विजयपुरा में छात्राओं को बस ने छोड़ा बीच रास्ते, मंत्री एमबी पाटिल ने आरटीसी अधिकारियों को लगाई फटकार
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के उद्योग मंत्री एमबी पाटिल ने मंगलवार, 12 अगस्त 2026 को विजयपुरा जिले के बाबलेश्वर तालुक के ममादापुर गांव के निकट सड़क किनारे फंसी स्कूली छात्राओं को देखकर अपनी कार रोकी और तत्काल हस्तक्षेप किया। आरोप है कि विजयपुरा-किलराहट्टी-ममादापुर रूट पर चलने वाली सरकारी बस के चालक ने छात्राओं को इंतजार करते देखने के बावजूद बस नहीं रोकी और आगे निकल गया। इस घटना का वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ।
घटना का पूरा घटनाक्रम
मंत्री पाटिल एक सरकारी कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे थे, तभी उन्होंने ममादापुर के पास सड़क किनारे खड़ी छात्राओं को देखा। उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाई और छात्राओं के पास पहुँचकर उनसे बातचीत की। छात्राओं ने बताया कि सरकारी बस का चालक उन्हें प्रतीक्षारत देखने के बाद भी बिना रुके चला गया और उसने यह तक कह दिया कि उसके पास रुकने का समय नहीं है।
छात्राओं की यह शिकायत सुनकर मंत्री पाटिल का आक्रोश स्पष्ट था। उन्होंने घटना को 'शर्मनाक' करार दिया और कहा कि ऐसी लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
अधिकारियों को सख्त फटकार
पाटिल ने मौके पर ही विजयपुरा डिविजनल कंट्रोलर डीए बिरदार को फोन किया और बस चालक के व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिया कि चालक के विरुद्ध लापरवाही के आरोप में निलंबन की कार्रवाई की जाए।
जब संभागीय नियंत्रक ने केवल छात्राओं के लिए वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था का आश्वासन दिया, तो पाटिल ने दो-टूक शब्दों में कहा, 'मैं सिर्फ इंतजाम नहीं चाहता। ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।' उन्होंने अधिकारी को यह भी निर्देश दिया कि वे स्वयं ममादापुर का दौरा करें और स्थायी समाधान सुनिश्चित करें।
छात्राओं को दिया आश्वासन
फोन पर अधिकारियों को निर्देश देने के बाद मंत्री पाटिल ने पुनः छात्राओं से बात की और उन्हें धैर्यपूर्वक आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ परिवहन अधिकारी शीघ्र मौके पर पहुँचेंगे और उनके निजी सचिव भी वहाँ उपस्थित रहेंगे ताकि भविष्य में इस रूट पर छात्रों को बस सेवाओं में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने मंत्री पाटिल के त्वरित हस्तक्षेप और संवेदनशीलता की सराहना की। यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि बाबलेश्वर जैसे दूरदराज के तालुकों में स्कूली बच्चों के लिए सरकारी बस सेवा ही आवागमन का प्रमुख साधन है।
आगे क्या होगा
मंत्री के निर्देश के बाद विजयपुरा आरटीसी प्रशासन पर बस चालक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का दबाव है। साथ ही, ममादापुर रूट पर नियमित और समयबद्ध बस सेवा सुनिश्चित करने के लिए संभागीय नियंत्रक को स्थल निरीक्षण का निर्देश दिया गया है। इस घटना ने राज्य में ग्रामीण सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की जवाबदेही पर नए सिरे से बहस छेड़ दी है।