दिवस, 13 अक्टूबर 2026 को, मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की आराधना के लिए देशभर के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मध्य प्रदेश के मैहर और देवास से लेकर उत्तर प्रदेश के वाराणसी और नई दिल्ली के कालकाजी व झंडेवालान मंदिर तक, भक्तिमय वातावरण में हज़ारों आस्थावानों ने माता का आशीर्वाद प्राप्त किया।
मैहर शक्तिपीठ में विधि-विधान से पूजा
मध्य प्रदेश के मैहर स्थित मां शारदा शक्तिपीठ धाम में मां चंद्रघंटा की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजा-अर्चना की गई। मंदिर के प्रधान पुजारी पवन महाराज ने आराधना करते हुए श्रद्धालुओं की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। त्रिकूट पर्वत पर विराजमान मां शारदा के दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा और मंदिर परिसर माता के जयकारों से गुंजायमान रहा।
देवास में भव्य आरती और 24 घंटे खुले द्वार
देवास स्थित अति प्राचीन मां चामुंडा-मां तुलजा भवानी मंदिर में सुबह भव्य आरती के साथ नवरात्र पूजन का क्रम जारी रहा। मंदिर के पुजारी उग्ररांस नाथ पुजारी ने बताया कि नवरात्र के दौरान मंदिर के पट 24 घंटे खुले रहते हैं और इस पर्व में हज़ारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। उनके अनुसार यहाँ आने वाले हर भक्त की मनोकामना पूरी होती है।
काशी के मंदिरों में अपार श्रद्धा का उमड़ा सैलाब
उत्तर प्रदेश की काशी में भी नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की विशेष पूजा और सजावट की रस्में निभाई गईं। श्रद्धालु शांति, साहस, समृद्धि और जीवन की चुनौतियों का सामना करने की शक्ति के लिए माता का आशीर्वाद माँग रहे थे। वाराणसी से एक श्रद्धालु ने बताया, 'मैं लगभग 22 वर्षों से लगातार नवरात्र के दौरान यहाँ आ रहा हूँ — हर बार बहुत अच्छा लगता है।' एक अन्य भक्त ने कहा, 'काशी में नवदुर्गा के प्रति अपार श्रद्धा है। बाबा भोलेनाथ की कृपा से हम गहरे प्रेम के साथ मां के दर्शन करने आते हैं।'
दिल्ली के कालकाजी और झंडेवालान में मध्यरात्रि से जुटे भक्त
दिल्ली के कालकाजी मंदिर में मध्यरात्रि से ही भक्तों का आगमन शुरू हो गया। मंदिर के पीठाधीश्वर महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत ने बताया कि नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा के दर्शन के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुँच रहे हैं। झंडेवालान मंदिर में भी भक्तों का उत्साह उमड़ता दिखा। एक महिला श्रद्धालु ने कहा, 'यहाँ आकर बहुत अद्भुत और मन को शांति देने वाला अनुभव होता है। बस ऐसा लगता है कि जब भी सुबह हो, हमें मां के दरबार में ज़रूर जाना चाहिए।'
नवरात्र का महत्व और आगे के दिन
शारदीय नवरात्र हिंदू आस्था का एक प्रमुख पर्व है, जिसमें नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। तृतीय दिवस की देवी मां चंद्रघंटा को साहस और शक्ति की प्रतीक माना जाता है। देशभर में भक्तिमय माहौल के साथ नवरात्र उत्सव अपनी पूरी आस्था और उल्लास के साथ आगे बढ़ रहा है।