क्या 'बॉर्डर-2' के रिलीज पर सुनील शेट्टी को 'बॉर्डर' की याद आई?

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क्या 'बॉर्डर-2' के रिलीज पर सुनील शेट्टी को 'बॉर्डर' की याद आई?

सारांश

सुनील शेट्टी ने 'बॉर्डर-2' के रिलीज पर अपने पुराने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे 'बॉर्डर' उनके लिए केवल एक फिल्म नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी थी। उन्होंने अपने बेटे अहान शेट्टी को प्रेरित करते हुए कहा कि यह अनुभव केवल यादों का संग्रह नहीं है, बल्कि देश की सेवा का प्रतीक है।

Key Takeaways

  • 'बॉर्डर-2' का रिलीज और दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया
  • सुनील शेट्टी की पुरानी यादें और जिम्मेदारी
  • बेटे अहान के लिए प्रेरक संदेश
  • फिल्मों का समाज पर प्रभाव
  • अभिनेताओं की व्यक्तिगत कहानियाँ

मुंबई, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वरुण धवन, सनी देओल, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी की फिल्म 'बॉर्डर-2' अब सिनेमाघरों में उपलब्ध है।

फिल्म को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है, लेकिन इसी बीच, सुनील शेट्टी, जिन्होंने फिल्म 'बॉर्डर' में भैरो सिंह की भूमिका निभाई थी, को अपने पुराने दिनों की याद आई है। 1997 में रिलीज हुई 'बॉर्डर' की जिम्मेदारी आज भी अभिनेता पर है।

'बॉर्डर-2' के रिलीज पर, सुनील शेट्टी ने अपने बेटे अहान शेट्टी के लिए एक प्यारा नोट लिखा है, जिसमें उन्होंने अपनी फिल्म से जुड़े अनुभव साझा किए हैं। अभिनेता ने कहा कि बॉर्डर केवल उनकी फिल्म नहीं थी, बल्कि एक जिम्मेदारी थी, जिसे उन्होंने कैमरों के बंद होने के बाद भी निभाया। उन्होंने लिखा, "मेरे प्यारे बेटे अहान, आज मैं तुमसे कहना चाहता हूं कि मेरे लिए 'बॉर्डर' सिर्फ एक फिल्म नहीं थी। यह एक जिम्मेदारी बन गई जिसे मैंने कैमरे बंद होने के बाद भी निभाया। वर्षों बाद, तुम्हें वर्दी पहने देखना उस पल को फिर से जीवंत करता है। यह केवल पुरानी यादें नहीं हैं, बल्कि अनुशासन, बलिदान, मौन और साहस को याद दिलाती हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "यह फिल्म गौरव के बारे में नहीं है। यह युद्ध के बारे में नहीं है। यह हमें याद दिलाती है कि शांति क्यों महत्वपूर्ण है। सीमा वह स्थान नहीं है जहाँ देश समाप्त होता है, बल्कि वह स्थान है जहाँ साहस की शुरुआत होती है। कुछ कहानियाँ पर्दे पर नहीं रहतीं, बल्कि एक राष्ट्र के हृदय में बस जाती हैं। हमें कभी नहीं भूलना चाहिए कि वह वर्दी वास्तव में देश का प्रतीक है।"

1997 की 'बॉर्डर' में सुनील शेट्टी ने भैरो सिंह की भूमिका निभाई, जिन्होंने अपने देश की खातिर अपनी जान दांव पर लगाई थी। फिल्म में उनकी अदाकारी की बहुत सराहना की गई थी, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब उन्होंने 'बॉर्डर' करने से मना कर दिया था। जब उन्हें फिल्म ऑफर हुई, तो उन्होंने निर्माता जेपी दत्त का नाम सुनते ही इसे ठुकराने का फैसला कर लिया था।

अभिनेता ने जेपी दत्त के बारे में कई नकारात्मक बातें सुनी थीं कि वे सेट पर अपनी चलाते हैं और गुस्से में कुछ भी कह देते हैं। एक इंटरव्यू में सुनील शेट्टी ने कहा था कि 'बॉर्डर' से पहले उन्हें लगा था कि उनकी और दत्त साहब की नहीं बन पाएगी, इसलिए फिल्म करने से मना कर दिया था। हालांकि बाद में उन्होंने फिल्म को करने के लिए 'हाँ' कर दी।

Point of View

बल्कि अपने अनुभवों और जिम्मेदारियों के माध्यम से भी समाज को एक संदेश देते हैं। सुनील शेट्टी का यह उदाहरण हमें यह समझाता है कि कला और जीवन का गहरा संबंध है।
NationPress
12/03/2026

Frequently Asked Questions

क्या 'बॉर्डर-2' की कहानी 'बॉर्डर' से मिलती-जुलती है?
हाँ, 'बॉर्डर-2' में भी युद्ध और वीरता की कहानी दिखाई गई है, जो कि 'बॉर्डर' से संबंधित है।
सुनील शेट्टी ने 'बॉर्डर' में कौन सा किरदार निभाया?
सुनील शेट्टी ने 'बॉर्डर' में भैरो सिंह का किरदार निभाया था।
क्या 'बॉर्डर' फिल्म ने सुनील शेट्टी की करियर में मदद की?
बिल्कुल, 'बॉर्डर' ने सुनील शेट्टी को एक सफल अभिनेता के रूप में स्थापित किया।
क्या 'बॉर्डर-2' को दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है?
'बॉर्डर-2' को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
सुनील शेट्टी ने फिल्म 'बॉर्डर' करने से क्यों मना किया था?
उन्होंने निर्माता जेपी दत्त के बारे में नकारात्मक बातें सुनकर पहले फिल्म करने से मना कर दिया था।
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