12 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या बीते चार वित्त वर्ष में देश में मोबाइल प्रोडक्शन 146 प्रतिशत बढ़ा?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या बीते चार वित्त वर्ष में देश में मोबाइल प्रोडक्शन 146 प्रतिशत बढ़ा?

सारांश

भारत के मोबाइल प्रोडक्शन में पिछले चार वित्त वर्षों में 146 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह जानकारी पीयूष गोयल ने दी है। जानिए इस वृद्धि के पीछे की वजहें और क्या है सरकार की नई योजनाएं।

मुख्य बातें

मोबाइल प्रोडक्शन में 146 प्रतिशत की वृद्धि निर्यात में 775 प्रतिशत की बढ़ोतरी सरकार की पीएलआई योजना का प्रभाव स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग का बढ़ावा आर्थिक विकास में योगदान

नई दिल्ली, 22 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। भारत में मोबाइल प्रोडक्शन वित्त वर्ष 2020-21 के 2,13,773 करोड़ रुपए से लगभग 146 प्रतिशत बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 5,25,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। यह जानकारी सरकार द्वारा मंगलवार को साझा की गई।

इसी अवधि में, मोबाइल फोन का निर्यात लगभग 775 प्रतिशत बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 2,00,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जो कि वित्त वर्ष 2020-21 में 22,870 करोड़ रुपए था।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) और राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा जैसी योजनाओं ने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया है, जिससे उत्पादन में वृद्धि और रोजगार सृजन हुआ है।

पीएलआई योजना ने प्रमुख स्मार्टफोन कंपनियों को अपना उत्पादन अन्य देशों से भारत में स्थानांतरित करने के लिए आकर्षित किया है। इससे भारत एक प्रमुख मोबाइल फोन निर्माता देश बन गया है।

पीएलआई योजना की वजह से, फार्मा क्षेत्र में कच्चे माल के आयात में भी बड़ी कमी आई है। पेनिसिलिन-जी जैसे यूनिक इंटरमीडिएट मटेरियल और थोक दवाओं का उत्पादन भारत में किया जा रहा है। साथ ही, चिकित्सा उपकरणों (जैसे सीटी स्कैन, एमआरआई) के निर्माण में तकनीकी हस्तांतरण हुआ है।

व्हाइट गुड्स के लिए पीएलआई योजना का लक्ष्य भारत में एयर कंडीशनर और एलईडी लाइट उद्योग के लिए एक मजबूत कंपोनेंट इकोसिस्टम विकसित करना है, जिससे देश वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का एक अभिन्न हिस्सा बने।

इसकी शुरुआत के बाद, भारत ने एयर कंडीशनर के लिए कंप्रेसर, कॉपर ट्यूब, हीट एक्सचेंजर, मोटर और कंट्रोल असेंबली के साथ-साथ एलईडी चिप पैकेजिंग, ड्राइवर, इंजन, लाइट मैनेजमेंट सिस्टम और एलईडी सेगमेंट में कैपेसिटर के लिए मेटलाइज्ड फिल्म का स्थानीय उत्पादन आरंभ कर दिया है।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि इस बदलाव से आयात पर निर्भरता में काफी कमी आ रही है और घरेलू विनिर्माण क्षमताएं मजबूत हो रही हैं।

केंद्रीय मंत्री के अनुसार, सरकार ने मेक इन इंडिया 2.0 पहल भी शुरू की है, जो वर्तमान में विभिन्न मंत्रालयों/विभागों और राज्य सरकारों द्वारा कार्यान्वित 27 क्षेत्रों पर केंद्रित है।

उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने देश में मैन्युफैक्चरिंग निवेश को सुविधाजनक बनाने के लिए राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (एनआईसीडीपी) के तहत 28,602 करोड़ रुपए की कुल लागत वाली 12 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि भारत की मोबाइल प्रोडक्शन में वृद्धि न केवल आर्थिक विकास का संकेत है, बल्कि यह स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग को भी प्रोत्साहित करती है। यह रोजगार सृजन और निर्यात में बढ़ोतरी का अवसर प्रदान करती है, जिससे भारत वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख मोबाइल निर्माता बन रहा है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोबाइल प्रोडक्शन में वृद्धि का मुख्य कारण क्या है?
मोबाइल प्रोडक्शन में वृद्धि का मुख्य कारण सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव योजना और अन्य औद्योगिक नीतियां हैं।
मोबाइल निर्यात में इतनी बढ़ोतरी क्यों हुई?
मोबाइल निर्यात में बढ़ोतरी का कारण वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की मांग में वृद्धि और पीएलआई योजना का प्रभाव है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 महीने पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले