क्या मकर संक्रांति 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' का बेहतरीन उदाहरण बन गई है?

Click to start listening
क्या मकर संक्रांति 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' का बेहतरीन उदाहरण बन गई है?

सारांश

तीसरे अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मकर संक्रांति को 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' का प्रबल उदाहरण बताया। इस कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक पहलुओं की चर्चा की गई और उम्मीद जताई गई कि यह महोत्सव देश में एकता का प्रतीक बनेगा।

Key Takeaways

  • मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण पर्व है।
  • यह पर्व सांस्कृतिक एकता और विविधता का प्रतीक है।
  • अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव ने दिल्ली को एक सांस्कृतिक केंद्र बना दिया है।
  • कृषि से जुड़े विभिन्न पर्व इस दिन मनाए जाते हैं।
  • यह महोत्सव भाईचारे और एकता को प्रोत्साहित करता है।

नई दिल्ली, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को तीसरे अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026 का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भाग लिया और मकर संक्रांति को 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के एक ठोस उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा कि यह पर्व भारत की सांस्कृतिक एकता और विविधता के बीच गहरे संबंध को दर्शाता है।

इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में नागरिक, अधिकारी और अतिथि इस उत्सव में शामिल हुए।

अपने संबोधन में अमित शाह ने देशवासियों, विशेषकर किसानों को मकर संक्रांति और विभिन्न फसल पर्वों की शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा, "मैं देशवासियों, खासकर हमारे किसानों को मकर संक्रांति, पोंगल, लोहड़ी, माघ बिहू और उत्तरायण की बधाई देता हूं। उत्तरायण देश के अलग-अलग हिस्सों में विभिन्न नामों से मनाया जाता है। यह एक महत्वपूर्ण पर्व है, क्योंकि हम सभी सूर्य भगवान पर बहुत अधिक निर्भर हैं।"

उन्होंने पर्व का महत्व बताते हुए कहा कि मकर संक्रांति उस दिन मनाई जाती है जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। देश के कई हिस्सों में इसे 'खिचड़ी उत्सव' के नाम से भी जाना जाता है। यह मुख्यतः किसानों का त्योहार है। इसी दिन से किसान अपना नया साल आरंभ करते हैं और नए कृषि चक्र की शुरुआत होती है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने इस भव्य आयोजन के लिए दिल्ली सरकार और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की प्रशंसा की।

उन्होंने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का तीसरा संस्करण एक अद्भुत पहल है, जिसे आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

अमित शाह ने कहा, "जो शुरुआत की गई है, उसे इस तरह आगे बढ़ाया जाना चाहिए कि यह आम जनता के लिए और अधिक सुलभ बने। यह महोत्सव देशभर के लोगों को दिल्ली से जोड़ने की क्षमता रखता है और भविष्य में यह एक राष्ट्रीय उत्सव बन सकता है।"

उन्होंने सुझाव दिया कि एक समर्पित समिति बनाई जाए, जो इस महोत्सव को और भव्य बनाने, जनता की भागीदारी बढ़ाने और इसे एक बड़े सांस्कृतिक आयोजन के रूप में विकसित करे। दिल्ली का पतंग महोत्सव पूरे देश के पतंग महोत्सवों का केंद्र बनना चाहिए।

'बांसेरा' पार्क का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि यह स्थल इस बात का उदाहरण है कि मजबूत संकल्प कैसे एक विचार को वास्तविकता में बदल सकता है।

उन्होंने कहा, "बांसेरा इस बात का प्रतीक है कि कैसे दृढ़ निश्चय एक विचार को एक खूबसूरत, वास्तविक स्थान में बदल सकता है। आज यह दिल्ली के लोगों के लिए एक बेहद आकर्षक स्थान बन गया है। दिल्ली सरकार ने लोगों को आकर्षित करने और इस प्राकृतिक स्थल का अधिकतम उपयोग करने के लिए उचित व्यवस्थाएं की हैं।"

उन्होंने यह भी बताया कि महोत्सव स्थल पर पतंगों के इतिहास को दर्शाने वाला एक थीम आधारित पवेलियन स्थापित किया गया है, जिसमें युद्ध के समय पतंगों की भूमिका को भी प्रदर्शित किया गया है।

महान संस्कृत कवि कालिदास का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा कि भारत हमेशा से उत्सवों का देश रहा है और यहां हर मौसम में उत्सव मनाए जाते हैं।

उन्होंने कहा, "भारत त्योहारों की भूमि है। आज डीडीए ने तीसरा अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव आयोजित किया है और आने वाले वर्षों में इसे और भव्य बनाने की आवश्यकता है।"

उन्होंने पतंगों के ऐतिहासिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। गृह मंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान के समय को याद करते हुए कहा, "साइमन कमीशन आंदोलन के दौरान पूरे देश ने ब्रिटिश शासन का विरोध किया था। उत्तरायण के दिन लोगों ने ‘गो बैक साइमन’ का संदेश लिखी पतंगों से आसमान भर दिया था। यह हमारी एकता और ताकत का प्रतीक था। उस समय पतंगों ने आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।"

अमित शाह ने कहा कि मकर संक्रांति, जो पंजाब में लोहड़ी, असम में माघ बिहू, गुजरात में उत्तरायण और बिहार तथा मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में मकर संक्रांति के नाम से मनाई जाती है, वास्तव में 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के विचार को जीवंत करती है।

उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह पतंग महोत्सव न केवल देशभर में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोकप्रिय होगा और दुनियाभर से लोग इसे देखने दिल्ली आएंगे।

इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह आयोजन लोगों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से गहराई से जोड़ता है।

उन्होंने कहा, "हालांकि इस रूप में पतंग महोत्सव दिल्ली के लिए नया है, लेकिन शहर का हर बच्चा गलियों, छतों और छज्जों से पतंग उड़ाते हुए बड़ा हुआ है। यह महोत्सव उन यादों को फिर से जीवंत करता है। मैं इस आयोजन के लिए दिल से बधाई और शुभकामनाएं देती हूं।"

वहीं उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा, "पतंग उड़ाना भारत की सबसे पुरानी परंपराओं में से एक है और एक अनोखी कला भी है, जो मौसम और त्योहारों से जुड़ी हुई है। यह महोत्सव सूर्य के उत्तरायण का प्रतीक है और हमारे देश में सूर्य सबसे पहले पूर्वी क्षेत्रों में उदय होता है।

Point of View

मकर संक्रांति का यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक है, बल्कि यह 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के सिद्धांत को भी मजबूत करता है। इससे देशवासियों में एकता और भाईचारे की भावना को बढ़ावा मिलता है।
NationPress
16/01/2026

Frequently Asked Questions

मकर संक्रांति किस दिन मनाई जाती है?
मकर संक्रांति उस दिन मनाई जाती है जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है।
अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव कब हुआ?
तीसरा अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026 का आयोजन 16 जनवरी, 2026 को हुआ।
केंद्रीय गृह मंत्री ने मकर संक्रांति के बारे में क्या कहा?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' का उदाहरण बताया और सभी को शुभकामनाएं दीं।
मकर संक्रांति को अन्य नाम क्या हैं?
मकर संक्रांति को अलग-अलग क्षेत्रों में लोहड़ी, माघ बिहू, और उत्तरायण जैसे नामों से जाना जाता है।
इस महोत्सव का उद्देश्य क्या है?
यह महोत्सव सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देने और देशभर के लोगों को एक साथ लाने का कार्य करता है।
Nation Press