क्या राहुल गांधी को धरातल की समझ नहीं है, हारने पर ईवीएम को देते हैं दोष?
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी को धरातल की वास्तविकता का ज्ञान नहीं है।
- कर्नाटक में 83% लोगों ने ईवीएम पर विश्वास जताया है।
- आरपी सिंह ने राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर सवाल उठाए।
- बुलेट ट्रेन सेवा 2027 में शुरू होने वाली है।
- कांग्रेस शासित राज्यों में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है।
नई दिल्ली, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के वरिष्ठ नेता आरपी सिंह ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें धरातल की वास्तविकता का ज्ञान नहीं है और वे जनता की भावनाओं को समझने में असफल हैं। उनका यह बयान उस समय पर आया है जब कर्नाटक में हुए एक सर्वेक्षण में 83 प्रतिशत से अधिक लोगों ने ईवीएम पर भरोसा जताया है।
आरपी सिंह ने नई दिल्ली में राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि जब भी राहुल गांधी चुनाव हारते हैं, तो वे हमेशा ईवीएम पर सवाल उठाते हैं, लेकिन कर्नाटक में तो कांग्रेस की सरकार है और वहां की जनता ने एक नए सर्वे में यह स्पष्ट किया है कि उन्हें ईवीएम पर विश्वास है।
उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी जमीन से कटे हुए हैं। चुनावी हार का दोष किसी और पर डालना तो उन्हें आना ही चाहिए, इसलिए वे हर बार ईवीएम को दोषी ठहराते हैं। आरपी सिंह ने बताया कि राहुल गांधी विदेशों में भारत विरोधी तत्वों के साथ मिलकर भारत के खिलाफ एजेंडा बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
तेलंगाना, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश की स्थिति पर उन्होंने कहा कि वहां कांग्रेस की सरकारें घाटे में चल रही हैं और कानून-व्यवस्था बिगड़ रही है। वहीं, भाजपा शासित प्रदेशों में हमारी सरकारें बेहतरीन कार्य कर रही हैं।
बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति पर भाजपा नेता ने कहा कि भारत सरकार ने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। हमें उम्मीद है कि बांग्लादेश सरकार इस मामले में उचित कदम उठाएगी, क्योंकि वहां जो हो रहा है, वह अस्वीकार्य है। हिंदुओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी वहाँ की सरकार की है।
बुलेट ट्रेन के बारे में आरपी सिंह ने कहा कि पूरा देश इसका इंतजार कर रहा है। 15 अगस्त 2027 को बुलेट ट्रेन की पहली सेवा शुरू होगी और उसके कुछ महीनों बाद अन्य स्टेशन भी इस सेवा में शामिल होंगे।
कांग्रेस नेता नाना पटोले द्वारा राहुल गांधी की भगवान श्रीराम से तुलना पर भाजपा नेता ने कहा कि वे कल तक राम विरोधी थे। वे श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे और राम मंदिर नहीं गए। अब कांग्रेस नेता उन्हें राम बताकर परिवार की चाटुकारिता का परिचय दे रहे हैं।