ममता बनर्जी ने उर्दू में चुनावी घोषणापत्र पेश किया, गिरिराज सिंह ने किया हमला

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ममता बनर्जी ने उर्दू में चुनावी घोषणापत्र पेश किया, गिरिराज सिंह ने किया हमला

सारांश

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उर्दू में चुनावी घोषणापत्र जारी किया है। गिरिराज सिंह ने ममता के इस कदम को तुष्टीकरण की राजनीति करार दिया और आरोप लगाया कि यह पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश बनाने की योजना का हिस्सा है।

Key Takeaways

  • ममता बनर्जी ने उर्दू में चुनावी घोषणापत्र जारी किया।
  • गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि यह एक छिपा हुआ एजेंडा है।
  • पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल में भाजपा और टीएमसी के बीच टकराव है।
  • चुनाव 23 और 29 अप्रैल को होंगे।
  • राज्य की जनता इस बार निर्णायक भूमिका निभाएगी।

पटना, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के संदर्भ में, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उर्दू में अपना चुनावी घोषणापत्र प्रस्तुत किया है। इस कदम को लेकर भाजपा ने ममता पर भाषाई और तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ममता बनर्जी पर कड़ी आलोचना की।

शनिवार को पटना में मीडिया से बात करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी का यह निर्णय केवल एक घोषणापत्र जारी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक छिपा हुआ एजेंडा भी है। उनका दावा है कि यह एजेंडा शरिया कानून से संबंधित है और इसका उद्देश्य पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश के समान बनाना है। गिरिराज ने कहा कि राज्य की जनता, खासकर हिंदू समुदाय, इस कथित वास्तविकता को पहचान चुका है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस बार का चुनाव पश्चिम बंगाल के लिए जीओ या मरो की स्थिति में बदल गया है। उनका मानना है कि लोग इस बार निर्णायक भूमिका निभाएंगे और ऐसी नीतियों के खिलाफ मतदान करेंगे।

गिरिराज सिंह ने इससे पहले भी ममता बनर्जी की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि उनके 15 साल के कार्यकाल में ममता ने केवल तुष्टीकरण की राजनीति की है और कभी भी गंभीर मुद्दों पर चर्चा नहीं की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने गरीबी, बेरोजगारी, हिंसा और दुष्कर्म से संबंधित मामलों पर बातचीत नहीं की है और न ही कभी जवाब दिया है।

गौरतलब है कि भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने 15 मार्च 2026 को पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में, 23 अप्रैल को 152 सीटों और 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान होगा। वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर विभिन्न राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुटे हैं। एक ओर टीएमसी चौथी बार सत्ता में बने रहने की कोशिश कर रही है, वहीं भाजपा हर संभव प्रयास कर रही है कि वह सत्ता में आए।

Point of View

ममता बनर्जी की उर्दू में घोषणापत्र जारी करने से भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। गिरिराज सिंह का आरोप है कि यह एक साजिश है। ऐसे में जनता को अपने वोट की ताकत पहचाननी होगी।
NationPress
07/04/2026

Frequently Asked Questions

ममता बनर्जी ने चुनावी घोषणापत्र क्यों जारी किया?
उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के संदर्भ में उर्दू में घोषणापत्र जारी किया है।
गिरिराज सिंह ने ममता पर क्या आरोप लगाया?
गिरिराज सिंह ने ममता पर भाषाई और तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है।
चुनाव कब होंगे?
पश्चिम बंगाल में मतदान 23 और 29 अप्रैल को होगा।
गिरिराज सिंह का निर्वाचन आयोग के बारे में क्या कहना है?
उन्होंने चुनाव को लेकर जनता की निर्णायक भूमिका पर जोर दिया है।
टीएमसी और भाजपा की चुनावी रणनीति क्या है?
टीएमसी चौथी बार सत्ता में बने रहने की कोशिश कर रही है, जबकि भाजपा सत्ता में आने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
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