मिजोरम CM लालदुहोमा ने लॉन्च कीं 4 डिजिटल वित्तीय पहल, MIWAS और 100% DBT से बदलेगा सरकारी खर्च
सारांश
मुख्य बातें
मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने 15 अक्टूबर 2026 को आइजोल में राज्य के वित्तीय प्रशासन को डिजिटल रूप देने के लिए चार महत्वाकांक्षी पहल एक साथ शुरू कीं। इनका उद्देश्य सार्वजनिक धन के प्रबंधन में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रशासनिक दक्षता को नई ऊंचाई देना है। ये पहल राज्य के वित्त विभाग द्वारा लागू की गई हैं और इनसे सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक सीधे भुगतान सुनिश्चित होगा।
चार प्रमुख पहल: एक नज़र
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, चार पहलों में मिजोरम इंटीग्रेटेड वर्क्स अकाउंट्स सिस्टम (MIWAS), ई-सेंक्शन, ई-बजट और 100 प्रतिशत डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) शामिल हैं। ये सभी मॉड्यूल इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (IFMIS) के मंच पर संचालित होंगे।
MIWAS छह विभागों में निर्माण कार्यों के वित्तीय हिसाब-किताब को सुव्यवस्थित करेगा। इनमें लोक निर्माण विभाग (PWD), लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED), विद्युत विभाग (P&E), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग (I&WRD), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग (EF&CC) और भूमि संसाधन, मृदा एवं जल संरक्षण विभाग (LR&WC) शामिल हैं।
ई-बजट और ई-सेंक्शन: मैनुअल प्रक्रिया का अंत
ई-बजट मॉड्यूल IFMIS के ज़रिए बजट प्रस्तावों को ऑनलाइन तैयार करने और जमा करने की सुविधा देगा। इससे मैनुअल कार्य, गणना की त्रुटियाँ और बजट प्रसंस्करण में होने वाली देरी में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
ई-सेंक्शन मॉड्यूल खर्च की मंजूरियों की ऑनलाइन प्रक्रिया को सहज बनाएगा। ड्राइंग एंड डिस्बर्सिंग अधिकारी (DDO) और विभागाध्यक्ष अब अपने प्रस्ताव इलेक्ट्रॉनिक रूप से संबंधित प्रशासनिक विभागों और वित्त विभाग तक भेज सकेंगे। यह प्रणाली उपलब्ध बजटीय आवंटन से अधिक व्यय को भी स्वतः रोकेगी।
100% DBT: लाभार्थियों तक सीधा भुगतान
100 प्रतिशत DBT पहल के तहत राज्य सरकार की योजनाओं — जिनमें 'थलाई थार लीना', 'बाना काइह' और 'पावर सब्सिडी' प्रमुख हैं — के भुगतान ट्रेजरी द्वारा बिल पास होने के तत्काल बाद लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर होंगे। भुगतान की प्रगति IFMIS के माध्यम से ट्रैक की जा सकेगी, जिससे लाभार्थी स्वयं अपने भुगतान की स्थिति जान सकेंगे।
वित्तीय संसाधन और केंद्रीय सहायता
मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में मिजोरम को 'राज्यों के लिए पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता' (SASCI) योजना के भाग IX के तहत ₹350 करोड़ प्राप्त हुए थे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार 2026-27 वित्तीय वर्ष में SASCI के भाग IV और IX के तहत लगभग ₹650 करोड़ प्राप्त करने की तैयारी में है।
सहयोगी संस्थाएँ और आगे की राह
मुख्यमंत्री ने इस डिजिटल बुनियादी ढाँचे को खड़ा करने में वित्त विभाग, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) विभाग, इंटरलेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) के योगदान की सराहना की। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के राज्य PFMS और DBT ढाँचों के अनुपालन में तेज़ी ला रहे हैं। गौरतलब है कि मिजोरम जैसे छोटे पहाड़ी राज्य में एकीकृत डिजिटल वित्त प्रणाली की स्थापना, केंद्रीय अनुदानों की अधिक कुशल निगरानी के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी।