क्या ममता बनर्जी के धरना प्रदर्शन से कुछ होगा? भाजपा का समिक भट्टाचार्य का तंज
सारांश
Key Takeaways
- ममता बनर्जी का धरना प्रदर्शन राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।
- भाजपा का कहना है कि इससे कोई राजनीतिक फायदा नहीं होगा।
- पश्चिम बंगाल की जनता का भरोसा तृणमूल कांग्रेस से उठ चुका है।
दार्जिलिंग, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष और सांसद समिक भट्टाचार्य ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के धरना प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने पहले भी इस तरह के धरने किए हैं और इस बार भी इससे उन्हें कोई राजनीतिक फायदा नहीं मिलने वाला।
समिक भट्टाचार्य ने कहा, "पश्चिम बंगाल की जनता ने ममता बनर्जी को अपनाया था, लेकिन अब वे उन्हें छोड़ने वाली हैं।"
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में जनता का भरोसा तृणमूल कांग्रेस सरकार से उठ चुका है और इसका असर भविष्य में साफ दिखाई देगा।
धरना प्रदर्शन को लेकर उन्होंने कहा कि पूरा देश इस घटनाक्रम को देख रहा है। "धरना देने से क्या होगा? यह एक लोकतांत्रिक व्यवस्था है और लोगों को विरोध करने का अधिकार है, इसलिए उन्हें विरोध करने दीजिए।" इसके साथ ही उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सरकार ऐसे हालात में पुलिस और सीआईडी का इस्तेमाल करती रही है। इसलिए, अब तृणमूल कांग्रेस यह सोच रही है कि पूरे भारत में भी ईडी और सीबीआई का इस्तेमाल उसी तरह किया जा रहा है, जैसा पश्चिम बंगाल में राज्य सरकार करती है।
समिक भट्टाचार्य ने राज्य की कानून-व्यवस्था और संवैधानिक स्थिति पर भी सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल में संविधान नाम की कोई चीज नहीं बची है। यहां संवैधानिक व्यवस्था पूरी तरह से टूट चुकी है।" उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार लगातार देश के संघीय ढांचे की अवहेलना कर रही है।
एक तरफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी धरना प्रदर्शन के जरिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ भाजपा इसे राजनीतिक ड्रामा बताते हुए राज्य सरकार पर संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगा रही है।