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क्या महाराष्ट्र सरकार वादों को भूल गई है, जैसे गजनी?

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क्या महाराष्ट्र सरकार वादों को भूल गई है, जैसे गजनी?

सारांश

एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने महाराष्ट्र सरकार को 'गजनी सरकार' कहा है, जो अपने वादों को भूल गई है। क्या यह सरकार वाकई अपने वादों पर खरी उतरने में असफल है? जानिए इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर उनकी राय और सरकार के खिलाफ उनके तीखे हमले।

मुख्य बातें

गजनी सरकार का आरोप: रोहित पवार ने सरकार को वादे भूलने के लिए जिम्मेदार ठहराया।
जन सुरक्षा विधेयक का विरोध: यह विधेयक बोलने की आजादी पर खतरा है।
अबू आजमी की जमानत: कार्रवाई की मांग की गई है।
राजनीतिक लाभ की बातें: विरोध को दबाने की कोशिश का आरोप।

मुंबई, 1 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने मंगलवार को महाराष्ट्र सरकार को 'गजनी सरकार' करार दिया। उन्होंने कहा कि गजनी की तरह यह सरकार भी किसानों, युवाओं, महिलाओं और स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़े अपने वादों को भूल गई है।

महाराष्ट्र विधानभवन में हुए एक प्रदर्शन के दौरान, एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने राज्य सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने सरकार की तुलना फिल्म ‘गजनी’ से करते हुए कहा, "गजनी वह व्यक्ति था जो सब कुछ भूल जाता था और ठीक उसी तरह यह सरकार भी किसानों, युवाओं, महिलाओं और स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़े अपने वादे भूल गई है। हम उन्हें याद दिलाने के लिए पोस्टर लेकर आए हैं। वे गजनी की तरह सब कुछ भूल जाते हैं, इसलिए हम उन्हें कर्जमाफी, रोजगार और अन्य वादों के बारे में याद दिलाते हैं, जिसे उन्हें पूरा करना होगा।"

रोहित पवार ने जन सुरक्षा विधेयक का भी विरोध जताया। उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "हम जन सुरक्षा विधेयक का विरोध करते हैं, क्योंकि ये विधेयक बोलने की आजादी और आंदोलन के संवैधानिक अधिकारों को खत्म कर देगा। जो भी इसका विरोध करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह बेहद खतरनाक बिल है। एक तरफ अमित शाह कहते हैं कि नक्सलवाद कम हो रहा है, दूसरी तरफ इस बिल को लाकर सरकार विरोध को दबा रही है। यह राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश है।"

अबू आजमी की बेल रिजेक्ट होने के सवाल पर रोहित पवार ने कहा, "हमने सुना है कि उनकी जमानत रद्द कर दी गई है। अब सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए और उन्हें जेल में डालना चाहिए क्योंकि जिस व्यक्ति ने इस तरह के चुनिंदा और बेहद निम्न स्तरीय बयान दिए, खासकर एक नेता ने स्पष्ट रूप से विधानमंडल सत्र को बाधित करने के लिए ऐसा किया है, तो उस पर कार्रवाई जरूर होनी चाहिए।"

रोहित पवार ने नसीरुद्दीन शाह के बयान पर कहा, "मैंने उनका बयान नहीं देखा है, लेकिन अगर वह पाकिस्तान का पक्ष लेते हैं, तो यह भारत में कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे विचारों का हम विरोध करते हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह नागरिकों के अधिकारों और उनकी उम्मीदों पर सीधा असर डालता है। इस मामले में, नागरिकों की आवाज़ को सुनना और उनकी चिंताओं को समझना हमारी जिम्मेदारी है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रोहित पवार ने महाराष्ट्र सरकार को क्यों 'गजनी सरकार' कहा?
उन्होंने कहा कि सरकार अपने वादों को भूल गई है, जैसे कि फिल्म 'गजनी' का मुख्य पात्र सब कुछ भूल जाता है।
क्या रोहित पवार जन सुरक्षा विधेयक का विरोध कर रहे हैं?
हाँ, उन्होंने कहा है कि यह विधेयक बोलने की आजादी और आंदोलन के संवैधानिक अधिकारों को खत्म कर देगा।
अबू आजमी की बेल रिजेक्ट होने पर रोहित पवार का क्या कहना है?
उन्होंने कहा कि सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए और उन्हें जेल में डालना चाहिए।
रोहित पवार ने नसीरुद्दीन शाह के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का पक्ष लेना भारत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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