8 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या आबादी के नाम पर डर फैलाना बंद होगा? संगीत सोम की टिप्पणी पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का जवाब

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या आबादी के नाम पर डर फैलाना बंद होगा? संगीत सोम की टिप्पणी पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का जवाब

सारांश

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने भाजपा नेता संगीत सोम के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से जनसंख्या नीति लाने का आग्रह किया। जानिए इस विवाद के पीछे की सच्चाई और मौलाना का क्या कहना है।

मुख्य बातें

मौलाना शहाबुद्दीन ने जनसंख्या नीति लाने की अपील की।
आबादी के नाम पर डर फैलाना राजनीतिक खेल है।
मुसलमानों की बढ़ती हुई आबादी को राजनीति का हिस्सा न बनाएं।
औलाद होना अल्लाह की नियामत है, इसका मजाक न उड़ाएं।
1947 की गलती को दोबारा न होने देने का आश्वासन।

बरेली, 23 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने भाजपा नेता संगीत सोम के हालिया बयान पर कड़ा ऐतराज व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यदि संगीत सोम को आबादी बढ़ने का इतना ही चिंता है, तो उनकी सरकार केंद्र और राज्य में है, वह जनसंख्या नीति लेकर आएं।

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "संगीत सोम का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिले पाकिस्तान बन जाएंगे। मैं उनसे पूछना चाहता हूँ कि आपको आबादी की इतनी चिंता क्यों है? यदि चिंता है तो आपकी हुकूमत है, जनसंख्या नीति लाएं और इससे आबादी को नियंत्रित करें, लेकिन मुसलमानों की बढ़ती हुई आबादी को दिखाकर हिंदुओं को डरा कर राजनीति न करें।"

उन्होंने आगे कहा, "लोगों को डराना-धमकाना और वोट बैंक की राजनीति करना बंद करें। औलाद होना या न होना, यह अल्लाह की नियामतों (आशीर्वाद) में से एक है। सोचिए उन मां-बाप के बारे में जिनके यहां कोई औलाद नहीं है। औलाद अल्लाह की बहुत बड़ी नेमत है, इसका मजाक न उड़ाएं।"

मौलाना शहाबुद्दीन ने 1947 के विभाजन का हवाला देते हुए कहा, "1947 में जो गलती मुस्लिम नेताओं और अवाम ने की थी, वह अब दोबारा मुसलमान नहीं करेगा। आज का मुसलमान जागरुक और समझदार है। इसलिए दावे से कह रहा हूँ कि भारत में से अब न कोई पाकिस्तान बन सकता है और न कोई बांग्लादेश।"

इस दौरान, मौलाना शहाबुद्दीन ने मुरादाबाद में 'बैंड बाजा' विवाद के संबंध में भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ शिकायतें आईं कि मुस्लिम हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीर लगाकर बैंड-बाजा पार्टी का संचालन करते हैं। शहाबुद्दीन ने अनुरोध करते हुए कहा कि ऐसे मुसलमान दूसरे कारोबार करें, वे ऐसा कोई काम न करें जो नाजायज हो और जिससे दूसरों की आस्था को ठेस पहुंचती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो इसे सरकार द्वारा संबोधित किया जाना चाहिए। इस प्रकार के बयानों से न केवल समाज में डर पैदा होता है, बल्कि यह राजनीतिक माहौल को भी विकृत करता है। देश की समरसता के लिए सभी को एकजुटता के साथ काम करना होगा।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मौलाना शहाबुद्दीन ने संगीत सोम के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
उन्होंने कहा कि यदि संगीत सोम को आबादी बढ़ने की चिंता है, तो उनकी सरकार जनसंख्या नीति लाए।
क्या मौलाना ने 1947 के विभाजन का उल्लेख किया?
हाँ, उन्होंने कहा कि 1947 में जो गलती की गई थी, वह अब नहीं दोहराई जाएगी।
बैंड-बाजा विवाद पर मौलाना का क्या कहना था?
उन्होंने कहा कि ऐसे मुसलमानों को दूसरे कारोबार करने चाहिए जो दूसरों की आस्था को ठेस न पहुंचाएं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले