7 अक्टूबर 2026
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रीवा संभाग बैठक में मध्य प्रदेश कांग्रेस की जमीनी रणनीति तय, बूथ स्तर तक संगठन मज़बूत करने का संकल्प

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रीवा संभाग बैठक में मध्य प्रदेश कांग्रेस की जमीनी रणनीति तय, बूथ स्तर तक संगठन मज़बूत करने का संकल्प

सारांश

विंध्य क्षेत्र में अपनी ऐतिहासिक ज़मीन वापस पाने की कोशिश में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने रीवा संभाग के 6 जिलों की समीक्षा बैठक कर बूथ स्तर तक संगठन मज़बूत करने का संकल्प लिया। राहुल गांधी के दो हालिया दौरों से उत्साहित पार्टी नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों को विधानसभा 2028 का सेमीफाइनल मानकर चल रही है।

मुख्य बातें

7 अक्टूबर 2026 को भोपाल के इंदिरा भवन में रीवा संभाग के 6 जिलों के कांग्रेस पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक हुई।
बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने की; पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और प्रदेश महासचिव गौरव रघुवंशी भी उपस्थित रहे।
कांग्रेस का लक्ष्य संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त करना और आगामी नगरीय निकाय व पंचायत चुनावों में ताकत दिखाना है।
राहुल गांधी के इंदौर और बालाघाट दौरों के बाद पार्टी ने जिलेवार बैठकों का सिलसिला शुरू किया है।
विंध्य क्षेत्र में कांग्रेस की पारंपरिक पकड़ रही है — पूर्व CM अर्जुन सिंह व गोविंद नारायण सिंह इसी क्षेत्र से जुड़े रहे हैं।

मध्य प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार की नीतियों के विरुद्ध व्यापक जमीनी अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में 7 अक्टूबर 2026 को भोपाल स्थित इंदिरा भवन में विंध्य क्षेत्र के रीवा संभाग के 6 जिलों के पार्टी पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी चुनावी रणनीति पर विस्तृत मंथन हुआ। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मध्य प्रदेश के लगातार दो दौरों के बाद पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की मुहिम में जुट गई है।

बैठक में कौन-कौन शामिल हुए

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में रीवा संभाग के अंतर्गत आने वाले रीवा, मैहर, मऊगंज, सतना, सीधी और सिंगरौली जिलों के जिला अध्यक्षों, विधानसभा प्रभारियों और जिला प्रभारियों ने भाग लिया। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और प्रदेश महासचिव गौरव रघुवंशी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। बैठक में सांगठनिक रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बूथ स्तर तक संगठन सशक्त करने पर ज़ोर

बैठक में दावा किया गया कि कांग्रेस अपने संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मज़बूत करने के लिए पूरी तरह तत्पर है। पटवारी ने कहा कि पार्टी पूरी एकजुटता और जोश के साथ जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ने को तैयार है। गौरतलब है कि विंध्य क्षेत्र वह इलाका है जहाँ किसी दौर में कांग्रेस बेहद मज़बूत स्थिति में हुआ करती थी — राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह, गोविंद नारायण सिंह और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह इसी क्षेत्र से आते हैं।

नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव: विधानसभा का सेमीफाइनल

राज्य में विधानसभा चुनाव भले ही लगभग दो साल बाद होने हैं, परंतु उससे पहले नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव होने हैं, जिन्हें विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जाता है। इन चुनावों में अपनी ताकत साबित करना कांग्रेस की प्राथमिकता है, और इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए संभागवार बैठकों का सिलसिला शुरू किया गया है।

राहुल गांधी के दौरों से कार्यकर्ताओं में उत्साह

हाल ही में राहुल गांधी ने इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में शिरकत की और बालाघाट में कुपोषण एवं बीमारियों से बच्चों की मौत के मामले में पीड़ित परिवारों से मिले। इन दो महत्वपूर्ण दौरों ने पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरी है। कांग्रेस इस उत्साह को जमीनी स्तर पर संगठनात्मक शक्ति में बदलने की कोशिश में है। यह ऐसे समय में आया है जब BJP अपनी सत्ता में वापसी की जड़ें और गहरी करने में लगी है। आने वाले हफ्तों में अन्य संभागों की भी इसी तरह की बैठकें आयोजित होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका समय और संदर्भ महत्वपूर्ण है — यह कांग्रेस की उस 'बॉटम-अप' रणनीति की शुरुआत है जो पार्टी 2023 की करारी हार के बाद से आज़मा रही है। असली सवाल यह है कि क्या बैठकों और घोषणाओं का यह सिलसिला ज़मीनी संगठन में वास्तविक बदलाव ला पाएगा, या यह महज़ एक प्रशासनिक कवायद बनकर रह जाएगा। विंध्य में कांग्रेस की ऐतिहासिक मौजूदगी एक संपत्ति है, लेकिन BJP ने पिछले एक दशक में वहाँ अपनी जड़ें काफी गहरी की हैं। नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव ही असली कसौटी होंगे जो बताएंगे कि यह पुनर्गठन अभियान असरदार है या सिर्फ़ कागज़ी।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रीवा संभाग की कांग्रेस बैठक किसलिए बुलाई गई?
यह बैठक मध्य प्रदेश में कांग्रेस की जमीनी रणनीति तय करने और संगठन को बूथ स्तर तक मज़बूत करने के लिए बुलाई गई। इसमें रीवा, मैहर, मऊगंज, सतना, सीधी और सिंगरौली जिलों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक की अध्यक्षता किसने की और कौन-कौन उपस्थित रहे?
बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने की। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और प्रदेश महासचिव गौरव रघुवंशी के अलावा रीवा संभाग के सभी जिला अध्यक्ष, विधानसभा प्रभारी और जिला प्रभारी उपस्थित रहे।
मध्य प्रदेश कांग्रेस अभी से चुनावी तैयारी क्यों कर रही है?
विधानसभा चुनाव से पहले नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव होने हैं, जिन्हें विधानसभा का सेमीफाइनल माना जाता है। कांग्रेस इन चुनावों में अपनी ताकत साबित करना चाहती है, इसलिए अभी से संगठनात्मक तैयारी शुरू की गई है।
राहुल गांधी के मध्य प्रदेश दौरों का कांग्रेस की रणनीति पर क्या असर पड़ा?
राहुल गांधी ने हाल ही में इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में भाग लिया और बालाघाट में कुपोषण से बच्चों की मौत के मामले में पीड़ितों से मिले। इन दौरों से पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ा है और इसी के चलते जिलेवार बैठकों का सिलसिला शुरू किया गया है।
विंध्य क्षेत्र कांग्रेस के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
विंध्य क्षेत्र में कांग्रेस की ऐतिहासिक रूप से मज़बूत उपस्थिति रही है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह और गोविंद नारायण सिंह, तथा पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह इसी क्षेत्र से जुड़े रहे हैं, इसलिए पार्टी यहाँ अपनी पारंपरिक पकड़ फिर से बहाल करने की कोशिश कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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