पश्चिम बंगाल मतगणना: सीईओ मनोज कुमार अग्रवाल बोले — 293 सीटों की गिनती सोमवार सुबह 8 बजे से, 533 पर्यवेक्षक तैनात
सारांश
Key Takeaways
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने 3 मई 2026 को कोलकाता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधानसभा चुनाव मतगणना की विस्तृत तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि 293 विधानसभा सीटों की मतगणना सोमवार, 4 मई की सुबह 8 बजे से एक साथ शुरू होगी और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं सुरक्षित तरीके से संपन्न कराई जाएगी।
मतगणना केंद्रों की व्यवस्था
अग्रवाल ने बताया कि राज्य में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से 293 सीटों की मतगणना एक साथ होगी। फाल्टा विधानसभा सीट पर चुनाव 21 तारीख को होना निर्धारित है, इसलिए वहाँ की गिनती इस चरण में नहीं होगी। पूरे राज्य में कुल 77 मतगणना केंद्र स्थापित किए गए हैं — इनमें 35 केंद्र जिला मुख्यालयों में और 42 केंद्र उप-मंडल मुख्यालयों में हैं।
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के दिशा-निर्देशों के अनुसार अधिकतम केंद्र जिला स्तर पर स्थापित किए जाते हैं, किंतु जहाँ आवश्यक बुनियादी ढाँचा उपलब्ध नहीं होता, वहाँ उप-मंडल स्तर पर भी केंद्र बनाए जाते हैं।
पर्यवेक्षकों की तैनाती
मतगणना प्रक्रिया की निगरानी के लिए कुल 533 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। इनमें 293 मतगणना पर्यवेक्षक, 163 अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षक और 77 पुलिस पर्यवेक्षक शामिल हैं। अग्रवाल के अनुसार सभी अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है ताकि गिनती के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे।
परिणाम घोषणा की प्रक्रिया
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि परिणाम भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के साथ-साथ राज्य निर्वाचन कार्यालय की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। जैसे ही फॉर्म-20 की प्रक्रिया पूरी होगी, परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त टीवी, इंटरनेट, ईसीआईनेट और संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों की वेबसाइट्स के ज़रिए भी लगातार अपडेट मिलते रहेंगे।
टेबल-स्तरीय पारदर्शिता के उपाय
मतगणना की व्यवस्था के बारे में अग्रवाल ने बताया कि प्रत्येक टेबल पर ईवीएम मशीन रखी जाएगी, जहाँ एक मतगणना पर्यवेक्षक और एक सहायक तैनात रहेंगे। एक अलग टेबल पर मतगणना एजेंट और माइक्रो-पर्यवेक्षक मौजूद रहेंगे। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक टेबल के चारों ओर वायर मेश (जाली) लगाई गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरी मतगणना प्रक्रिया निष्पक्ष और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप संपन्न होगी, जिससे जनता का चुनावी प्रक्रिया में विश्वास बना रहे।