महिमा सिंह का असम सीएम पर तीखा जवाब, पवन खेड़ा की गिरफ्तारी को बताया 'मुंगेरी लाल का सपना'
सारांश
Key Takeaways
- महिमा सिंह का असम सीएम पर तीखा पलटवार।
- महिला आरक्षण विधेयक का महत्व।
- पवन खेड़ा की गिरफ्तारी के दावे को 'मुंगेरी लाल के हसीन सपने' कहा।
- महिलाओं की समझदारी पर जोर।
- भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाया।
गुवाहाटी, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस की मीडिया समन्वयक महिमा सिंह ने महिला आरक्षण विधेयक और असम विधानसभा में चल रहे आरोपों-प्रत्यारोपों पर अपनी विचारधारा व्यक्त की है। उन्होंने पवन खेड़ा को जेल में डालने की हिमंत बिस्वा सरमा की दावे को 'मुंगेरी लाल के हसीन सपने' करार दिया।
महिमा सिंह ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि महिला आरक्षण विधेयक का विरोध क्यों किया जाना चाहिए? महिलाएं इस देश की आधी आबादी हैं, और यह उनके अधिकारों की बात है। आरक्षण का उद्देश्य भेदभाव को खत्म करना है, जो सदियों से चला आ रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि यह एक पुरुष प्रधान समाज है। आरक्षण से महिलाओं को बराबरी का हक मिल सकेगा, लेकिन इसके लिए इसे सही नीति और नीयत से लागू करने की आवश्यकता है।
असम के मुख्यमंत्री द्वारा पवन खेड़ा पर कड़ी कानूनी कार्रवाई के बयान को महिमा सिंह ने 'मुंगेरी लाल के हसीन सपने' बताते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि वे बौखला गए हैं और अपना धैर्य खो चुके हैं। अब उन्हें यह समझ में नहीं आ रहा है कि असम की जनता को कैसे गुमराह किया जाए, क्योंकि सच सबके सामने आ गया है।
महिमा ने कहा कि पवन खेड़ा उनकी कमजोरियों पर हाथ रखते हैं, जिससे उन्हें परेशानी होती है।
महिलाओं के आरक्षण से भाजपा को चुनाव में क्या लाभ होगा, इस प्रश्न के उत्तर में महिमा ने कहा कि महिलाएं बेहद समझदार होती हैं। यह गलतफहमी है कि कोई उन्हें गुमराह कर सकता है। महिलाएं हमेशा आपके इरादों को भांप सकती हैं।
उन्होंने कहा कि असम में चालीस लाख महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ देने का प्रयास किया गया है ताकि वे वोट दें, लेकिन महिलाएं जानती हैं कि ये फायदे सिर्फ मीटिंग में बैठाने के लिए हैं। भाजपा उनकी सदस्यता करवाने और पैसे के बल पर उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रही है। असम की महिलाएं सब कुछ समझ रही हैं, और देश की महिलाएं भी जानती हैं।