भ्रामरी प्राणायाम: स्ट्रेस और बेचैनी से राहत के लिए आयुष मंत्रालय की सलाह, जानें सही अभ्यास विधि
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सारांश
भागदौड़ भरी ज़िंदगी में मन को शांत करना आसान नहीं — लेकिन आयुष मंत्रालय का कहना है कि भ्रामरी प्राणायाम इसका सरल जवाब है। भौंरे जैसी 'हम्म्म' की ध्वनि से मस्तिष्क में कंपन पैदा होता है जो तनावग्रस्त नसों को शांत करता है, नींद सुधारता है और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है।
Key Takeaways
आयुष मंत्रालय ने 1 मई 2026 को भ्रामरी प्राणायाम को मानसिक तनाव और बेचैनी से राहत का प्रभावी उपाय बताया। भ्रामरी में सांस छोड़ते समय 'हम्म्म' की ध्वनि निकाली जाती है, जिससे मस्तिष्क में कंपन उत्पन्न होता है। नियमित अभ्यास से चिंता, गुस्सा, बेचैनी, नींद की समस्या और ब्लड प्रेशर में राहत मिलती है। इसे 5 से 10 बार दोहराने की सलाह दी गई है — सुबह या शाम, घर पर बिना किसी उपकरण के। यह प्राणायाम विश्व योग दिवस की तैयारियों के तहत मंत्रालय की प्रतिदिन योग जागरूकता श्रृंखला का हिस्सा है।
आयुष मंत्रालय ने 1 मई 2026 को भ्रामरी प्राणायाम को मानसिक तनाव, बेचैनी और दिमागी अशांति से राहत पाने का एक सरल और प्रभावी उपाय बताया है। मंत्रालय के अनुसार, यह प्राचीन प्राणायाम तकनीक मन को शांत करने, चिंता घटाने और आंतरिक संतुलन बनाए रखने में विशेष रूप से सहायक है। विश्व योग दिवस की तैयारियों के तहत मंत्रालय प्रतिदिन नए योगासनों और प्राणायामों की जानकारी साझा कर रहा है।
भ्रामरी प्राणायाम क्या है
योग विशेषज्ञों के अनुसार, भ्रामरी एक विशेष प्रकार का प्राणायाम है जिसमें सांस छोड़ते समय भौंरे की गुनगुनाहट की तरह
Point of View
लेकिन इसका महत्व केवल प्रतीकात्मक नहीं है — मानसिक स्वास्थ्य पर वैश्विक शोध भी पुष्टि करता है कि श्वास-आधारित तकनीकें चिंता और तनाव में मापनीय राहत देती हैं। हालांकि, ध्यान देने योग्य यह है कि भ्रामरी प्राणायाम एक पूरक उपाय है, न कि चिकित्सकीय उपचार का विकल्प। मंत्रालय को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं में पेशेवर परामर्श अनिवार्य है। परंपरागत ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के बीच इस सेतु को जिम्मेदारी के साथ प्रस्तुत करना ज़रूरी है।
NationPress
01/05/2026
Frequently Asked Questions
भ्रामरी प्राणायाम क्या है और यह कैसे काम करता है?
भ्रामरी प्राणायाम एक प्राचीन योग तकनीक है जिसमें सांस छोड़ते समय भौंरे जैसी 'हम्म्म' की ध्वनि निकाली जाती है। योग विशेषज्ञों के अनुसार, इस ध्वनि से मस्तिष्क में कंपन उत्पन्न होता है जो तनावग्रस्त नसों को शांत करता है और मन को एकाग्र करने में मदद करता है।
भ्रामरी प्राणायाम का सही तरीका क्या है?
आराम से सीधे बैठें, आँखें बंद करें और अंगूठों से दोनों कान बंद कर लें। गहरी सांस लें और सांस छोड़ते समय 'हम्म्म' की ध्वनि जितनी देर हो सके लंबी खींचें। इसे 5 से 10 बार दोहराएं — सुबह या शाम के समय अभ्यास सबसे प्रभावी माना जाता है।
भ्रामरी प्राणायाम से क्या-क्या फायदे होते हैं?
आयुष मंत्रालय के अनुसार, इसके नियमित अभ्यास से चिंता, गुस्सा, बेचैनी और नींद की समस्या में राहत मिलती है। इसके अलावा ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है, एकाग्रता बढ़ती है और भावनात्मक संतुलन बेहतर होता है।
क्या भ्रामरी प्राणायाम घर पर किया जा सकता है?
हाँ, आयुष मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह प्राणायाम घर पर आसानी से किया जा सकता है और इसके लिए किसी विशेष उपकरण या विशेषज्ञ की आवश्यकता नहीं होती। यह मानसिक थकान और तनाव के लिए एक प्राकृतिक और सुरक्षित समाधान है।
आयुष मंत्रालय ने भ्रामरी प्राणायाम की जानकारी क्यों साझा की?
विश्व योग दिवस से पहले आयुष मंत्रालय प्रतिदिन नए योगासनों और प्राणायामों की जानकारी साझा कर रहा है। इसी श्रृंखला के तहत 1 मई 2026 को भ्रामरी प्राणायाम को मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक प्रभावी उपाय के रूप में अनुशंसित किया गया।