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दिल्ली में दो जगह आग: मंगोलपुरी फर्नीचर मार्केट और द्वारका नमकीन फैक्ट्री, कोई हताहत नहीं

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दिल्ली में दो जगह आग: मंगोलपुरी फर्नीचर मार्केट और द्वारका नमकीन फैक्ट्री, कोई हताहत नहीं

सारांश

दिल्ली में एक ही रात दो जगह आग — मंगोलपुरी की 11 दुकानों वाले फर्नीचर मार्केट में लाखों का नुकसान और द्वारका में 300 वर्ग गज की नमकीन फैक्ट्री में 'मेक-4' आग। दमकल की तेज़ कार्रवाई से जानमाल बचा, लेकिन संपत्ति को भारी क्षति हुई।

मुख्य बातें

19-20 जून 2025 की दरमियानी रात नई दिल्ली में दो अलग-अलग जगह आग लगी।
मंगोलपुरी एस-ब्लॉक फर्नीचर मार्केट की 11 दुकानें प्रभावित; लाखों रुपये का फर्नीचर और कुछ वाहन क्षतिग्रस्त।
द्वारका मेट्रो स्टेशन के पास 300 वर्ग गज क्षेत्र की नमकीन फैक्ट्री में 'मेक-4' श्रेणी की आग लगी।
दमकल विभाग ने सुबह 3:30 बजे तक द्वारका की आग पर पूरी तरह काबू पाया।
दोनों घटनाओं में कोई हताहत नहीं ; आग के कारणों की जाँच जारी है।

नई दिल्ली में 19-20 जून 2025 की दरमियानी रात मंगोलपुरी एस-ब्लॉक के फर्नीचर मार्केट और द्वारका मेट्रो स्टेशन के निकट एक नमकीन फैक्ट्री में एक साथ आग लगने से हड़कंप मच गया। दिल्ली फायर सर्विस ने दोनों स्थानों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाया और राहत की बात यह रही कि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

मंगोलपुरी फर्नीचर मार्केट में आग का कहर

बाहरी दिल्ली के मंगोलपुरी एस-ब्लॉक स्थित फर्नीचर मार्केट में रात करीब 2 बजे अचानक आग भड़क उठी। फायर ऑफिसर भूपिंदर शर्मा के अनुसार इस मार्केट में कुल 11 दुकानें हैं। दुकानों में सूखी लकड़ी, प्लाईवुड, फोम और अन्य ज्वलनशील सामग्री की बड़ी मात्रा होने के कारण आग ने देखते-देखते विकराल रूप ले लिया।

आग इतनी तेज़ी से फैली कि दुकानों के पीछे खड़े कुछ वाहन भी इसकी चपेट में आ गए। घटनास्थल के पास रहने वाले एक स्थानीय निवासी ने बताया, 'यह फर्नीचर की दुकान थी और हमें ठीक-ठीक नहीं पता कि आग कैसे लगी। यह घटना रात करीब दो बजे हुई।' आग लगने के सटीक कारणों की जाँच पुलिस और प्रशासन की टीमें कर रही हैं।

दिल्ली फायर सर्विस की कई गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं और बुझाने का अभियान शुरू किया गया। दमकल कर्मियों की कड़ी मेहनत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया। हालाँकि दुकानों में रखा लाखों रुपये का फर्नीचर और कुछ वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

द्वारका नमकीन फैक्ट्री में 'मेक-4' श्रेणी की आग

द्वारका मेट्रो स्टेशन के पास टिन शेड में संचालित एक नमकीन फैक्ट्री में भी उसी रात आग लग गई। दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार यह 'मेक-4' श्रेणी की आग थी, जो गंभीर स्तर की मानी जाती है। फैक्ट्री लगभग 300 वर्ग गज क्षेत्र में फैली हुई थी।

दमकल विभाग ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और सुबह करीब 3:30 बजे सभी यूनिट्स वापस लौट गईं। इस घटना में भी किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

समय पर दमकल की दखल — बड़ा हादसा टला

यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में गर्मी के मौसम में आग की घटनाएँ बढ़ जाती हैं और घनी बस्तियों के बीच स्थित व्यावसायिक प्रतिष्ठान विशेष रूप से जोखिम में रहते हैं। गौरतलब है कि मंगोलपुरी का एस-ब्लॉक रिहायशी इलाके से सटा हुआ है — यदि दमकल विभाग समय पर नहीं पहुँचता, तो आग आसपास के घरों तक फैल सकती थी।

दोनों घटनाओं में जानमाल का नुकसान न होना दमकल विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया का प्रमाण है, लेकिन संपत्ति को हुई क्षति का आकलन अभी जारी है।

जाँच और आगे की कार्रवाई

पुलिस और प्रशासन की टीमें दोनों स्थानों पर आग लगने के कारणों की जाँच कर रही हैं। मंगोलपुरी मामले में शॉर्ट सर्किट या अन्य कारणों की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। द्वारका फैक्ट्री के मामले में भी प्रारंभिक जाँच जारी है। अधिकारियों के अनुसार विस्तृत रिपोर्ट जल्द सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इन प्रतिष्ठानों में अग्नि-सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था या नहीं — और यदि नहीं, तो जवाबदेही किसकी है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंगोलपुरी फर्नीचर मार्केट में आग कब और कैसे लगी?
मंगोलपुरी एस-ब्लॉक के फर्नीचर मार्केट में 19-20 जून 2025 की दरमियानी रात करीब 2 बजे आग लगी। आग के सटीक कारणों की जाँच पुलिस और प्रशासन कर रहे हैं; स्थानीय निवासी के अनुसार कारण अभी स्पष्ट नहीं है।
क्या दोनों आग की घटनाओं में कोई हताहत हुआ?
नहीं, मंगोलपुरी और द्वारका — दोनों घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालाँकि मंगोलपुरी में लाखों रुपये का फर्नीचर और कुछ वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
द्वारका नमकीन फैक्ट्री में 'मेक-4' आग का क्या मतलब है?
'मेक-4' दिल्ली फायर सर्विस की आग की गंभीरता श्रेणी है, जो बड़े और कठिन अग्निकांड को दर्शाती है। द्वारका की 300 वर्ग गज की फैक्ट्री में लगी इस आग को काबू करने में दमकल कर्मियों को कई घंटे लगे और सुबह 3:30 बजे सभी यूनिट्स वापस लौटीं।
मंगोलपुरी फर्नीचर मार्केट में कितनी दुकानें थीं और नुकसान कितना हुआ?
फायर ऑफिसर भूपिंदर शर्मा के अनुसार मार्केट में कुल 11 दुकानें हैं। दुकानों में रखा लाखों रुपये का फर्नीचर और पीछे खड़े कुछ वाहन आग में क्षतिग्रस्त हो गए; संपत्ति के नुकसान का सटीक आकलन जारी है।
आग लगने के कारणों की जाँच कौन कर रहा है?
पुलिस और प्रशासन की टीमें दोनों घटनास्थलों पर आग के कारणों की जाँच कर रही हैं। अभी तक कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है और विस्तृत रिपोर्ट जल्द आने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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