क्या महागठबंधन की 'वोटर अधिकार यात्रा' एक नई क्रांति की शुरुआत है? : रणदीप सुरजेवाला

सारांश
Key Takeaways
- वोटर अधिकार यात्रा एक नई क्रांति का प्रतीक है।
- बिहार में वोट चोरी के मामलों की जांच आवश्यक है।
- भाजपा और जदयू की चुप्पी सवाल उठाती है।
- सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा आवश्यक है।
- सीएजी की रिपोर्ट में 70,000 करोड़ की चोरी का खुलासा।
मधुबनी, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने मंगलवार को मधुबनी में 'वोटर अधिकार यात्रा' के संदर्भ में कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और महागठबंधन की यह यात्रा एक नई क्रांति की शुरुआत है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में निरंतर 'वोट चोरी' के मामले सामने आ रहे हैं।
उन्होंने एक प्रेस वार्ता में यह भी बताया कि राज्य में तीन विधानसभा क्षेत्रों, पिपरा, बगहा, और मोतिहारी में 3,590 ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें लगभग 80,000 वोट संदिग्ध हैं।
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने खुलासा किया कि कई घरों में सैकड़ों वोटर रजिस्टर्ड हैं, जो विभिन्न जातियों और धर्मों से जुड़े हैं। कुछ घरों में तो 500 से अधिक लोग वोटर के रूप में दर्ज हैं।
सुरजेवाला ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने पहले से ही भविष्यवाणी की थी कि 20 प्रतिशत वोट काटे जाएंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि उन्हें यह जानकारी कैसे मिली। उन्होंने यह भी कहा कि यदि चुनाव आयोग 65 लाख से अधिक वोट काटने पर चुप रहता है, तो यह मिलीभगत का सबूत है।
उन्होंने कहा कि बिहार में 65 लाख वोट काटे गए हैं, लेकिन भाजपा और जदयू ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। सुरजेवाला ने सीएजी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इसमें बिहार में 70,000 करोड़ की चोरी का उल्लेख है। यह यात्रा सभी तरह के अधिकारों की वापसी की लड़ाई है।