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पूर्वोत्तर में मत्स्यपालन को बढ़ावा: ललन सिंह आइजोल में ₹32.15 करोड़ की परियोजनाओं का करेंगे उद्घाटन

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पूर्वोत्तर में मत्स्यपालन को बढ़ावा: ललन सिंह आइजोल में ₹32.15 करोड़ की परियोजनाओं का करेंगे उद्घाटन

सारांश

केंद्रीय मंत्री ललन सिंह मिजोरम के आइजोल में ₹32.15 करोड़ की मत्स्यपालन परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। पूर्वोत्तर के आठ राज्यों की भागीदारी वाली इस क्षेत्रीय समीक्षा बैठक में उत्पादन, बाज़ार और निर्यात पर रणनीतिक चर्चा होगी।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री ललन सिंह आइजोल, मिजोरम में ₹32.15 करोड़ की मत्स्यपालन परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखेंगे।
परियोजनाएँ PMMSY और FIDF के अंतर्गत आती हैं, जिनका उद्देश्य पूर्वोत्तर में आत्मनिर्भर मत्स्यपालन क्षेत्र बनाना है।
अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा — आठ राज्यों के मंत्री बैठक में शामिल होंगे।
लाभार्थियों को मत्स्यपालन KCC कार्ड , सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप और सहकारी समिति पुरस्कार वितरित किए जाएंगे।
बैठक हाइब्रिड मोड में होगी; राज्य मंत्री एस.पी.
सिंह बघेल और जॉर्ज कुरियन भी उपस्थित रहेंगे।

केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह सोमवार को मिजोरम की राजधानी आइजोल में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) और मत्स्य एवं जलीय कृषि अवसंरचना विकास कोष (FIDF) के अंतर्गत ₹32.15 करोड़ की प्रमुख मत्स्यपालन परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखेंगे। यह कार्यक्रम 'क्षेत्रीय समीक्षा बैठक: पूर्वोत्तर क्षेत्र 2026' के अवसर पर आयोजित किया जाएगा, जो पूर्वोत्तर में आत्मनिर्भर मत्स्यपालन क्षेत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में केंद्र सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य घटनाक्रम

मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री ललन सिंह स्वयं करेंगे। कार्यक्रम में राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल और राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन भी सहभागी होंगे। यह बैठक हाइब्रिड मोड में आयोजित की जाएगी, जिसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से प्रतिभागी जुड़ेंगे।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री पूर्वोत्तर के मत्स्यपालन लाभार्थियों को मत्स्यपालन किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), सर्वश्रेष्ठ मत्स्यपालन स्टार्टअप पुरस्कार और मत्स्य सहकारी समितियों के लिए सम्मान प्रमाण पत्र वितरित करेंगे।

किन राज्यों की होगी भागीदारी

इस क्षेत्रीय समीक्षा बैठक में अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के मत्स्य पालन और पशुपालन विभागों के मंत्री भाग लेंगे। इसके साथ ही मत्स्यपालन विभाग और पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव तथा केंद्र व राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

चर्चा के प्रमुख विषय

बैठक में उत्पादन बढ़ाने, मूल्य श्रृंखला की कमियों को दूर करने, बाज़ार संबंधों को मज़बूत करने और निर्यात को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित विचार-विमर्श होगा। केंद्रीय मंत्री लाभार्थियों से सीधे संवाद कर मत्स्यपालन क्षेत्र की चुनौतियों और ज़रूरी सहयोग को समझेंगे, ताकि व्यावहारिक रणनीतियाँ तैयार की जा सकें।

सरकार की प्रतिबद्धता

मंत्रालय ने कहा है कि ये परियोजनाएँ पूर्वोत्तर क्षेत्र में आत्मनिर्भर मत्स्यपालन क्षेत्र को विकसित करने के प्रति केंद्र सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। गौरतलब है कि पूर्वोत्तर के आठ राज्यों में जल संसाधनों की प्रचुरता के बावजूद मत्स्यपालन क्षेत्र अब तक अपनी पूर्ण क्षमता तक नहीं पहुँच पाया है।

क्या होगा आगे

इस बैठक के बाद राज्यों को व्यावहारिक सहयोग देने के लिए रणनीतियाँ तय की जाएंगी। प्रमुख मत्स्यपालन संस्थानों के प्रतिनिधि भी इन चर्चाओं में शामिल होंगे, जिससे नीति और ज़मीनी क्रियान्वयन के बीच की खाई पाटने की कोशिश की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस क्षेत्र की विशाल जल-संपदा और लाखों मछुआरों की आजीविका के पैमाने पर यह राशि सीमित है। असली सवाल यह है कि PMMSY और FIDF के तहत पिछले वर्षों में आवंटित धन का क्रियान्वयन कितना प्रभावी रहा — जिसका ब्यौरा इस बैठक में सामने आना चाहिए। क्षेत्रीय समीक्षा बैठकें अक्सर घोषणाओं तक सीमित रह जाती हैं; इस बार लाभार्थियों से सीधे संवाद की पहल यदि नीति में ठोस बदलाव लाती है, तभी यह कदम सार्थक होगा।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) क्या है?
PMMSY केंद्र सरकार की प्रमुख मत्स्यपालन योजना है, जिसका उद्देश्य मत्स्य उत्पादन, अवसंरचना और मछुआरों की आजीविका को बेहतर बनाना है। यह योजना देशभर में मत्स्यपालन क्षेत्र को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
आइजोल में होने वाली क्षेत्रीय समीक्षा बैठक में कौन-कौन से राज्य शामिल होंगे?
इस बैठक में पूर्वोत्तर के आठ राज्य — अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा — के मत्स्य पालन व पशुपालन विभागों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।
मत्स्यपालन लाभार्थियों को इस कार्यक्रम में क्या मिलेगा?
लाभार्थियों को मत्स्यपालन किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), सर्वश्रेष्ठ मत्स्यपालन स्टार्टअप पुरस्कार और मत्स्य सहकारी समितियों के लिए सम्मान प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे।
₹32.15 करोड़ की परियोजनाएँ किन योजनाओं के तहत शुरू होंगी?
ये परियोजनाएँ प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) और मत्स्य एवं जलीय कृषि अवसंरचना विकास कोष (FIDF) के अंतर्गत शुरू की जाएंगी। इनका उद्देश्य पूर्वोत्तर क्षेत्र में मत्स्यपालन अवसंरचना और उत्पादन क्षमता को मज़बूत करना है।
इस बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?
बैठक में उत्पादन बढ़ाने, मूल्य श्रृंखला की कमियाँ दूर करने, बाज़ार संबंध सुधारने और निर्यात को प्रोत्साहित करने पर विचार-विमर्श होगा। साथ ही राज्यों के लिए व्यावहारिक सहयोग रणनीतियाँ भी तय की जाएंगी।
राष्ट्र प्रेस
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