क्या महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष ने विधानसभा स्पीकर पर आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया?

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क्या महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष ने विधानसभा स्पीकर पर आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया?

सारांश

क्या महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष ने विधानसभा स्पीकर पर गंभीर आरोप लगाया है? जानें इस विवाद की पूरी कहानी और इसके संभावित राजनीतिक परिणाम।

Key Takeaways

  • आचार संहिता का उल्लंघन एक गंभीर मुद्दा है।
  • राहुल नार्वेकर के खिलाफ आरोपों की जांच आवश्यक है।
  • राजनीतिक दबाव के मामलों में निर्णय प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना चाहिए।
  • लोकतंत्र की रक्षा के लिए निष्पक्ष चुनाव जरूरी हैं।
  • सरकारी अधिकारियों का राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेना विवादास्पद है।

मुंबई, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी को एक पत्र भेजकर आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है।

उन्होंने यह भी कहा है कि विधानसभा स्पीकर के कार्यालय के उन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए जो नार्वेकर के रिश्तेदारों के लिए सक्रिय रूप से चुनाव प्रचार कर रहे हैं।

हर्षवर्धन सपकाल ने राज्य चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे को लिखे पत्र में यह मांग की है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि राहुल नार्वेकर ने चुनाव अधिकारियों पर विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन पत्र स्वीकार न करने का दबाव डाला। कांग्रेस ने मुंबई में BMC चुनावों के लिए आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर राहुल नार्वेकर और उनके समर्थित उम्मीदवारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

हर्षवर्धन सपकाल ने पत्र में लिखा है कि राज्य में नगर निगम चुनाव चल रहे हैं और आचार संहिता लागू है। लोकतंत्र में निष्पक्ष, पारदर्शी और निडर माहौल में चुनाव कराना आयोग का कर्तव्य है, लेकिन शिकायतें मिल रही हैं कि इन चुनावों में विपक्षी पार्टियों के उम्मीदवारों पर हर तरह से दबाव डाला जा रहा है और उन्हें अपने आवेदन वापस लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

उन्होंने लिखा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि विधानसभा के मौजूदा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने प्रशासन पर विपक्षी पार्टियों के उम्मीदवारों के आवेदन दाखिल न करने का दबाव डाला है और विपक्षी उम्मीदवारों को धमकाया है, जो बेहद गंभीर मामला है। राहुल नार्वेकर एक संवैधानिक पद पर हैं और उनके द्वारा इस तरह कानून का उल्लंघन करना लोकतंत्र की हत्या के समान है।

उन्होंने पत्र में यह भी बताया कि मुंबई के कोलाबा विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 225, 226 और 227 से राहुल नार्वेकर के भाई मकरंद नार्वेकर, बहन गौरव शिवालकर और भाभी हर्षदा नार्वेकर ने भाजपा से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है। उनके आवेदन दाखिल करते समय राहुल नार्वेकर स्वयं उपस्थित थे। जब शाम करीब 5 बजे आवेदन दाखिल करने की प्रक्रिया चल रही थी, तब राहुल नार्वेकर ने पुलिस के माध्यम से भाजपा उम्मीदवारों के खिलाफ आवेदन दाखिल कर रहे विपक्षी उम्मीदवारों को धमकाया और उन्हें आवेदन दाखिल करने से रोक दिया।

उन्होंने कहा कि एक अहम और संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति ने लोकतंत्र का मजाक उड़ाते हुए चुनाव प्रक्रिया में बाधा डाली है। उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई नगर निगम चुनाव में विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के परिवार के तीन सदस्य चुनाव लड़ रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के कार्यालय के 70 अधिकारी और कर्मचारी उनके प्रचार अभियान में काम कर रहे हैं। यदि सरकारी पदों पर बैठे अधिकारी और कर्मचारी किसी पार्टी के उम्मीदवार के चुनाव प्रचार में सक्रिय रूप से हिस्सा लेते हैं, तो यह कानून के अनुसार गलत है।

इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर के खिलाफ केस दर्ज किया जाए और भाजपा के चुनाव प्रचार में शामिल सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।

Point of View

ताकि लोकतंत्र की गरिमा बनी रहे।
NationPress
02/01/2026

Frequently Asked Questions

राहुल नार्वेकर पर आरोप क्या हैं?
राहुल नार्वेकर पर आरोप है कि उन्होंने विपक्षी उम्मीदवारों के आवेदन पत्र स्वीकार न करने का दबाव डाला और उनके खिलाफ धमकी दी।
हर्षवर्धन सपकाल ने किसे पत्र लिखा है?
हर्षवर्धन सपकाल ने महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी को पत्र लिखा है।
क्या कार्रवाई की मांग की गई है?
आचार संहिता के उल्लंघन के लिए राहुल नार्वेकर के खिलाफ केस दर्ज करने और उनके समर्थित उम्मीदवारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
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