क्या महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों में से 15 का नेतृत्व महिलाएं करेंगी?
सारांश
Key Takeaways
- महिलाओं का नेतृत्व: 15 नगर निगमों में महिलाएं मेयर बनेंगी।
- आरक्षण की प्रक्रिया: लॉटरी के माध्यम से मेयर पदों के लिए आरक्षण की घोषणा।
- राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव: महिलाओं की भागीदारी से राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव।
- भाजपा की चुनौती: मजबूत महिला चेहरा चुनने की चुनौती।
- गठबंधनों में खींचतान: स्थानीय स्तर पर सत्तारूढ़ गठबंधन में संघर्ष।
मुंबई, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों में से 15 में अब महिला मेयर का नेतृत्व रहेगा। राज्य की शहरी विकास मंत्री माधुरी मिसाल की उपस्थिति में गुरुवार को मेयर पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी का औपचारिक ऐलान किया गया।
इस लॉटरी के तहत देश के सबसे बड़े नगर निगम बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में ओपन कैटेगरी से महिला पार्षद मेयर बनेंगी।
हालांकि, राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन सत्ता तक पहुंचने का रास्ता सरल नहीं है। कई नगर निगमों में भाजपा को अपने सहयोगी दलों या स्थानीय निर्दलीय गुटों का सहारा लेना पड़ रहा है।
सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर भी स्थानीय स्तर पर खींचतान देखने को मिल रही है। राज्य नेतृत्व ने कई जगहों पर स्थानीय इकाइयों को यह छूट दी है कि जहां आपसी सहमति न बने, वहां वे गठबंधन साझेदारों के खिलाफ भी चुनाव लड़ सकते हैं।
इसी राजनीतिक हलचल के बीच शहरी विकास विभाग ने मेयर पदों के आरक्षण की घोषणा की। आरक्षण के तहत 29 में से एक सीट अनुसूचित जनजाति (एसटी), तीन अनुसूचित जाति (एससी), आठ अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), और 17 सीटें सामान्य (ओपन) वर्ग के लिए निर्धारित की गई हैं।
नगर निगमवार मेयर पदों की श्रेणियों की बात करें तो मुंबई (बीएमसी) में ओपन कैटेगरी महिला, ठाणे में एससी, कल्याण-डोंबिवली में एसटी पुरुष, नवी मुंबई में ओपन कैटेगरी- महिला, वसई-विरार में ओपन कैटेगरी- महिला/पुरुष, भिवंडी-निजामपुर में ओपन कैटेगरी- महिला/पुरुष, मीरा-भायंदर में ओपन कैटेगरी- महिला, उल्हासनगर में ओबीसी- महिला/पुरुष, पुणे में ओपन कैटेगरी- महिला, पिंपरी-चिंचवड़ में ओपन कैटेगरी- महिला/पुरुष, नागपुर में ओपन कैटेगरी- महिला, अहिल्यानगर (अहमदनगर) में ओबीसी- महिला, नासिक ओपन कैटेगरी- महिला, छत्रपति संभाजीनगर में ओपन कैटेगरी- महिला/पुरुष, अकोला में ओबीसी- महिला, अमरावती में ओपन कैटेगरी- महिला/पुरुष, लातूर में एससी- महिला, नांदेड़-वाघाला में ओपन कैटेगरी- महिला, चंद्रपुर में ओबीसी- महिला, धुले में ओपन कैटेगरी महिला, जलगांव में ओबीसी- महिला, मालेगांव में ओपन कैटेगरी- महिला, कोल्हापुर में ओबीसी- महिला/पुरुष, सांगली-मिरज-कुपवाड़ में जेनरल, सोलापुर में ओपन कैटेगरी- महिला/पुरुष, इचलकरंजी में ओबीसी- महिला/पुरुष, जालना में एससी- महिला, पनवेल में ओबीसी- महिला/पुरुष और परभणी में ओपन कैटेगरी- महिला/पुरुष की सीट आवंटित की गई हैं।
बीएमसी और पुणे नगर निगम में ओपन (महिला) आरक्षण होने से प्रमुख महिला पार्षदों के बीच कड़ी टक्कर तय मानी जा रही है। मुंबई में जहां भाजपा ने शिवसेना (यूबीटी) के लंबे वर्चस्व को तोड़ा है, वहीं पार्टी के सामने देश के सबसे अमीर नगर निगम की कमान संभालने के लिए मजबूत महिला चेहरा चुनने की चुनौती है।
कल्याण-डोंबिवली में एसटी आरक्षण ने बड़े गठबंधनों के सामने नई मुश्किल खड़ी कर दी है, क्योंकि इस श्रेणी में फिलहाल कुछ ही प्रमुख चेहरे मौजूद हैं। ऐसे में नए नेतृत्व के उभरने या रणनीतिक समर्थन की संभावनाएं भी बन रही हैं।