मिजोरम CM लालदुहोमा का बड़ा ऐलान: बायोमेट्रिक, CBI सहमति और 'मिपुई आव' से भ्रष्टाचार पर प्रहार
सारांश
मुख्य बातें
मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने 28 अक्टूबर 2026 को आइजोल में 'सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026' के अवसर पर स्पष्ट किया कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध केवल बयानबाजी नहीं, बल्कि ठोस संस्थागत सुधारों के जरिए लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों से ईमानदारी बनाए रखने का आह्वान किया और जनता से इस अभियान में सरकार के साथ खड़े होने की अपील की।
मुख्य सुधार और नई व्यवस्थाएँ
मुख्यमंत्री ने कई प्रमुख सुधारों की जानकारी दी। सरकारी कर्मचारियों की समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू की गई है। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) को 'सामान्य सहमति' (जनरल कंसेंट) प्रदान की गई है, जो राज्य में जाँच की स्वतंत्रता को बल देती है।
'राइट टू पब्लिक सर्विसेज एक्ट' (लोक सेवा अधिकार अधिनियम) के दायरे को विस्तारित किया गया है, ताकि अधिकारी तय समय-सीमा के भीतर सेवाएँ प्रदान करें और नागरिकों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। काम के दोहराव को रोकने के लिए परियोजनाओं को केंद्रीकृत किया गया है।
डिजिटल शिकायत मंच और निगरानी समिति
लालदुहोमा ने 'मिपुई आव' नामक ऑनलाइन जन-शिकायत मंच की जानकारी दी, जिसके जरिए नागरिक अपनी शिकायतें सीधे दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि जिन शिकायतों का तत्काल समाधान संभव है, उन पर बिना विलंब कार्रवाई की जा रही है।
परियोजनाओं के उचित क्रियान्वयन और अनियमितताओं पर रोक के लिए जन-प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए एक 'प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग कमेटी' (परियोजना निगरानी समिति) गठित की गई है। साथ ही, 'इंटीग्रिटी पैक्ट' (ईमानदारी समझौता) के तहत उन अनुबंधों पर प्रतिबंध लगाया गया है जिनमें अनुबंध देने वाले अधिकारी और आवेदक के बीच पारिवारिक या अन्य निकट संबंध हों।
वित्तीय पारदर्शिता के उपाय
सरकार ने एक नई 'वित्तीय सलाहकार प्रणाली' शुरू की है, जिसके तहत विभागीय सचिवों को अपने अधिकार क्षेत्र में वित्तीय मंजूरी देने का अधिकार दिया गया है। इससे हर छोटी मंजूरी के लिए वित्त विभाग पर निर्भरता समाप्त होगी।
हाल ही में 'वन डिपार्टमेंट, वन बैंक' (एक विभाग, एक बैंक) प्रणाली भी लागू की गई है, जिससे विभागीय वित्तीय लेन-देन की निगरानी सुगम होगी। इसके अलावा, 'मिजोरम इंटीग्रेटेड वर्क्स अकाउंट सिस्टम' (मिजोरम एकीकृत कार्य लेखा प्रणाली) प्रमुख निर्माण विभागों से शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य चेक-आधारित भुगतान प्रणाली को पूर्णतः समाप्त करना है।
भर्ती, पेंशन और कर-चोरी पर कड़ाई
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी भर्तियाँ केवल विज्ञापनों के माध्यम से की जाती हैं और किसी भी अयोग्य उम्मीदवार की नियुक्ति नहीं होती। जो लोग अनुचित तरीके से पारिवारिक पेंशन ले रहे थे, उनसे स्वेच्छा से वापस लौटाने का अनुरोध किया गया, और अनेक लोगों ने ऐसा किया, जिससे सार्वजनिक धन की उल्लेखनीय बचत हुई। टैक्स चोरी करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी है।
उन्होंने लोकायुक्त को मजबूत करने और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने की भी जानकारी दी। गौरतलब है कि लालदुहोमा के अनुसार भारत में मिजोरम की दोषसिद्धि दर (कनविक्शन रेट) सर्वाधिक है, जो राज्य की कानून प्रवर्तन एजेंसियों की प्रभावशीलता को दर्शाती है।
सामूहिक प्रयास की अपील
लालदुहोमा ने नागरिकों से अपील की कि वे कहीं भी घटिया काम दिखे तो उसकी तत्काल रिपोर्ट करें। उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकों को परिवार या मित्रों द्वारा बेईमानी से कमाए गए धन से प्राप्त वस्तुओं या सुविधाओं को अस्वीकार कर देना चाहिए।
यह आयोजन केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) की पहल पर देशभर में मनाए जाने वाले 'सतर्कता जागरूकता सप्ताह' के अंतर्गत था। इस वर्ष का विषय 'समृद्धि के लिए ईमानदारी' (Probity for Prosperity) था। कार्यक्रम में गवर्नमेंट आइजोल कॉलेज के छात्रों ने वाद-विवाद प्रतियोगिता में भाग लिया और विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। मिजोरम के इन सुधारों की परीक्षा आने वाले महीनों में उनके व्यावहारिक क्रियान्वयन से होगी।