इंदौर में दूषित पानी से बीमार मरीजों से मिलने अस्पताल पहुंचे कलेक्टर?
सारांश
Key Takeaways
- दूषित पानी के कारण जलजनित रोग फैल रहे हैं।
- कलेक्टर ने मरीजों से मुलाकात की और उपचार की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
- स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है।
- विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम को महू भेजा गया है।
- भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा।
इंदौर, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। इंदौर जिले के महू क्षेत्र के पट्टी बाजार और चंदर मार्ग में दूषित पेयजल के कारण जलजनित रोगों के मामले सामने आने पर कलेक्टर शिवम वर्मा गुरुवार की रात महू पहुंचे। उन्होंने स्थानीय अस्पताल जाकर भर्ती मरीजों से बातचीत की, उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली और चिकित्सकों के साथ उपचार की व्यवस्थाओं पर चर्चा की।
दूषित पानी के सेवन से बीमार हुए 9 मरीज इस समय अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि कुछ अन्य लोग अपने घरों पर उपचार ले रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड में है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव हसानी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग सुबह से ही मौके पर तैनात है। उन्होंने बताया कि इंदौर मेडिकल कॉलेज की विशेषज्ञ टीम के साथ-साथ अन्य अनुभवी डॉक्टरों को भी महू भेजा जा रहा है ताकि जरूरत पड़ने पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
इस दौरान क्षेत्रीय विधायक उषा ठाकुर भी अस्पताल पहुंचीं और उन्होंने मरीजों व उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्वास्थ्य विभाग को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी मरीज के उपचार में कोई कमी न रहे तथा आवश्यक दवाइयों और संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने महू कैंट बोर्ड को भी निर्देश दिए कि क्षेत्र में पेयजल की गुणवत्ता की तत्काल जांच कराई जाए और स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके साथ ही उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के रहवासियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।
कलेक्टर ने बताया कि अस्पताल में सभी मरीजों का उपचार निरंतर जारी है और शासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि सुबह से प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सर्वे शुरू किया जाएगा। सर्वे के दौरान जिन लोगों में बीमारी के लक्षण पाए जाएंगे, उन्हें तुरंत उपचार उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया जाएगा।
फिलहाल किसी भी मरीज की स्थिति गंभीर नहीं बताई जा रही है और भर्ती मरीजों में से कुछ को आज डिस्चार्ज किए जाने की संभावना है। प्रशासन द्वारा एहतियातन सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।