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पूर्वोत्तर में मत्स्यपालन को बढ़ावा: केंद्र ₹32.15 करोड़ की परियोजनाओं का करेगा उद्घाटन

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पूर्वोत्तर में मत्स्यपालन को बढ़ावा: केंद्र ₹32.15 करोड़ की परियोजनाओं का करेगा उद्घाटन

सारांश

केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के आठ राज्यों में मत्स्यपालन को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ₹32.15 करोड़ की परियोजनाएँ शुरू कर रही है। आइजोल में होने वाली इस क्षेत्रीय बैठक में उत्पादन, बाज़ार संपर्क और निर्यात पर रणनीति तय होगी — और मछुआरों को KCC कार्ड भी मिलेंगे।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) PMMSY और FIDF के तहत ₹32.15 करोड़ की मत्स्यपालन परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।
कार्यक्रम आइजोल, मिजोरम में 'क्षेत्रीय समीक्षा बैठक: पूर्वोत्तर क्षेत्र 2026' के दौरान आयोजित होगा।
पूर्वोत्तर के 8 राज्यों — अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा — के मंत्री और अधिकारी बैठक में भाग लेंगे।
लाभार्थियों को मत्स्यपालन KCC कार्ड वितरित किए जाएँगे और सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप व सहकारी समितियों को पुरस्कार दिए जाएँगे।
बैठक में उत्पादन वृद्धि, मूल्य श्रृंखला सुधार, बाज़ार संपर्क और निर्यात संवर्धन पर रणनीति तय होगी।

केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह सोमवार को मिजोरम की राजधानी आइजोल में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) और मत्स्य एवं जलीय कृषि अवसंरचना विकास कोष (FIDF) के अंतर्गत ₹32.15 करोड़ की प्रमुख मत्स्यपालन परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखेंगे। मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अनुसार, यह कदम पूर्वोत्तर क्षेत्र में आत्मनिर्भर मत्स्यपालन क्षेत्र को सुदृढ़ करने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

कार्यक्रम का स्वरूप और स्थल

यह उद्घाटन 'क्षेत्रीय समीक्षा बैठक: पूर्वोत्तर क्षेत्र 2026' के अवसर पर आइजोल, मिजोरम में आयोजित किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह स्वयं करेंगे। कार्यक्रम हाइब्रिड मोड में आयोजित होगा, जिसमें भौतिक और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से भागीदारी होगी।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री पूर्वोत्तर के मत्स्यपालन लाभार्थियों को मत्स्यपालन किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) वितरित करेंगे और सर्वश्रेष्ठ मत्स्यपालन स्टार्टअप तथा मत्स्य सहकारी समितियों को पुरस्कृत भी करेंगे।

बैठक में कौन-कौन होंगे शामिल

इस उच्चस्तरीय बैठक में मत्स्य पालन राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल और राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन भी सम्मिलित होंगे। अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के मत्स्य पालन एवं पशुपालन विभागों के मंत्री, मत्स्यपालन विभाग और पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव तथा केंद्र व राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहेंगे।

चर्चा के मुख्य विषय

बैठक में राज्य मत्स्यपालन मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और प्रमुख मत्स्यपालन संस्थानों के प्रतिनिधि पूर्वोत्तर में मत्स्यपालन क्षेत्र को सशक्त बनाने पर विचार-विमर्श करेंगे। चर्चाओं में उत्पादन वृद्धि, मूल्य श्रृंखला की कमियों को दूर करना, बाज़ार संपर्क बेहतर बनाना और निर्यात संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

गौरतलब है कि पूर्वोत्तर भारत में मत्स्यपालन की अपार संभावनाएँ हैं, किंतु अवसंरचना की कमी और बाज़ार तक सीमित पहुँच इस क्षेत्र की दीर्घकालिक चुनौतियाँ रही हैं। यह बैठक उन्हीं चुनौतियों के समाधान की दिशा में एक ठोस प्रयास मानी जा रही है।

आम जनता और लाभार्थियों पर असर

केंद्रीय मंत्री ललन सिंह लाभार्थियों से सीधी बातचीत भी करेंगे, जिससे ज़मीनी स्तर की चुनौतियों और आवश्यक सहयोग की पहचान हो सके। मत्स्यपालन KCC कार्डों के वितरण से मछुआरों और मत्स्य किसानों को संस्थागत ऋण तक सुगम पहुँच मिलेगी, जो उनकी आर्थिक स्थिति को मज़बूत करने में सहायक होगी।

यह क्षेत्रीय समीक्षा बैठक पूर्वोत्तर के आठ राज्यों में मत्स्यपालन नीति को नई दिशा देने का अवसर है — और इसके परिणाम आने वाले महीनों में क्षेत्र की मत्स्य अर्थव्यवस्था पर दिखने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस क्षेत्र में सरकारी मत्स्यपालन योजनाओं का इतिहास बताता है कि अवसंरचना निर्माण और वास्तविक लाभार्थी सशक्तिकरण के बीच की खाई अक्सर चौड़ी रहती है। आठ राज्यों को एक साथ साधने की कोशिश महत्वाकांक्षी है, किंतु बिना राज्य-स्तरीय क्रियान्वयन तंत्र की पारदर्शिता के, KCC कार्ड और पुरस्कार वितरण प्रतीकात्मक बने रह सकते हैं। असली कसौटी यह होगी कि क्या ये परियोजनाएँ निर्यात योग्य उत्पादन और टिकाऊ आजीविका में बदलती हैं — या केवल उद्घाटन समारोहों तक सीमित रहती हैं।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) क्या है?
PMMSY केंद्र सरकार की प्रमुख मत्स्यपालन योजना है, जिसका उद्देश्य मछली उत्पादन बढ़ाना, मछुआरों की आय सुधारना और मत्स्यपालन अवसंरचना को आधुनिक बनाना है। यह योजना देशभर में मत्स्य किसानों को वित्तीय सहायता, तकनीकी सुविधाएँ और बाज़ार तक पहुँच प्रदान करती है।
₹32.15 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन कहाँ और कब होगा?
इन परियोजनाओं का उद्घाटन 24 मई 2026 को आइजोल, मिजोरम में आयोजित 'क्षेत्रीय समीक्षा बैठक: पूर्वोत्तर क्षेत्र 2026' में होगा। केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
इन परियोजनाओं से पूर्वोत्तर के मछुआरों को क्या फायदा होगा?
लाभार्थियों को मत्स्यपालन किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) मिलेंगे, जिससे उन्हें संस्थागत ऋण तक आसान पहुँच होगी। इसके अलावा, उत्पादन वृद्धि, बाज़ार संपर्क और निर्यात को बढ़ावा देने की रणनीतियाँ भी तय होंगी।
इस बैठक में कौन-कौन से राज्य शामिल होंगे?
बैठक में अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा — कुल आठ पूर्वोत्तर राज्यों के मत्स्य पालन और पशुपालन विभागों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।
FIDF (मत्स्य एवं जलीय कृषि अवसंरचना विकास कोष) क्या है?
FIDF केंद्र सरकार का एक समर्पित कोष है, जो मत्स्यपालन और जलीय कृषि से जुड़ी अवसंरचना — जैसे मछली बंदरगाह, कोल्ड चेन, प्रसंस्करण इकाइयाँ — के विकास के लिए वित्तपोषण करता है। यह कोष PMMSY के साथ मिलकर क्षेत्र की दीर्घकालिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए काम करता है।
राष्ट्र प्रेस
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