पूर्वोत्तर में मत्स्यपालन को बढ़ावा: केंद्र ₹32.15 करोड़ की परियोजनाओं का करेगा उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह सोमवार को मिजोरम की राजधानी आइजोल में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) और मत्स्य एवं जलीय कृषि अवसंरचना विकास कोष (FIDF) के अंतर्गत ₹32.15 करोड़ की प्रमुख मत्स्यपालन परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखेंगे। मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अनुसार, यह कदम पूर्वोत्तर क्षेत्र में आत्मनिर्भर मत्स्यपालन क्षेत्र को सुदृढ़ करने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
कार्यक्रम का स्वरूप और स्थल
यह उद्घाटन 'क्षेत्रीय समीक्षा बैठक: पूर्वोत्तर क्षेत्र 2026' के अवसर पर आइजोल, मिजोरम में आयोजित किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह स्वयं करेंगे। कार्यक्रम हाइब्रिड मोड में आयोजित होगा, जिसमें भौतिक और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से भागीदारी होगी।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री पूर्वोत्तर के मत्स्यपालन लाभार्थियों को मत्स्यपालन किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) वितरित करेंगे और सर्वश्रेष्ठ मत्स्यपालन स्टार्टअप तथा मत्स्य सहकारी समितियों को पुरस्कृत भी करेंगे।
बैठक में कौन-कौन होंगे शामिल
इस उच्चस्तरीय बैठक में मत्स्य पालन राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल और राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन भी सम्मिलित होंगे। अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के मत्स्य पालन एवं पशुपालन विभागों के मंत्री, मत्स्यपालन विभाग और पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव तथा केंद्र व राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहेंगे।
चर्चा के मुख्य विषय
बैठक में राज्य मत्स्यपालन मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और प्रमुख मत्स्यपालन संस्थानों के प्रतिनिधि पूर्वोत्तर में मत्स्यपालन क्षेत्र को सशक्त बनाने पर विचार-विमर्श करेंगे। चर्चाओं में उत्पादन वृद्धि, मूल्य श्रृंखला की कमियों को दूर करना, बाज़ार संपर्क बेहतर बनाना और निर्यात संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
गौरतलब है कि पूर्वोत्तर भारत में मत्स्यपालन की अपार संभावनाएँ हैं, किंतु अवसंरचना की कमी और बाज़ार तक सीमित पहुँच इस क्षेत्र की दीर्घकालिक चुनौतियाँ रही हैं। यह बैठक उन्हीं चुनौतियों के समाधान की दिशा में एक ठोस प्रयास मानी जा रही है।
आम जनता और लाभार्थियों पर असर
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह लाभार्थियों से सीधी बातचीत भी करेंगे, जिससे ज़मीनी स्तर की चुनौतियों और आवश्यक सहयोग की पहचान हो सके। मत्स्यपालन KCC कार्डों के वितरण से मछुआरों और मत्स्य किसानों को संस्थागत ऋण तक सुगम पहुँच मिलेगी, जो उनकी आर्थिक स्थिति को मज़बूत करने में सहायक होगी।
यह क्षेत्रीय समीक्षा बैठक पूर्वोत्तर के आठ राज्यों में मत्स्यपालन नीति को नई दिशा देने का अवसर है — और इसके परिणाम आने वाले महीनों में क्षेत्र की मत्स्य अर्थव्यवस्था पर दिखने की उम्मीद है।