मदनलाल खुराना की आठवीं पुण्यतिथि: भाजपा नेताओं ने 'दिल्ली के शेर' को दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता मदनलाल खुराना की आठवीं पुण्यतिथि पर 27 अक्टूबर 2026 को भाजपा नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और भाजपा विधायक हरीश खुराना ने इस अवसर पर खुराना के योगदान को याद किया। नेताओं ने उन्हें दिल्ली का विकास पुरुष और 'दिल्ली का शेर' बताते हुए उनकी दूरदर्शी शासन-शैली और जनसेवा के भाव को रेखांकित किया।
मुख्य श्रद्धांजलि और नेताओं के उद्गार
हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि मदनलाल खुराना केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक सुधारक थे, जिन्होंने मुख्यमंत्री और अन्य ज़िम्मेदारियों पर रहते हुए हमेशा दिल्ली और दिल्लीवासियों की चिंता की। उन्होंने कहा, 'मुझे अच्छी तरह याद है कि 1993 के चुनाव में किए गए सौ वादों पर उन्होंने ढाई साल से भी पहले काम शुरू कर दिया था।'
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने खुराना के उस कथन को याद किया जिसमें उन्होंने कहा था कि दिल्ली की डेढ़ करोड़ आबादी उनके लिए देवी-देवता के समान है और वे स्वयं उस मंदिर के पुजारी हैं। गुप्ता ने यह भी कहा कि खुराना का मानना था, 'राजनीति में मतभेद होना आवश्यक है, लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए।'
विधायक हरीश खुराना, जो मदनलाल खुराना के पुत्र हैं, ने भावुक होते हुए कहा कि उनके पिता जन-जन के नेता थे। उन्होंने बताया कि 1993 में मेट्रो परियोजना को आगे बढ़ाने की पहल उनके नेतृत्व में शुरू हुई, जिसे बाद में शीला दीक्षित और अन्य सरकारों ने आगे बढ़ाया।
दिल्ली के विकास में मदनलाल खुराना का योगदान
हर्ष मल्होत्रा के अनुसार, खुराना ने मुख्यमंत्री रहते हुए दिल्ली को डी-कंजेस्ट करने के लिए फ्लाईओवरों की योजना बनाई, पीने के पानी की लाइनों की रीमॉडलिंग का कार्य शुरू किया और सीवर व्यवस्था में सुधार के प्रयास किए। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली में जो विकास दिखाई देता है, उसमें कहीं न कहीं खुराना की योजनाओं और सोच का भी योगदान है।
गौरतलब है कि विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि खुराना ने निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार के लिए गंगा जल उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की। मल्होत्रा ने यह भी जोड़ा कि खुराना की बनाई हुई अनेक योजनाओं को बाद में कांग्रेस सरकार ने भी लागू किया, जो उनकी दूरदर्शिता का प्रमाण है।
राजनीतिक शुचिता का प्रतीक
हर्ष मल्होत्रा ने खुराना की राजनीतिक ईमानदारी का ज़िक्र करते हुए बताया कि जब उनका नाम एक डायरी में आने को लेकर विवाद हुआ, तो उन्होंने राजनीतिक शुचिता का परिचय देते हुए स्वयं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। यह घटना आज भी भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए एक मार्गदर्शक उदाहरण के रूप में याद की जाती है।
विजेंद्र गुप्ता ने खुराना को संघर्ष की पहचान बताते हुए कहा कि विद्यार्थी परिषद से जुड़ने के बाद जब वे दिल्ली आए, तब से लेकर जीवनपर्यंत वे दिल्ली की राजनीति में सक्रिय रहे — चाहे वे संसद सदस्य रहे हों, केंद्रीय मंत्री रहे हों, मुख्यमंत्री रहे हों या विपक्ष के नेता।
हरीश खुराना का भावुक संदेश
हरीश खुराना ने मोती नगर की जनता का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें उनके पिता के पुत्र के रूप में जो स्नेह और समर्थन मिला है, वे उसके लिए कृतज्ञ हैं। उन्होंने झुग्गी बस्तियों के विकास, सेवा बस्तियों, कॉलोनियों के विकास और अनधिकृत कॉलोनियों की समस्याओं समेत हर क्षेत्र में खुराना के कार्यों को याद किया।
आगे क्या
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि खुराना का दिल्ली के लिए जो सपना था, उसे आगे बढ़ाने के लिए आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार दिल्ली के विकास हेतु कार्य कर रही है। भाजपा नेताओं ने संकल्प लिया कि वे खुराना के दिखाए मार्ग पर चलते हुए जनसेवा जारी रखेंगे।