क्या 14 वर्षीय मुक्केबाज मोहम्मद यासिर ने 30 साल बाद जम्मू-कश्मीर के लिए स्वर्ण जीता?

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क्या 14 वर्षीय मुक्केबाज मोहम्मद यासिर ने 30 साल बाद जम्मू-कश्मीर के लिए स्वर्ण जीता?

सारांश

राजौरी का 14 वर्षीय मुक्केबाज मोहम्मद यासिर ने 30 साल बाद जम्मू-कश्मीर के लिए स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। इस विजयी पल ने न केवल राज्य का नाम रोशन किया, बल्कि खेलो इंडिया पहल की सफलता को भी उजागर किया है। जानिए यासिर की प्रेरणादायक यात्रा और उनकी मेहनत के पीछे की कहानी।

Key Takeaways

  • मोहम्मद यासिर ने 30 साल बाद जम्मू-कश्मीर के लिए स्वर्ण पदक जीता।
  • यासिर की जीत ने खेलो इंडिया पहल की सफलता को दर्शाया।
  • यासिर की कड़ी मेहनत और कोच की दिशा ने उन्हें सफल बनाया।
  • राजौरी में बॉक्सिंग सेंटर की स्थापना ने युवा खिलाड़ियों को अवसर प्रदान किया।
  • यासिर की कहानी समाज के लिए प्रेरणा है।

राजौरी, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। 14 वर्षीय मुक्केबाज मोहम्मद यासिर को अब राजौरी का गौरव माना जाता है। यासिर ने अंडर-14 सब-जूनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर जम्मू-कश्मीर का नाम रोशन किया है। यह उपलब्धि विशेष है, क्योंकि 30 साल बाद जम्मू-कश्मीर ने इस आयु वर्ग में स्वर्ण पदक प्राप्त किया है। यासिर की इस जीत ने राजौरी को राष्ट्रीय बॉक्सिंग मानचित्र पर स्थापित किया, साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खेलो इंडिया पहल को भी एक मिसाल के रूप में प्रस्तुत किया।

नोएडा में 6 से 13 अगस्त तक आयोजित चौथे सब-जूनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में यासिर ने 52-55 किलोग्राम वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने लगातार पांच मुकाबले जीतकर फाइनल में मणिपुर के नेल्सन ख्वैराकपम को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यासिर की इस सफलता को उनके कोच इश्तियाक मलिक की मेहनत और राजौरी में खेलो इंडिया बॉक्सिंग सेंटर की सुविधाओं का नतीजा माना जा रहा है।

जम्मू-कश्मीर भाजपा के पूर्व अध्यक्ष रविंदर रैना ने बारिश में भी राजौरी में यासिर के घर जाकर उन्हें सम्मानित किया। रैना ने कहा, "मोहम्मद यासिर राजौरी और जम्मू-कश्मीर का सच्चा हीरो है। मुझे विश्वास है कि वह भविष्य में एशियाई खेलों और ओलंपिक में भारत का नाम रोशन करेगा।"

उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय खेलो इंडिया योजना को दिया, जिसके तहत राजौरी में बॉक्सिंग सेंटर स्थापित हुआ, जहाँ यासिर ने अपने कौशल को निखारा। रैना ने कोच इश्तियाक मलिक की भी सराहना की, जिन्होंने यासिर को चैंपियन बनाने में दिन-रात मेहनत की।

यासिर की कहानी प्रेरणा से भरी है। छह साल पहले अपने पिता को खो चुके इस मुक्केबाज की मां, नसीम अख्तर, एक घरेलू सहायिका के रूप में काम करती हैं। परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। यासिर ने अपनी पढ़ाई और प्रशिक्षण के लिए एमबीबीएस छात्रों के लिए खाना बनाकर पैसे कमाए।

इस किशोर ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस को बताया, "मैं सुबह और शाम को प्रैक्टिस करता था, दिन में स्कूल जाता था। मेरे कोच ने मेरे लिए बहुत मेहनत की।" जीत का श्रेय खेलो इंडिया गेम्स को देते हुए कहा, "मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने हमें यह मंच दिया। मैं पहला अंडर-15 लड़का हूं, जिसने 20 साल बाद जम्मू-कश्मीर के लिए स्वर्ण पदक जीता। मेरा सपना है कि मैं एशियाई चैंपियनशिप और ओलंपिक में भी स्वर्ण जीतकर देश का नाम रोशन करूं।"

उनकी मां नसीम ने भावुक होकर कहा, "रविंदर रैना जी बारिश में भी मेरे बेटे से मिलने आए। मुझे गर्व है, लेकिन हमारी हालत ठीक नहीं है। हमें उम्मीद है कि सरकार हमारी मदद करेगी।"

वहीं, कोच इश्तियाक मलिक ने कहा, "यह राजौरी और जम्मू-कश्मीर के लिए गर्व का पल है। खेलो इंडिया ने हमें प्रतिभाएं खोजने और उन्हें तराशने का मौका दिया। मैं प्रधानमंत्री मोदी और रविंदर रैना का आभार व्यक्त करता हूं। यासिर ने कड़ी मेहनत की और यह स्वर्ण पदक उसी का नतीजा है। यदि खेलो इंडिया जैसे प्रयास जारी रहें, तो जम्मू-कश्मीर के बच्चे भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगे।"

Point of View

बल्कि यह खेलो इंडिया पहल की सफलता को भी दर्शाती है। युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और उन्हें उचित संसाधन प्रदान करना आवश्यक है। यासिर की कहानी यह बताती है कि कठिनाईयों के बावजूद, समर्पण और मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

मोहम्मद यासिर ने किस चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता?
मोहम्मद यासिर ने अंडर-14 सब-जूनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।
यासिर की जीत का श्रेय किसे दिया गया?
यासिर की जीत का श्रेय उनके कोच इश्तियाक मलिक और खेलो इंडिया बॉक्सिंग सेंटर की सुविधाओं को दिया गया।
यासिर के परिवार की स्थिति कैसी है?
यासिर का परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है, और उनकी मां घरेलू सहायिका के रूप में काम करती हैं।
रविंदर रैना ने यासिर को कैसे सम्मानित किया?
रविंदर रैना ने बारिश में भी यासिर के घर जाकर उन्हें सम्मानित किया।
यासिर का सपना क्या है?
यासिर का सपना एशियाई चैंपियनशिप और ओलंपिक में स्वर्ण जीतकर देश का नाम रोशन करना है।