क्या नागपुर में 8 से 14 दिसंबर तक महाराष्ट्र सरकार का शीतकालीन सत्र होगा?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या नागपुर में 8 से 14 दिसंबर तक महाराष्ट्र सरकार का शीतकालीन सत्र होगा?

सारांश

महाराष्ट्र विधानसभा का शीतकालीन सत्र 8 से 14 दिसंबर तक नागपुर में होगा। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधायी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। जानिए इस सत्र की खास बातें और चुनावों के बीच इसका क्या महत्व है।

मुख्य बातें

शीतकालीन सत्र 8 से 14 दिसंबर तक नागपुर में होगा।
सत्र में कई महत्वपूर्ण विधायी मुद्दों पर चर्चा होगी।
नागपुर का राजनीतिक और ऐतिहासिक महत्व है।
स्थानीय निकाय चुनाव 264 निकायों में कराए गए।
मतगणना 21 दिसंबर को होगी।

नागपुर, 3 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र विधानसभा का बहुप्रतीक्षित शीतकालीन सत्र 8 दिसंबर से 14 दिसंबर तक नागपुर में आयोजित किया जाएगा। राज्य सरकार ने यह निर्णय विधानभवन में हुई बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की महत्वपूर्ण बैठक में लिया।

बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री अजित पवार उपस्थित रहे।

यह सत्र कुल 7 दिनों का होगा, जिसमें कई महत्वपूर्ण विधायी और प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने बताया कि इस बार विधानसभा की मुख्य बैठकें 13 और 14 दिसंबर को होंगी, जो कि शनिवार और रविवार को पड़ रही हैं। इसके बावजूद, सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि दोनों दिन कार्यवाही सामान्य रूप से जारी रहेगी।

महाराष्ट्र का यह शीतकालीन सत्र परंपरागत रूप से नागपुर में ही होता है। नागपुर के राजनीतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए यह परंपरा वर्षों से चल रही है। इस बार सत्र का समय खास है क्योंकि यह राज्य के स्थानीय निकाय चुनावों के बीच आयोजित हो रहा है।

सत्र शुरू होने से पहले मंगलवार को राज्य के 264 स्थानीय निकायों में चुनाव कराए गए। वहीं, राज्य निर्वाचन आयोग ने 24 अन्य निकायों के चुनाव सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं के कारण 20 दिसंबर तक टाल दिए हैं।

इन 264 निकायों में से 76 निकायों के कुल 154 वार्डों में भी चुनाव 20 दिसंबर को होंगे। सभी 288 निकायों की मतगणना 21 दिसंबर को एक साथ होगी।

नागपुर केवल राजनीतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और भौगोलिक दृष्टि से भी बेहद खास शहर है। यहां का नागपुरी संतरा देशभर में प्रसिद्ध है। नागपुर को भारत का भौगोलिक केंद्र भी कहा जाता है। एक समय नागपुर मध्य प्रदेश का हिस्सा था, बाद में इसे महाराष्ट्र में शामिल किया गया।

अब सभी की निगाहें 8 दिसंबर से शुरू हो रहे सत्र पर टिकी हैं, जिसमें कई अहम प्रस्तावों और नीतियों पर चर्चा होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह राज्य की राजनीतिक स्थिरता को भी प्रभावित कर सकता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नागपुर में शीतकालीन सत्र कब शुरू होगा?
8 दिसंबर से 14 दिसंबर तक।
सत्र में कितने दिन चर्चा होगी?
सत्र कुल 7 दिनों का होगा।
क्या नागपुर में सत्र का कोई ऐतिहासिक महत्व है?
हां, नागपुर का राजनीतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है।
स्थानीय निकाय चुनाव कब हुए?
स्थानीय निकाय चुनाव मंगलवार को कराए गए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले