महाराष्ट्र-गुजरात स्थापना दिवस: राष्ट्रपति मुर्मू और उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने दी हार्दिक शुभकामनाएं

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महाराष्ट्र-गुजरात स्थापना दिवस: राष्ट्रपति मुर्मू और उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने दी हार्दिक शुभकामनाएं

सारांश

1 मई को महाराष्ट्र और गुजरात के स्थापना दिवस पर देश के शीर्ष संवैधानिक पदाधिकारियों ने दोनों राज्यों की ऐतिहासिक विरासत और राष्ट्र निर्माण में योगदान को सराहा। राष्ट्रपति मुर्मू, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने एक्स पर अपने संदेशों में दोनों राज्यों की महान विभूतियों को याद किया।

Key Takeaways

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 1 मई 2025 को महाराष्ट्र दिवस और गुजरात स्थापना दिवस पर दोनों राज्यों को शुभकामनाएं दीं। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने महाराष्ट्र को सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सुधार का प्रतीक, तथा गुजरात को उद्यमशीलता और नवाचार का केंद्र बताया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुजरात को महात्मा गांधी और सरदार पटेल की जन्मभूमि के रूप में सम्मानित किया। राष्ट्रपति मुर्मू ने महाराष्ट्र के संदर्भ में छत्रपति शिवाजी महाराज , डॉ. बाबासाहब आंबेडकर और लोकमान्य तिलक जैसी विभूतियों का उल्लेख किया। 1 मई 1960 को बॉम्बे राज्य के विभाजन के बाद महाराष्ट्र और गुजरात अलग राज्य बने थे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 1 मई 2025 को महाराष्ट्र दिवस और गुजरात स्थापना दिवस के अवसर पर दोनों राज्यों के निवासियों को शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी-अपनी पोस्ट के माध्यम से उन्होंने दोनों राज्यों की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक समृद्धि और राष्ट्र निर्माण में योगदान को रेखांकित किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी दोनों राज्यों को बधाई संदेश दिए।

राष्ट्रपति मुर्मू का महाराष्ट्र को संदेश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महाराष्ट्र दिवस पर लिखा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की यह पवित्र भूमि राष्ट्र-भक्ति, साहस और स्वाभिमान की प्रेरणा देती है। उन्होंने महात्मा ज्योतिबा फुले, सावित्रीबाई फुले, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, गोपालकृष्ण गोखले और डॉ. बाबासाहब आंबेडकर जैसी महान विभूतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्होंने समाज और राष्ट्र को नई दिशा दी है। मुर्मू ने कामना व्यक्त की कि महाराष्ट्र निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहे और राज्य के निवासियों के जीवन में सुख-समृद्धि का संचार होता रहे।

राष्ट्रपति का गुजरात को बधाई संदेश

गुजरात स्थापना दिवस पर राष्ट्रपति मुर्मू ने विश्वभर में बसे गुजराती भाई-बहनों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने स्वामी दयानंद सरस्वती, महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल की जन्मस्थली के रूप में गुजरात की पहचान को रेखांकित किया। राष्ट्रपति ने कहा कि गुजरात के उद्यमी और प्रगतिशील लोगों ने अपने परिश्रम और प्रतिभा से विश्व में भारत का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि गुजरात के निवासी विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ते रहेंगे।

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन का संदेश

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने महाराष्ट्र दिवस पर कहा कि यह राज्य समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक सुधार और गतिशील प्रगति का प्रतीक है। उन्होंने उद्योग, कला, शिक्षा और लोक सेवा के क्षेत्रों में महाराष्ट्र के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। गुजरात स्थापना दिवस पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि उद्यमशीलता और नवाचार की भावना के लिए विख्यात इस राज्य ने भारत की आर्थिक शक्ति और सांस्कृतिक समृद्धि को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कामना की कि गुजरात समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छुए।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का बधाई संदेश

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुजरात स्थापना दिवस पर कहा कि गुजरात ने सदैव राष्ट्र की अर्थव्यवस्था, उद्यमिता और विकास को नई दिशा दी है। महात्मा गांधी और लौहपुरुष सरदार पटेल की जन्मभूमि होने के नाते गुजरात का स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण तक योगदान अतुलनीय है। महाराष्ट्र के स्थापना दिवस पर बिरला ने इस भूमि को संत-परंपरा की गहरी आध्यात्मिक विरासत और प्रगतिशील विचारों की परिचायक बताया। उन्होंने कहा कि कृषि से लेकर उद्योग, वित्त और सेवा क्षेत्र तक महाराष्ट्र ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में निरंतर योगदान दिया है।

दोनों राज्यों का ऐतिहासिक महत्व

गौरतलब है कि 1 मई 1960 को बॉम्बे राज्य के विभाजन के बाद महाराष्ट्र और गुजरात दो अलग राज्यों के रूप में अस्तित्व में आए थे। यह दिन दोनों राज्यों के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है। महाराष्ट्र देश की वित्तीय राजधानी मुंबई का घर है, जबकि गुजरात अपनी औद्योगिक प्रगति और उद्यमशीलता के लिए देशभर में जाना जाता है। प्रतिवर्ष इस अवसर पर देश के शीर्ष संवैधानिक पदाधिकारी दोनों राज्यों की जनता को बधाई देते हैं।

Point of View

लेकिन इस वर्ष इनका महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि दोनों राज्य अपनी-अपनी राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों के बीच खड़े हैं। गुजरात की औद्योगिक छवि और महाराष्ट्र की वित्तीय प्रधानता को रेखांकित करना केवल सांकेतिक नहीं है — यह केंद्र सरकार की उस प्राथमिकता को भी दर्शाता है जिसमें इन दोनों राज्यों को 'विकसित भारत' के मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। हालांकि, ऐसे औपचारिक संदेशों से परे, दोनों राज्यों में किसान संकट, बेरोज़गारी और शहरी-ग्रामीण असमानता जैसी वास्तविक चुनौतियाँ बनी हुई हैं, जिनका उल्लेख इन बधाई संदेशों में स्वाभाविक रूप से अनुपस्थित रहता है।
NationPress
01/05/2026

Frequently Asked Questions

महाराष्ट्र और गुजरात दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
महाराष्ट्र और गुजरात दिवस प्रतिवर्ष 1 मई को मनाया जाता है। 1 मई 1960 को बॉम्बे राज्य के भाषाई आधार पर विभाजन के बाद दोनों राज्य अलग अस्तित्व में आए थे, तभी से यह दिन दोनों राज्यों का स्थापना दिवस है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महाराष्ट्र दिवस पर क्या कहा?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महाराष्ट्र दिवस पर छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. बाबासाहब आंबेडकर, लोकमान्य तिलक और सावित्रीबाई फुले जैसी विभूतियों को याद किया। उन्होंने कामना की कि महाराष्ट्र निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहे।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने गुजरात स्थापना दिवस पर क्या संदेश दिया?
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने गुजरात को उद्यमशीलता और नवाचार की भावना के लिए विख्यात बताया। उन्होंने कहा कि गुजरात ने भारत की आर्थिक शक्ति और सांस्कृतिक समृद्धि को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुजरात दिवस पर क्या लिखा?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुजरात को महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल की जन्मभूमि बताते हुए कहा कि यह राज्य उद्योग, व्यापार, कृषि और नवाचार में निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने गुजरात को देश के अग्रणी विकास राज्यों में शामिल बताया।
महाराष्ट्र और गुजरात का राष्ट्र निर्माण में क्या योगदान है?
महाराष्ट्र देश की वित्तीय राजधानी मुंबई का घर है और कृषि, उद्योग, वित्त तथा सेवा क्षेत्र में देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है। गुजरात अपनी उद्यमशीलता, औद्योगिक प्रगति और महान स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत के कारण भारत के विकास में अग्रणी भूमिका निभाता है।
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