क्या मुख्यमंत्री धामी की पहल पर दुगड्डा में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” शिविर आयोजित किया गया?
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री धामी की पहल से ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ।
- 61 शिकायतों में से अधिकांश का समाधान मौके पर।
- शिविर में 350 ग्रामीणों ने लाभ उठाया।
- स्थानीय विधायक रेनू बिष्ट की सराहना।
- 18 मार्च 2026 तक कार्यक्रम का आयोजन।
पौड़ी गढ़वाल, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में चल रहे “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के तहत प्रशासन गांव की ओर अभियान के अन्तर्गत विकासखंड दुगड्डा की न्याय पंचायत उतिर्च्छा में एक बहुउद्देश्यीय शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में सचिव वित्त दिलीप जावलकर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से अनुरोध किया कि वे शासन की विभिन्न विकासात्मक और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जानकारी प्राप्त करें।
इस शिविर में कुल 61 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश का समाधान मौके पर ही किया गया, जबकि बाकी शिकायतों के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई का निर्देश दिया गया।
मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने अधिकारियों को आदेश दिया कि सभी शिकायतों का प्रभावी और त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल्स के माध्यम से लगभग 350 ग्रामीणों ने सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त किया।
स्थानीय विधायक रेनू बिष्ट ने सरकार की इस पहल की प्रशंसा की और कहा कि ऐसे शिविरों से आम जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिलता है। उन्होंने कहा कि प्राप्त शिकायतों और मांगों का समय पर समाधान सुनिश्चित करने की आवश्यकता है, ताकि शासन की जनकल्याणकारी नीतियों का लाभ वास्तविकता में पहुंच सके।
मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जनपद के 15 विकासखंडों की 115 न्याय पंचायतों में 18 मार्च 2026 तक “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। शिविरों का आयोजन क्रमबद्ध तरीके से किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शिविर में विद्युत, पेयजल, वन, घेरबाड़, सड़क, पुल सहित कई समस्याएं प्राप्त हुई हैं, जिनमें से अधिकांश का समाधान किया जा चुका है और शेष को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों को भेज दिया गया है।
शिविर में 23 रेखीय विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी और सेवाएं प्रदान की गईं।