मध्य प्रदेश में 12 IPS अधिकारियों के तबादले, नर्मदापुरम-बैतूल समेत 5 जिलों के SP बदले
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश सरकार ने 29 अक्टूबर 2026 को पुलिस प्रशासन में व्यापक फेरबदल करते हुए 12 भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए। गृह विभाग द्वारा जारी इस तबादला सूची के तहत नर्मदापुरम, बैतूल, पन्ना, हरदा और अलीराजपुर जिलों के पुलिस अधीक्षकों को नई जिम्मेदारियाँ दी गई हैं। इसके अतिरिक्त पुलिस मुख्यालय, नगरीय पुलिस और विशेष सशस्त्र बल की कई वाहिनियों में भी अधिकारियों की तैनाती बदली गई है।
मुख्य घटनाक्रम
नर्मदापुरम में अब तक तैनात पुलिस अधीक्षक साईंकृष्णा एस. थोटा के स्थान पर दीपक कुमार शुक्ला को पदस्थ किया गया है। शुक्ला इससे पूर्व उज्जैन में 32वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल के सेनानी के रूप में सेवारत थे। थोटा को अब पुलिस मुख्यालय, भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक का पद सौंपा गया है।
बैतूल के पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन की जगह अमित सक्सेना को जिले की कमान दी गई है। सक्सेना पहले पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक के पद पर कार्यरत थे। जैन को भोपाल नगरीय पुलिस में पुलिस उपायुक्त के रूप में नियुक्त किया गया है।
पन्ना, हरदा और अलीराजपुर में बदलाव
पन्ना की पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू के स्थान पर सव्यसाची सराफ को भेजा गया है। सराफ इससे पहले इंदौर में पुलिस अधीक्षक, साइबर के पद पर तैनात थे। नायडू को सागर स्थित 10वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल का सेनानी बनाया गया है।
हरदा में पुलिस अधीक्षक शशांक का स्थान अब अंकित जायसवाल लेंगे, जो इससे पहले भोपाल में पुलिस अधीक्षक, रेल के पद पर कार्यरत थे। वहीं अलीराजपुर में तैनात पुलिस अधीक्षक रघुवंश कुमार सिंह को पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिरीक्षक के पद पर पदस्थ किया गया है। उनकी जगह समर वर्मा को अलीराजपुर का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वर्मा इससे पूर्व उज्जैन में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के पुलिस अधीक्षक थे।
विशेष सशस्त्र बल में भी फेरबदल
तबादला आदेशों के तहत विशेष सशस्त्र बल की विभिन्न वाहिनियों में भी अधिकारियों की जिम्मेदारियाँ बदली गई हैं। अभिषेक आनंद को प्रथम वाहिनी विशेष सशस्त्र बल, इंदौर से स्थानांतरित कर 15वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल, इंदौर का सेनानी नियुक्त किया गया है। इसी क्रम में श्रुतकीर्ति सोमवंशी को ग्वालियर स्थित विशेष सशस्त्र बल की दूसरी वाहिनी का सेनानी बनाया गया है; वह इससे पहले ग्वालियर में ही एक अन्य वाहिनी में पदस्थ थीं।
प्रशासनिक संदर्भ और महत्त्व
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में इस तरह के बड़े पुलिस फेरबदल प्रायः प्रशासनिक समीक्षा और जमीनी जरूरतों के आधार पर किए जाते हैं। पाँच जिलों के पुलिस अधीक्षकों के एक साथ बदले जाने से स्पष्ट है कि राज्य सरकार ने जिला स्तर की पुलिस व्यवस्था में व्यापक पुनर्संरचना को प्राथमिकता दी है। यह फेरबदल ऐसे समय में आया है जब कई जिलों में कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियाँ सामने हैं। नए अधिकारियों की तैनाती से इन क्षेत्रों में पुलिसिंग की दिशा और कार्यशैली में बदलाव अपेक्षित है।