मनमोहन सिंह की जयंती पर हैदराबाद के गचीबौली में कांस्य प्रतिमा का अनावरण आज
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी शनिवार, 25 सितंबर 2026 को हैदराबाद में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती के अवसर पर उनकी कांस्य प्रतिमा का अनावरण करेंगे। यह प्रतिमा प्रमुख आईटी क्लस्टर गचीबौली स्थित विप्रो सर्कल पर स्थापित की गई है।
अनावरण समारोह की तैयारियाँ
हैदराबाद के प्रभारी मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने शुक्रवार को अनावरण समारोह की तैयारियों का स्वयं निरीक्षण किया। उन्होंने इस अवसर पर डॉ. मनमोहन सिंह की सेवाओं को स्मरण किया और कहा कि यह प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि एक 'चिरस्थायी प्रतीक' है।
पोन्नम प्रभाकर के अनुसार, यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र निर्माण में डॉ. मनमोहन सिंह की भूमिका, उनकी आर्थिक दूरदर्शिता, सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण और सरल नेतृत्व शैली की याद दिलाती रहेगी।
डॉ. मनमोहन सिंह का आर्थिक योगदान
पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह का नाम भारतीय इतिहास में एक 'विश्व स्तर पर सम्मानित अर्थशास्त्री' के रूप में सदैव अंकित रहेगा। उन्होंने रेखांकित किया कि 1991 में वित्त मंत्री के रूप में डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा लागू किए गए आर्थिक सुधारों ने भारतीय अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक बदलावों का मार्ग प्रशस्त किया।
2004 से 2014 तक प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में राष्ट्रीय विकास, जन कल्याण और आर्थिक स्थिरता के लिए दिए गए योगदान को मंत्री ने 'अविस्मरणीय' बताया।
ऐतिहासिक कानून और जन-कल्याण कार्यक्रम
मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने प्रधानमंत्री के रूप में डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में लागू तीन प्रमुख कानूनों का उल्लेख किया — महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), सूचना का अधिकार अधिनियम और शिक्षा का अधिकार अधिनियम। उन्होंने कहा कि इन कानूनों ने करोड़ों भारतीयों के अधिकारों और अवसरों का विस्तार किया।
गौरतलब है कि ये तीनों कानून आज भी सामाजिक सुरक्षा और नागरिक अधिकारों की आधारशिला माने जाते हैं और इनकी प्रासंगिकता नीतिगत विमर्श में बनी हुई है।
तेलंगाना राज्य गठन में भूमिका
तेलंगाना सरकार ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि 2009 में तत्कालीन यूपीए सरकार द्वारा अलग राज्य की प्रक्रिया शुरू करने और 2014 में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के माध्यम से तेलंगाना राज्य के वास्तविक गठन तक के पूरे घटनाक्रम में डॉ. मनमोहन सिंह की भूमिका निर्णायक रही।
पोन्नम प्रभाकर ने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि करीमनगर संसदीय क्षेत्र के विकास के लिए कई पहलें डॉ. मनमोहन सिंह के सहयोग और मार्गदर्शन के कारण ही संभव हो पाईं। उन्होंने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा सार्वजनिक मुद्दों पर दिखाया गया सकारात्मक दृष्टिकोण उनके लिए सदा प्रेरणास्रोत रहेगा।
आगे क्या
शनिवार को होने वाला यह अनावरण समारोह तेलंगाना में कांग्रेस सरकार के लिए राजनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। गचीबौली जैसे प्रमुख आईटी केंद्र में प्रतिमा की स्थापना, डॉ. मनमोहन सिंह की तकनीक और उदारीकरण की विरासत को भी रेखांकित करती है।