नवरात्रि 2026: कन्नौज के 500 साल पुराने मां फूलमती देवी मंदिर में उमड़े श्रद्धालु, ड्रोन-CCTV से सुरक्षा
सारांश
मुख्य बातें
शारदीय नवरात्रि के पहले दिन उत्तर प्रदेश के कन्नौज स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां फूलमती देवी मंदिर में रविवार, 11 अक्टूबर 2026 की सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। करीब 500 वर्ष पुराना यह मंदिर इत्र नगरी कन्नौज की धार्मिक पहचान का केंद्र है और नवरात्रि के 9 दिनों तक यहाँ दर्शनार्थियों का अनवरत प्रवाह बना रहता है।
कहाँ-कहाँ से आते हैं श्रद्धालु
हरदोई, औरैया, मैनपुरी, फर्रुखाबाद और कानपुर नगर समेत कई जिलों से भक्त यहाँ माथा टेकने पहुँचते हैं। मंदिर के मुख्य पुजारी शिखर मिश्र के अनुसार, यह मंदिर अनेक प्रांतों के भक्तों की कुलदेवी से जुड़ा है, इसीलिए यहाँ की आस्था बहुत गहरी है।
मंदिर का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व
पुजारी शिखर मिश्र ने बताया, 'फूलमती देवी राजा वेणुचक्र की बेटी हैं। मां सात बहनें हैं। कन्नौज का नाम पुराणों में दर्ज है। मां के दर्शन करने कई प्रांतों के भक्त आते हैं, जिनकी कुल की देवी हैं। मां की अखंड ज्योति भी प्रज्ज्वलित हो गई है। प्रतिदिन शाम को मां की आरती की जाती है।' मां की प्रतिमा पर अर्पित किए जाने वाले जल का श्रद्धालुओं में विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।
सुरक्षा व्यवस्था: CCTV और ड्रोन की नज़र
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतज़ाम किए हैं। मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और ड्रोन के ज़रिये ऊपर से भी निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है ताकि भीड़ नियंत्रण सुनिश्चित हो सके। मंदिर को भव्य रोशनी और आकर्षक सजावट से सुसज्जित किया गया है।
श्रद्धालुओं की आस्था
कन्नौज निवासी श्रद्धालु राजीव कुमार ने कहा, 'मां के दरबार में हम बचपन से ही आ रहे हैं। मां की मान्यता काफी ज़्यादा है। मां से मांगी गई सभी मुरादें पूरी हो जाती हैं। मां के दरबार में आने से संतान की प्राप्ति होती है। मां के दरबार में आने से मन शांत हो जाता है और काफी अच्छा लगता है।'
मध्य प्रदेश के देवास में भी उत्साह
यह ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में शारदीय नवरात्रि का उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। मध्य प्रदेश के देवास में भी नवरात्रि के पहले दिन भक्त मां चामुंडा और मां तुलजा भवानी मंदिर में सुबह की आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में पहुँचे। वहाँ बड़ी माता मंदिर के पुजारी हर्षल ने कहा, 'आज शारदीय नवरात्रि का पहला दिन है। हर व्यक्ति और भक्त की इच्छा होती है कि वह पहले ही दिन मां के दर्शन करे। पहले दिन दर्शन करने को जीवन में एक नई शुरुआत माना जाता है। मंदिर सदियों पुराना है और मां स्वयं यहाँ साक्षात प्रकट हुई थीं।' आने वाले नौ दिनों में कन्नौज और देवास दोनों स्थानों पर श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।