महिलाओं के सशक्तिकरण से देश की प्रगति: ज्योति वाघमारे का बयान
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण विधेयक का उद्देश्य महिलाओं को संसद में प्रतिनिधित्व देना है।
- ज्योति वाघमारे ने इस पहल के लिए सरकार की सराहना की।
- महिलाओं के सशक्तिकरण से देश का विकास होगा।
- महात्मा फूले का विचार कि एक महिला परिवार को शिक्षित करती है।
- शिवसेना हमेशा नारी सशक्तिकरण के लिए काम करती है।
ठाणे, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण विधेयक पर शिवसेना सांसद ज्योति वाघमारे ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि यह सभी महिलाओं के लिए एक बेहद प्रेरणादायक कदम है।
ज्योति वाघमारे ने कहा कि मैं इस कदम के लिए हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को बधाई देती हूं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से, वे देश की आधी जनसंख्या, अर्थात् महिलाओं को संसद में उचित प्रतिनिधित्व और मान-सम्मान देने जा रहे हैं, और मैं इसका दिल से स्वागत करती हूं।
उन्होंने कहा कि मैं राज्यसभा की सांसद बनकर जा रही हूं। शिवसेना के पास केवल एक सीट थी। आरक्षण की सुविधा नहीं थी। फिर भी, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एक महिला को राज्यसभा भेज रहे हैं। आरक्षण न होते हुए भी उन्होंने महिलाओं को सम्मान दिया। मेरे साथ ठाणे की महापौर भी हैं, जो एक महिला हैं। शिवसेना हमेशा नारी के सशक्तिकरण के लिए कार्यरत है।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने महिलाओं के लिए जितनी योजनाएं बनाई हैं, उतनी किसी अन्य मुख्यमंत्री ने नहीं। मैं शिवसेना की ओर से इस अधिनियम का स्वागत करती हूं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए आरक्षण लागू होने से न केवल महिलाओं को, बल्कि पूरे देश को भी लाभ होगा, क्योंकि महात्मा फूले ने कहा है कि यदि कोई पुरुष पढ़ता है तो वह अकेला पढ़ता है, लेकिन यदि एक महिला पढ़ती है तो वह पूरे परिवार को पढ़ाती है। इसी तरह, मुझे लगता है कि जितनी महिलाएं सशक्त होंगी, उतना ही देश सशक्त होगा. महिलाएं जितनी आगे बढ़ेंगी, देश भी उतना ही आगे बढ़ेगा।
ज्ञात हो कि भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने भी केंद्र सरकार के इस कदम की सराहना की। उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि एक महिला सांसद होने के नाते मुझे बहुत खुशी हो रही है।