क्या मुंबई महानगर पालिका में महायुति का महापौर बनेगा : मिलिंद देवड़ा
सारांश
Key Takeaways
- महायुति को मुंबई में एक और अवसर मिलने की संभावना है।
- महापौर का चुनाव १६ जनवरी को होगा।
- महापौर बनने पर प्रशासन को अकाउंटेबल होना चाहिए।
- मुंबई मेट्रो आधुनिक है और आम जनता को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
- महायुति का उद्देश्य आम लोगों को सशक्त बनाना है।
मुंबई, २ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने मुंबई महानगर पालिका चुनाव के संदर्भ में यह दावा किया कि मुंबई, एमएमआर क्षेत्र और पूरे महाराष्ट्र में २९ नगर निगमों के चुनावों में जनता ने महायुति को एक और अवसर देने का मन बना लिया है। उन्होंने कहा कि १६ जनवरी के बाद मुंबई महानगर पालिका में महायुति का महापौर बनेगा।
मिलिंद देवड़ा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि जिस तरह महायुति के उम्मीदवारों ने अपने-अपने क्षेत्रों में निर्विरोध जीत हासिल की है, वह जनता के भरोसे को दर्शाता है। उनका दावा है कि मुंबई, एमएमआर क्षेत्र और पूरे महाराष्ट्र में २९ नगर निगमों के चुनावों में जनता ने महायुति को एक और अवसर देने का मन बना लिया है।
उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य में सत्ता में होने के बाद १६ जनवरी के बाद मुंबई महानगर पालिका में भी महापौर महायुति का होगा। उन्होंने कहा कि पिछले २५ वर्षों से मुंबई महानगर पालिका, जो देश की सबसे समृद्ध और सबसे बड़ी नगरपालिका है, उसके बजट का आकार कई राज्य सरकारों के बजट से भी अधिक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिवसेना (यूबीटी) ने इस महानगर पालिका का दुरुपयोग किया और इसे एटीएम की तरह इस्तेमाल किया। देवड़ा ने कहा कि जब महायुति मुंबई महानगर पालिका में सत्ता में आएगी, तब 'एटीएम' का अर्थ होगा “अकाउंटेबल टू मुंबईकर”, यानी मुंबईकरों के प्रति जवाबदेह प्रशासन।
मुंबई और एमएमआर क्षेत्र में हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को लेकर देवड़ा ने कहा कि यह विकास केवल अमीरों के लिए नहीं, बल्कि आम मुंबईकरों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। उन्होंने मुंबई मेट्रो का उदाहरण देते हुए कहा कि अपने व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर वह कह सकते हैं कि मुंबई की मेट्रो लंदन, न्यूयॉर्क और पेरिस की मेट्रो से भी अधिक आधुनिक है। देवड़ा ने कहा कि यह हर मुंबईकर के लिए गर्व की बात है और महायुति का उद्देश्य आम लोगों को सशक्त बनाना है।