मुरादाबाद एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा: डिप्टी CM ब्रजेश पाठक के विमान के इंजन से उठा धुआं, सभी सुरक्षित
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के सरकारी विमान में सोमवार, 25 मई को मुरादाबाद एयरपोर्ट पर टेकऑफ से पहले गंभीर तकनीकी खराबी आ गई — रनवे पर आगे बढ़ते समय विमान के एक इंजन ने अचानक काम करना बंद कर दिया और उससे धुआं उठने लगा। पायलट की सतर्कता और एयरपोर्ट प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया तथा उपमुख्यमंत्री समेत सभी यात्री और अधिकारी सुरक्षित रहे।
मुख्य घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, विमान प्रस्थान की तैयारी में रनवे पर आगे बढ़ रहा था, तभी अचानक एक इंजन ने काम करना बंद कर दिया। इंजन के बाहरी हिस्से से धुआं उठता देख एयरपोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया। एहतियात के तौर पर विमान को तुरंत रनवे पर ही रोक दिया गया और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
सुरक्षा कर्मियों और क्रू सदस्यों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया। इसके बाद नागरिक उड्डयन विभाग के इंजीनियरों ने विमान की विस्तृत तकनीकी जाँच शुरू की।
संभल दौरे से लौट रहे थे पाठक
बताया जा रहा है कि ब्रजेश पाठक सोमवार को संभल दौरे से लौट रहे थे। दौरे के दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की संगठनात्मक बैठक में हिस्सा लिया और विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में वेस्ट टू वंडर स्कल्पचर्स का लोकार्पण किया तथा सिंदूर वाटिका में पौधरोपण भी किया।
इसके अलावा उपमुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत लाभार्थियों को चेक वितरित किए और बच्चों को स्कूल बैग व पठन सामग्री भी बाँटी।
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब उपमुख्यमंत्रियों की उड़ान तकनीकी दिक्कत का शिकार हुई हो। इससे पहले 9 मार्च को लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर इंडिगो की कोलकाता जाने वाली उड़ान में तकनीकी खराबी आई थी। उस समय उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक दोनों उस विमान में सवार थे। तकनीकी खराबी के चलते विमान को एप्रन पर वापस लाना पड़ा था और करीब एक घंटे बाद उड़ान रवाना हो सकी थी।
यह ऐसे समय में आया है जब वीआईपी उड़ानों की सुरक्षा और सरकारी विमानों के रखरखाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दो अलग-अलग अवसरों पर एक ही वरिष्ठ अधिकारी की उड़ान में तकनीकी खराबी आना नागरिक उड्डयन विभाग के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
एयरपोर्ट प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियाँ और तकनीकी टीम तुरंत सक्रिय हो गईं। स्थिति पर तत्काल नियंत्रण पा लिया गया। नागरिक उड्डयन विभाग के इंजीनियर विमान की जाँच में जुट गए, हालाँकि जाँच के निष्कर्षों की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
आगे क्या
तकनीकी जाँच के नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि वीआईपी विमानों के नियमित रखरखाव और पूर्व-उड़ान जाँच प्रक्रिया की समीक्षा ज़रूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।