मथुरा मुठभेड़: दिल्ली पुलिस के SI अजय घायल, कुख्यात आरोपी वैन उर्फ लंबू को पैर में गोली मारकर दबोचा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस के नॉर्थ-वेस्ट जिले की स्पेशल स्टाफ टीम और एक कुख्यात अपराधी के बीच मथुरा में 12 अगस्त 2025 को मुठभेड़ हो गई, जिसमें टीम के उप निरीक्षक (SI) अजय गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, आरोपी को काबू करने के लिए जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली मारी गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों घायलों का फिलहाल अस्पताल में उपचार जारी है।
मुठभेड़ की पृष्ठभूमि
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम इलाके में एक आपराधिक मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंची थी। वहाँ से आरोपी को हिरासत में लेने के बाद टीम उसे दिल्ली वापस ला रही थी।
रास्ते में मथुरा क्षेत्र से गुज़रते समय आरोपी ने पेशाब करने के बहाने रुकने की बात कही। पुलिस के मुताबिक, इसी मौके का फायदा उठाकर आरोपी ने एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीन ली और वहाँ से भागने लगा।
फायरिंग और SI अजय का घायल होना
कथित तौर पर भागते हुए आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इस दौरान एक गोली स्पेशल स्टाफ के SI अजय को लगी, जिससे वे घायल हो गए। पुलिस टीम ने तत्काल उसका पीछा किया और जवाबी कार्रवाई करते हुए आरोपी के पैर में गोली मारी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा और पुलिसकर्मियों ने उसे दबोच लिया।
गौरतलब है कि इस तरह की पारगमन-मुठभेड़ें — जहाँ अंतर-राज्यीय स्थानांतरण के दौरान आरोपी भागने की कोशिश करते हैं — पुलिस प्रक्रियाओं में एक गंभीर जोखिम बिंदु मानी जाती हैं।
आरोपी की पहचान
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान वैन उर्फ लंबू के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि उस पर पहले से कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी के लिए ही दिल्ली पुलिस की टीम विशेष रूप से नंदीग्राम तक गई थी।
अस्पताल में उपचार, जाँच जारी
फिलहाल SI अजय और आरोपी वैन उर्फ लंबू दोनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार, उपचार पूरा होने के बाद आरोपी को दिल्ली लाया जाएगा। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जाँच कर रही है और मुठभेड़ के दौरान हुई फायरिंग से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
यह ऐसे समय में सामने आया है जब अंतर-राज्यीय आरोपी-स्थानांतरण के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर सवाल उठते रहे हैं। जाँच के नतीजे तय करेंगे कि क्या इस मामले में प्रक्रियागत चूक हुई।