रीवा संभाग बैठक में मध्य प्रदेश कांग्रेस की जमीनी रणनीति तय, बूथ स्तर तक संगठन मज़बूत करने का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार की नीतियों के विरुद्ध व्यापक जमीनी अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में 7 अक्टूबर 2026 को भोपाल स्थित इंदिरा भवन में विंध्य क्षेत्र के रीवा संभाग के 6 जिलों के पार्टी पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी चुनावी रणनीति पर विस्तृत मंथन हुआ। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मध्य प्रदेश के लगातार दो दौरों के बाद पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की मुहिम में जुट गई है।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में रीवा संभाग के अंतर्गत आने वाले रीवा, मैहर, मऊगंज, सतना, सीधी और सिंगरौली जिलों के जिला अध्यक्षों, विधानसभा प्रभारियों और जिला प्रभारियों ने भाग लिया। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और प्रदेश महासचिव गौरव रघुवंशी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। बैठक में सांगठनिक रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बूथ स्तर तक संगठन सशक्त करने पर ज़ोर
बैठक में दावा किया गया कि कांग्रेस अपने संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मज़बूत करने के लिए पूरी तरह तत्पर है। पटवारी ने कहा कि पार्टी पूरी एकजुटता और जोश के साथ जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ने को तैयार है। गौरतलब है कि विंध्य क्षेत्र वह इलाका है जहाँ किसी दौर में कांग्रेस बेहद मज़बूत स्थिति में हुआ करती थी — राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह, गोविंद नारायण सिंह और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह इसी क्षेत्र से आते हैं।
नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव: विधानसभा का सेमीफाइनल
राज्य में विधानसभा चुनाव भले ही लगभग दो साल बाद होने हैं, परंतु उससे पहले नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव होने हैं, जिन्हें विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जाता है। इन चुनावों में अपनी ताकत साबित करना कांग्रेस की प्राथमिकता है, और इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए संभागवार बैठकों का सिलसिला शुरू किया गया है।
राहुल गांधी के दौरों से कार्यकर्ताओं में उत्साह
हाल ही में राहुल गांधी ने इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में शिरकत की और बालाघाट में कुपोषण एवं बीमारियों से बच्चों की मौत के मामले में पीड़ित परिवारों से मिले। इन दो महत्वपूर्ण दौरों ने पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरी है। कांग्रेस इस उत्साह को जमीनी स्तर पर संगठनात्मक शक्ति में बदलने की कोशिश में है। यह ऐसे समय में आया है जब BJP अपनी सत्ता में वापसी की जड़ें और गहरी करने में लगी है। आने वाले हफ्तों में अन्य संभागों की भी इसी तरह की बैठकें आयोजित होने की संभावना है।