मिजोरम डेयरी क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा: केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने की अहम घोषणाएँ, वित्तपोषण अनुपात 90:10 हुआ
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी एवं पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह ने सोमवार, 25 मई को मिजोरम के सहकारी डेयरी क्षेत्र को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण पहलों की घोषणा की। इनमें सबसे उल्लेखनीय है केंद्र और राज्य के बीच वित्तपोषण अनुपात का 75:25 से संशोधित होकर 90:10 होना, जिससे राज्य सरकार पर वित्तीय दबाव उल्लेखनीय रूप से कम होगा।
मुख्य घटनाक्रम
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने आइजोल जिले के थुआमपुई स्थित मिजोरम मल्टी-कमोडिटी प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव यूनियन (MULCO) की डेयरी इकाई का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने MULCO द्वारा हासिल की गई प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि डेयरी सहकारी समितियों और डेयरी श्रमिकों के प्रयासों से हुई उन्नति अत्यंत सराहनीय है।
मंत्री ने स्वीकार किया कि राज्य में दूध उत्पादन अभी भी स्थानीय माँग को पूरा करने के लिए अपर्याप्त है। उन्होंने किसानों और अधिकारियों से नए सिरे से प्रतिबद्धता के साथ काम करने का आग्रह करते हुए कहा कि मिजोरम को पड़ोसी पूर्वोत्तर राज्यों से पीछे नहीं रहना चाहिए।
नई पहलें और वित्तपोषण में बदलाव
केंद्र-राज्य वित्तपोषण अनुपात का 90:10 पर पुनर्निर्धारण इस दौरे की सबसे बड़ी घोषणा रही। सिंह ने इसे किसानों और राज्य सरकार दोनों के लिए उत्साहजनक खबर बताया, क्योंकि इससे डेयरी क्षेत्र में विकासात्मक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
इसके अतिरिक्त, राज्य भर में दूध प्रसंस्करण संयंत्रों और ग्राम स्तरीय दूध खरीद प्रणालियों का उन्नयन जारी रखने का भी आश्वासन दिया गया। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में डेयरी अवसंरचना के विस्तार पर केंद्र सरकार का विशेष ध्यान है।
पशु नस्ल सुधार और NDDB की भूमिका
राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के सहयोग से कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण पशु नस्लों को बढ़ावा देने की योजना है। साथ ही, किसानों के लिए बेहतर पशु आहार और चारा अधिक सुलभ बनाया जाएगा — जो उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में एक दीर्घकालिक कदम है।
MULCO उत्पादों का विस्तारित विपणन
सिंह ने घोषणा की कि मिजोरम में निर्मित MULCO उत्पादों — जिनमें पनीर, रस मलाई और घी शामिल हैं — का आइजोल और आसपास के बाज़ारों में व्यापक विपणन किया जाएगा। इसका उद्देश्य स्थानीय व्यापार के अवसर बढ़ाना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।
केंद्र-राज्य सहयोग का आश्वासन
मंत्री ने मिजोरम में डेयरी क्षेत्र के विकास को सतत गति देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया। गौरतलब है कि पूर्वोत्तर राज्यों में डेयरी क्षेत्र की संभावनाएँ अभी भी काफी हद तक अनुपयोगी हैं, और यह पहल उस दिशा में एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। आने वाले महीनों में इन घोषणाओं के क्रियान्वयन पर सभी की नज़र रहेगी।