दिल्ली-एनसीआर में मानसून की कमज़ोरी से लौटी गर्मी, आनंद विहार का AQI 376 के पार
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 29 अगस्त से मानसून की सक्रियता में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिसके चलते दिल्ली-एनसीआर में तापमान एक बार फिर चढ़ने लगा है और कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खतरनाक स्तर तक पहुँच गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, जो बारिश के दिनों की तुलना में स्पष्ट उछाल है।
मौसम का ताज़ा हाल और आगामी पूर्वानुमान
मौसम विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान के मुताबिक 29 अगस्त को दिल्ली में अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है, लेकिन भारी बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
30 और 31 अगस्त को भी तापमान इसी स्तर पर बने रहने का अनुमान है — अधिकतम 36 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री। इन दिनों आर्द्रता 60 से 75 प्रतिशत के बीच रह सकती है। सितंबर की शुरुआत से मामूली राहत मिलने के संकेत हैं — 1 सितंबर को अधिकतम 34 डिग्री और 2-3 सितंबर को यह घटकर 33 डिग्री तक आ सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 24-25 डिग्री रहने का अनुमान है।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता की स्थिति
तापमान बढ़ने के साथ ही दिल्ली के कई निगरानी केंद्रों पर AQI तेज़ी से बिगड़ा है। उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार आनंद विहार में AQI 376 दर्ज किया गया, जो 'बेहद खराब' श्रेणी में आता है। मथुरा रोड पर 181, अशोक विहार में 142, अलीपुर में 138, बुराड़ी क्रॉसिंग में 134, आया नगर में 128 और कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 114 AQI रहा।
अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति वाले इलाकों में चांदनी चौक का AQI 85 और कैंटोनमेंट क्षेत्र का 71 दर्ज हुआ, जो दर्शाता है कि राजधानी के भीतर वायु गुणवत्ता में व्यापक असमानता है।
नोएडा और गाज़ियाबाद में प्रदूषण के आँकड़े
नोएडा के चार सक्रिय मॉनिटरिंग स्टेशनों पर भी स्थिति चिंताजनक रही। सेक्टर-116 में सर्वाधिक 187, सेक्टर-1 में 148, सेक्टर-125 में 174 और सेक्टर-62 में 128 AQI दर्ज किया गया — सभी स्टेशन ग्रीन श्रेणी से काफी ऊपर हैं।
गाज़ियाबाद में स्थिति मिश्रित रही। लोनी में AQI 206 के साथ सबसे प्रदूषित रहा, जबकि संजय नगर में 42 और गोविंदपुरम में 49 के साथ हवा अपेक्षाकृत साफ रही। वसुंधरा में 177, वेद विहार-लोनी में 140 और इंदिरापुरम में 83 AQI दर्ज हुआ।
विशेषज्ञों की राय
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बारिश की गतिविधियाँ कम होने, हवा की गति में बदलाव और वातावरण में नमी के चलते प्रदूषक तत्वों के फैलाव की क्षमता प्रभावित हो रही है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली-एनसीआर पहले से ही मौसमी प्रदूषण के प्रति संवेदनशील है और अक्टूबर-नवंबर में पराली जलाने का मौसम करीब आ रहा है।
आगे की चुनौती
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है, लेकिन बढ़ता तापमान और कई इलाकों में खराब AQI दिल्ली-एनसीआर के निवासियों के लिए दोहरी चुनौती बनता दिख रहा है। सितंबर के पहले सप्ताह में तापमान में मामूली गिरावट से कुछ राहत मिल सकती है, परंतु वायु गुणवत्ता पर निरंतर नज़र रखना आवश्यक होगा।