PM मोदी का चेन्नई दौरा: मेट्रो, IIT ब्रेन रिसर्च सेंटर का उद्घाटन, थूथुकुडी पोर्ट के लिए ₹17,000 करोड़ का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी, उनका उद्घाटन किया और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। इस दौरे में उन्होंने आईआईटी मद्रास के ब्रेन रिसर्च सेंटर का दौरा किया, चेन्नई मेट्रो के नए चरण का लोकार्पण किया और ₹17,000 करोड़ की लागत से थूथुकुडी में वी. ओ. चिदंबरनार पोर्ट को वर्ल्ड-क्लास मेगा कंटेनर एवं ग्रीन एनर्जी हब के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
मंदिर से मेट्रो तक: 'आज के भारत की स्प्रिट'
कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने जलकंडेश्वर मंदिर में भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। उन्होंने नवरात्रि के अवसर पर कहा, "मंदिर से मेट्रो तक तमिलनाडु का यह अनुभव आज के भारत की स्प्रिट है।" उन्होंने भारत रत्न जयप्रकाश नारायण और भारत रत्न नानाजी देशमुख की जयंती पर दोनों विभूतियों को नमन भी किया।
मोदी ने इस अवसर पर सरकार के प्रमुख के रूप में अपने 25 वर्षों के सफर का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2001 में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से उन्होंने हमेशा 'राज्य के विकास से देश के विकास' के मंत्र को सर्वोपरि रखा।
चेन्नई मेट्रो और अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर
प्रधानमंत्री ने कहा कि शहरीकरण को चुनौती नहीं, बल्कि अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने रेखांकित किया कि 2014 में देश के केवल 5 शहरों में मेट्रो संचालित होती थी, जो आज बढ़कर 25 शहरों तक पहुँच गई है। चेन्नई मेट्रो का यह नया चरण न केवल यात्रियों की 'ईज़ ऑफ लिविंग' बढ़ाएगा, बल्कि शहर की समग्र आर्थिक गतिविधि को भी गति देगा।
गौरतलब है कि तमिलनाडु देश के प्रमुख शहरीकरण केंद्रों में से एक है और चेन्नई जैसे महानगर में बेहतर सार्वजनिक परिवहन की माँग लंबे समय से बनी हुई है।
मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात में नई उड़ान
मोदी ने बताया कि 2014 से भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 11 गुना और डिफेंस निर्यात 50 गुना बढ़ चुका है। इंजीनियरिंग निर्यात ने भी नए रिकॉर्ड बनाए हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरर बन गया है और इस विकास में तमिलनाडु की भूमिका अहम रही है।
उन्होंने जोर दिया कि मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ से देश के युवाओं के लिए लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियाँ पैदा हुई हैं। केंद्र सरकार का उद्देश्य तमिलनाडु जैसे राज्यों में मैन्युफैक्चरिंग को और प्रोत्साहित कर देश को वैश्विक उत्पादन केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
थूथुकुडी पोर्ट: वैश्विक शिपिंग हब की ओर
केंद्र सरकार ₹17,000 करोड़ के निवेश से थूथुकुडी स्थित वी. ओ. चिदंबरनार पोर्ट को विश्वस्तरीय मेगा कंटेनर और ग्रीन एनर्जी हब के रूप में विकसित कर रही है। पूर्ण होने पर यह पोर्ट दुनिया के सबसे बड़े कंटेनर जहाजों को संभालने में सक्षम होगा। मोदी के अनुसार, इससे तमिलनाडु को उद्योग और परिवहन के एक वैश्विक केंद्र में बदलने में मदद मिलेगी।
यह ऐसे समय में आया है जब हिंद महासागर क्षेत्र में शिपिंग और रसद क्षमता को लेकर भारत और उसके प्रतिस्पर्धियों के बीच होड़ तेज हो रही है।
तमिलनाडु के साथ केंद्र की प्रतिबद्धता
मोदी ने मुख्यमंत्री विजय के साथ मिलकर तमिलनाडु के विकास की यात्रा जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "हम एक ऐसा तमिलनाडु बनाना चाहते हैं जो निरंतर नई ऊंचाई तक पहुंचता जाए।" उन्होंने राज्य की जनता को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार हर कदम पर 'पूरी प्रतिबद्धता के साथ' खड़ी रहेगी और 'विकसित तमिलनाडु से विकसित भारत' के संकल्प को साकार किया जाएगा।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्रियों एम. करुणानिधि, जे. जयललिता, ओ. पन्नीरसेल्वम और ई. पलानीस्वामी के साथ कार्यकाल में हुए संवाद का भी उल्लेख किया और कहा कि सरकारें बदलती रहीं लेकिन तमिलनाडु के विकास के प्रति उनका संकल्प अटूट रहा। आगे आने वाले समय में इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन की गति और उनसे होने वाले वास्तविक रोज़गार सृजन पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।