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मधुबनी में दो बाइकों की भीषण टक्कर: तीन की मौत, दो गंभीर रूप से घायल

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मधुबनी में दो बाइकों की भीषण टक्कर: तीन की मौत, दो गंभीर रूप से घायल

सारांश

मधुबनी के लादानिया थाना क्षेत्र में गणेश चौक के पास दो तेज रफ्तार मोटरसाइकिलों की भीषण टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई। सचिन कुमार कामत, राजन नदाफ और रोक्सो खातून की मौके पर जान गई; दो घायल दरभंगा रेफर। परिजनों ने FIR और पोस्टमार्टम से इनकार किया।

मुख्य बातें

मधुबनी जिले के लादानिया थाना क्षेत्र में गणेश चौक के पास दो मोटरसाइकिलों की टक्कर में तीन लोगों की मौत हुई।
मृतकों की पहचान सचिन कुमार कामत , राजन नदाफ और उनकी पत्नी रोक्सो खातून के रूप में हुई।
घायल सुजीत कुमार कामत और 18 वर्षीय करण कुमार को दरभंगा रेफर किया गया।
परिजनों ने आपसी सहमति से FIR दर्ज न करने और पोस्टमार्टम न कराने का लिखित अनुरोध किया।
घटना ने बिहार की ग्रामीण सड़कों पर तेज रफ्तार और सुरक्षा की कमी को लेकर चिंता बढ़ाई।

बिहार के मधुबनी जिले में शनिवार, 31 मई 2025 को दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने की टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। लादानिया पुलिस थाना क्षेत्र के पद्म पंचायत में गणेश चौक के निकट हुई इस दुर्घटना ने सीमावर्ती इलाके में शोक की लहर फैला दी है।

दुर्घटना का घटनाक्रम

लादानिया थाना प्रभारी (एसएचओ) अनूप कुमार के अनुसार, दोनों मोटरसाइकिलें तेज गति में थीं और गणेश चौक के पास अनियंत्रित होकर आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों सवारों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

मृतकों में एक की पहचान सचिन कुमार कामत के रूप में हुई है, जो दुर्घटना के समय कुमारखाट से जयनगर की ओर जा रहे थे। दूसरी मोटरसाइकिल पर राजन नदाफ और उनकी पत्नी रोक्सो खातून सवार थे, जो बासोपत्ती ब्लॉक के कड़वाही गांव से लादानिया स्थित अपने ससुराल जा रहे थे।

घायलों की स्थिति

दुर्घटना में घायल हुए दोनों व्यक्तियों को तत्काल उपमंडल अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए प्रारंभिक उपचार के बाद दरभंगा रेफर कर दिया। घायलों की पहचान श्रीदेव कामत के पुत्र सुजीत कुमार कामत (निवासी खुतौना) और रामाख्त निवासी 18 वर्षीय करण कुमार के रूप में हुई है।

पुलिस की कार्रवाई और परिजनों का निर्णय

घटना की सूचना मिलते ही लादानिया पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। एक उल्लेखनीय घटनाक्रम में, तीनों मृतकों के परिजनों ने आपसी सहमति से कानूनी कार्रवाई न करने का निर्णय लिया। पीड़ितों के पिताओं ने पुलिस को लिखित आवेदन देकर एफआईआर दर्ज न करने और पोस्टमार्टम न कराने का अनुरोध किया।

अनिवार्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने परिजनों की इच्छा का सम्मान करते हुए शव अंतिम संस्कार के लिए परिवारों को सौंप दिए।

सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल

इस त्रासदी ने मधुबनी जिले की ग्रामीण सड़कों पर सुरक्षा और तेज गति से वाहन चलाने की प्रवृत्ति को लेकर एक बार फिर चिंता जगा दी है। स्थानीय निवासी एक ही हादसे में तीन जिंदगियों के चले जाने पर गहरे सदमे में हैं। गौरतलब है कि बिहार की ग्रामीण सड़कों पर तेज रफ्तार और संकरे मार्गों के कारण इस तरह के हादसे बार-बार सामने आते रहे हैं।

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य सरकार सड़क सुरक्षा अभियानों को लेकर जागरूकता फैलाने का प्रयास कर रही है। आगे की जांच और घायलों की स्थिति पर नज़र बनाए रखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी। परिजनों का FIR और पोस्टमार्टम से इनकार कानूनी दृष्टि से असामान्य है और यह सवाल उठाता है कि क्या पीड़ित परिवारों पर किसी तरह का दबाव था या यह सच में आपसी सहमति थी। राज्य में सड़क हादसों में मौतों के आंकड़े हर साल बढ़ रहे हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवर्तन और जागरूकता अभी भी अपर्याप्त बनी हुई है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मधुबनी में मोटरसाइकिल दुर्घटना कहाँ और कब हुई?
यह दुर्घटना शनिवार को मधुबनी जिले के लादानिया थाना क्षेत्र में पद्म पंचायत के गणेश चौक के पास हुई। दो तेज रफ्तार मोटरसाइकिलें आमने-सामने टकरा गईं, जिससे तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
मधुबनी दुर्घटना में कौन मारे गए?
मृतकों में सचिन कुमार कामत (जो कुमारखाट से जयनगर जा रहे थे), राजन नदाफ और उनकी पत्नी रोक्सो खातून शामिल हैं। राजन और रोक्सो कड़वाही गांव से लादानिया अपने ससुराल जा रहे थे।
घायलों का इलाज कहाँ हो रहा है?
दोनों घायलों — सुजीत कुमार कामत और 18 वर्षीय करण कुमार — को पहले उपमंडल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए दरभंगा रेफर कर दिया गया।
परिजनों ने FIR और पोस्टमार्टम से इनकार क्यों किया?
मृतकों के परिजनों ने आपसी सहमति से कानूनी कार्रवाई न करने का फैसला किया और पुलिस को लिखित आवेदन दिया। पुलिस ने अनिवार्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिवारों को सौंप दिए।
इस दुर्घटना से क्या सड़क सुरक्षा संबंधी चिंताएं उठी हैं?
इस हादसे ने मधुबनी और बिहार की ग्रामीण सड़कों पर तेज रफ्तार वाहन चलाने और यातायात नियमों की अनदेखी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय निवासी ग्रामीण मार्गों पर बेहतर सड़क सुरक्षा उपायों की माँग कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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