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हिमाचल प्रदेश के मंडी में भूस्खलन से भारी तबाही? अब तक 6 की मौत, सीएम सुक्खू ने जताया दुख

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हिमाचल प्रदेश के मंडी में भूस्खलन से भारी तबाही? अब तक 6 की मौत, सीएम सुक्खू ने जताया दुख

सारांश

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में हाल ही में आए भूस्खलन ने तबाही मचाई है। इस घटना में 6 लोगों की जान चली गई है। राहत कार्य जारी है और सरकार ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। जानें पूरी खबर इस लेख में।

मुख्य बातें

हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन से 6 लोगों की मौत हुई है।
राहत और बचाव कार्य जारी है।
मुख्यमंत्री ने शोक व्यक्त किया है।
भारी बारिश के चलते हालात गंभीर बने हुए हैं।
स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें।

मंडी, 3 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सुंदरनगर में मंगलवार शाम को हुए भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। इस भूस्खलन के कारण अब तक 6 लोगों की मौत हो गई है।

दरअसल, मंडी के जंगम बाग बीबीएमबी कॉलोनी में पहाड़ी दरकने से दो घर मलबे की चपेट में आ गए थे, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई है।

जानकारी के अनुसार, घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य के बाद मलबे से तीन और शव बरामद किए गए हैं। इनमें सुरेंद्र कौर और उनके बेटे गुरप्रीत सिंह शामिल हैं, जिनके शव घर के नीचे दबे थे। इन शवों को छत काटकर निकाला गया।

इसके अलावा, एक अन्य शव स्कूटर सहित मलबे में दबा मिला, जिसकी पहचान डढ़याल निवासी प्रकाश शर्मा के रूप में हुई। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए सुंदरनगर अस्पताल भेज दिया गया है।

इस बीच, घटनास्थल पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें जुटी हुई हैं। मलबे में एक टाटा सूमो गाड़ी के दबे होने की सूचना है, जिसका कुछ हिस्सा बरामद हो चुका है। गाड़ी में सवार लोगों की तलाश अभी भी जारी है।

इसके अलावा, भारी बारिश के बावजूद चार से पांच जेसीबी मशीनों और स्थानीय लोगों के सहयोग से मलबा हटाने का काम जारी है। मलबे में दबे अन्य लोगों को निकालने के लिए राहत और बचाव कार्य जोर-शोर से चल रहा है।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भूस्खलन की घटनाओं पर दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। इस त्रासदी में कई लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है। इस दुखद घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक-संतप्त परिवारों के साथ हैं। यह हम सभी के लिए अत्यंत पीड़ादायक समय है।"

उन्होंने कहा, "आपदा के चलते कई क्षेत्रों में हालात अभी भी गंभीर हैं। किन्नौर के वांगटू में ब्लॉक पॉइंट पर रुकी गाड़ियों पर पत्थर गिरने से भारी नुकसान हुआ है। आज भी नदी-नाले उफान पर हैं, कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं और कुछ जगहों से भूस्खलन की भी खबरें हैं। राज्य सरकार एवं राहत दलों की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में दिन-रात एक करके जुटी हैं। मैं स्वयं भी जिलों के अधिकारियों के लगातार संपर्क में हूं। आप सभी से आग्रह करता हूं कि प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पूरी तरह पालन करें। ये निर्देश आपकी सुरक्षा के लिए सर्वोपरि हैं। जोखिम भरे स्थानों की ओर न जाएं। अनावश्यक यात्रा से बचें।"

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आम लोगों को भी अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए। यह समय एकजुटता और संवेदनशीलता का है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भूस्खलन के कारण क्या हुआ?
भूस्खलन के कारण पहाड़ी दरकने से कई घर मलबे में दब गए जिससे जनहानि हुई।
राहत कार्य में कौन-कौन शामिल है?
राहत कार्य में सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने शोक व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं।
क्या राहत कार्य जारी है?
जी हाँ, राहत कार्य जारी है और मलबा हटाने का काम चल रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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