12 अगस्त 2026
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विजयपुरा में छात्राओं को बस ने छोड़ा बीच रास्ते, मंत्री एमबी पाटिल ने आरटीसी अधिकारियों को लगाई फटकार

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विजयपुरा में छात्राओं को बस ने छोड़ा बीच रास्ते, मंत्री एमबी पाटिल ने आरटीसी अधिकारियों को लगाई फटकार

सारांश

विजयपुरा में सरकारी बस चालक ने स्कूली छात्राओं को बीच रास्ते छोड़ दिया — और संयोग से उद्योग मंत्री एमबी पाटिल उसी रास्ते से गुज़र रहे थे। उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को फटकार लगाई, चालक के निलंबन का आदेश दिया और छात्राओं को व्यक्तिगत रूप से आश्वस्त किया।

मुख्य बातें

12 अगस्त 2026 को विजयपुरा के बाबलेश्वर तालुक के ममादापुर के पास सरकारी बस चालक ने स्कूली छात्राओं को बीच रास्ते छोड़ दिया।
उद्योग मंत्री एमबी पाटिल ने संयोगवश घटनास्थल से गुज़रते हुए छात्राओं से बात की और तत्काल हस्तक्षेप किया।
पाटिल ने विजयपुरा डिविजनल कंट्रोलर डीए बिरदार को फोन कर चालक को लापरवाही के आरोप में निलंबित करने का आदेश दिया।
संभागीय नियंत्रक को ममादापुर का स्वयं दौरा करने और स्थायी परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
घटना का वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिस पर उपयोगकर्ताओं ने मंत्री की त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना की।

कर्नाटक के उद्योग मंत्री एमबी पाटिल ने मंगलवार, 12 अगस्त 2026 को विजयपुरा जिले के बाबलेश्वर तालुक के ममादापुर गांव के निकट सड़क किनारे फंसी स्कूली छात्राओं को देखकर अपनी कार रोकी और तत्काल हस्तक्षेप किया। आरोप है कि विजयपुरा-किलराहट्टी-ममादापुर रूट पर चलने वाली सरकारी बस के चालक ने छात्राओं को इंतजार करते देखने के बावजूद बस नहीं रोकी और आगे निकल गया। इस घटना का वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ।

घटना का पूरा घटनाक्रम

मंत्री पाटिल एक सरकारी कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे थे, तभी उन्होंने ममादापुर के पास सड़क किनारे खड़ी छात्राओं को देखा। उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाई और छात्राओं के पास पहुँचकर उनसे बातचीत की। छात्राओं ने बताया कि सरकारी बस का चालक उन्हें प्रतीक्षारत देखने के बाद भी बिना रुके चला गया और उसने यह तक कह दिया कि उसके पास रुकने का समय नहीं है।

छात्राओं की यह शिकायत सुनकर मंत्री पाटिल का आक्रोश स्पष्ट था। उन्होंने घटना को 'शर्मनाक' करार दिया और कहा कि ऐसी लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

अधिकारियों को सख्त फटकार

पाटिल ने मौके पर ही विजयपुरा डिविजनल कंट्रोलर डीए बिरदार को फोन किया और बस चालक के व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिया कि चालक के विरुद्ध लापरवाही के आरोप में निलंबन की कार्रवाई की जाए।

जब संभागीय नियंत्रक ने केवल छात्राओं के लिए वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था का आश्वासन दिया, तो पाटिल ने दो-टूक शब्दों में कहा, 'मैं सिर्फ इंतजाम नहीं चाहता। ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।' उन्होंने अधिकारी को यह भी निर्देश दिया कि वे स्वयं ममादापुर का दौरा करें और स्थायी समाधान सुनिश्चित करें।

छात्राओं को दिया आश्वासन

फोन पर अधिकारियों को निर्देश देने के बाद मंत्री पाटिल ने पुनः छात्राओं से बात की और उन्हें धैर्यपूर्वक आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ परिवहन अधिकारी शीघ्र मौके पर पहुँचेंगे और उनके निजी सचिव भी वहाँ उपस्थित रहेंगे ताकि भविष्य में इस रूट पर छात्रों को बस सेवाओं में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने मंत्री पाटिल के त्वरित हस्तक्षेप और संवेदनशीलता की सराहना की। यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि बाबलेश्वर जैसे दूरदराज के तालुकों में स्कूली बच्चों के लिए सरकारी बस सेवा ही आवागमन का प्रमुख साधन है।

आगे क्या होगा

मंत्री के निर्देश के बाद विजयपुरा आरटीसी प्रशासन पर बस चालक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का दबाव है। साथ ही, ममादापुर रूट पर नियमित और समयबद्ध बस सेवा सुनिश्चित करने के लिए संभागीय नियंत्रक को स्थल निरीक्षण का निर्देश दिया गया है। इस घटना ने राज्य में ग्रामीण सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की जवाबदेही पर नए सिरे से बहस छेड़ दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ग्रामीण कर्नाटक में सार्वजनिक परिवहन की जवाबदेही के लिए किसी मंत्री का संयोगवश गुज़रना क्यों ज़रूरी होना चाहिए। एक चालक का निलंबन समस्या का समाधान नहीं — यह तो महज़ लक्षण-उपचार है। बाबलेश्वर जैसे तालुकों में जहाँ सरकारी बस ही एकमात्र विकल्प है, वहाँ नियमित निगरानी और शिकायत-निवारण तंत्र की अनुपस्थिति कहीं बड़ी विफलता को उजागर करती है। वायरल वीडियो ने जो काम किया, वह एक सुदृढ़ परिवहन निगरानी प्रणाली को रोज़ाना करना चाहिए था।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विजयपुरा में छात्राओं को बस ने बीच रास्ते क्यों छोड़ा?
आरोप है कि विजयपुरा-किलराहट्टी-ममादापुर रूट के सरकारी बस चालक ने छात्राओं को प्रतीक्षारत देखने के बावजूद बस नहीं रोकी और कहा कि उसके पास रुकने का समय नहीं है। यह घटना 12 अगस्त 2026 को बाबलेश्वर तालुक के ममादापुर गांव के पास हुई।
मंत्री एमबी पाटिल ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
मंत्री पाटिल ने मौके पर ही विजयपुरा डिविजनल कंट्रोलर डीए बिरदार को फोन किया और बस चालक को लापरवाही के आरोप में निलंबित करने का आदेश दिया। उन्होंने संभागीय नियंत्रक को ममादापुर का दौरा करने और तत्काल परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।
क्या बस चालक के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई?
मंत्री पाटिल के स्पष्ट निर्देश के बाद विजयपुरा आरटीसी प्रशासन पर चालक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का दबाव है। पाटिल ने अधिकारियों को साफ कहा कि केवल वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था पर्याप्त नहीं, चालक के खिलाफ कार्रवाई अनिवार्य है।
यह घटना सोशल मीडिया पर कैसे वायरल हुई?
मंगलवार को हुई इस घटना का वीडियो बनाया गया था, जो बुधवार को सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल गया। वीडियो में मंत्री पाटिल को छात्राओं से बात करते और अधिकारियों को फोन पर फटकार लगाते देखा जा सकता है, जिसकी उपयोगकर्ताओं ने व्यापक सराहना की।
इस घटना का ग्रामीण परिवहन व्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा?
इस घटना ने बाबलेश्वर जैसे दूरदराज तालुकों में सार्वजनिक परिवहन की जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं। मंत्री के निर्देश के बाद ममादापुर रूट पर नियमित और समयबद्ध बस सेवा सुनिश्चित करने के लिए संभागीय स्तर पर निरीक्षण अपेक्षित है।
राष्ट्र प्रेस
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