क्या मध्य प्रदेश सरकार इंदौर में वाटर ऑडिट कराएगी? - उमंग सिंघार
सारांश
Key Takeaways
- इंदौर में दूषित पानी की आपूर्ति को रोकने की आवश्यकता है।
- वाटर ऑडिट से जल गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए।
- नेता प्रतिपक्ष ने 20 नागरिकों की मृत्यु का जिक्र किया।
- भूरी टेकरी कॉलोनी की स्थिति चिंताजनक है।
- सरकार को तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।
भोपाल, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर इंदौर में दूषित पानी की आपूर्ति को रोकने और वाटर ऑडिट कराने की अपील की है। दरअसल, उमंग सिंघार ने इंदौर के मदीना नगर, खजराना, भूरी टेकरी, कृष्ण बाग, कनाडिया और बर्फानी धाम में वाटर ऑडिट किया था।
उनका आरोप है कि कई क्षेत्रों में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है, जो पीने योग्य नहीं है। उमंग सिंघार ने कहा कि इंदौर की भागीरथपुरा सहित कई कॉलोनियों में दूषित पेयजल के कारण अब तक 20 नागरिकों की मृत्यु हो चुकी है। वॉटर सैंपल में पानी पीने योग्य नहीं पाया गया, फिर भी सप्लाई जारी है। यह एक गंभीर प्रशासनिक अपराध है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से पत्र के माध्यम से कहा कि तत्काल स्वच्छ जल आपूर्ति, त्वरित वाटर ऑडिट और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि जनता का जीवन सर्वोपरि है, और भागीरथपुरा जैसी त्रासदी दोबारा नहीं होनी चाहिए।
उमंग सिंघार ने लिखा कि भूरी टेकरी कॉलोनी में स्थिति अत्यंत भयावह है, और यहां के निवासी गंदे वातावरण में जीवन जीने को मजबूर हैं। कई इलाकों में दूषित पानी की जलापूर्ति हो रही है, जिसे तुरंत रोका जाना चाहिए।