क्या पश्चिम बंगाल में जंगलराज और वोट की डकैती है? गौरव भाटिया ने ममता सरकार को घेरा
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नई दिल्ली, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के शासन में पश्चिम बंगाल में जंगलराज का बोलबाला है और कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है।
गौरव भाटिया ने कहा, "सोचिए, एक ऐसे मुख्यमंत्री की कल्पना कीजिए जिसने संविधान की रक्षा करने की शपथ ली है, लेकिन संविधान की रक्षा करने की बजाय ममता बनर्जी भारत के गृह मंत्री अमित शाह को धमकी देती हैं कि अगर वह चाहें, तो अमित शाह पश्चिम बंगाल में कदम भी नहीं रख पाएंगे। वह न केवल संविधान के अनुच्छेद 19 का उल्लंघन कर रही हैं, बल्कि भारत के गृह मंत्री को खुली धमकी भी दे रही हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "अनुच्छेद 19 कहता है कि हर नागरिक स्वतंत्र है और पूरे भारत में कहीं भी जा सकता है। तो कैसे यह संभव है कि जो मुख्यमंत्री संविधान की शपथ लेती है, वही भारत के गृहमंत्री को धमकी देने लगे? यह चिंताजनक है।"
गौरव भाटिया ने कहा, "जंगलराज और गुंडाराज ऐसा ही होता है। जहां ममता बनर्जी को लगता है कि रोहिंग्या उनका वोट बैंक हैं, और वह गृह मंत्री को धमकियां देती हैं। ममता बनर्जी को यह समझना चाहिए कि उन्होंने मुख्यमंत्री बनने का हक खो दिया है।"
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की सांप्रदायिक बयानबाजी और धमकियां उनकी घबराहट को दर्शाती हैं।
भाटिया ने एसआईआर पर भी ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा, "एसआईआर एक संवैधानिक प्रक्रिया है। अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि ममता बनर्जी इसे होने नहीं देंगी और खून की नदियां बहाने की धमकी दी है। यह उनकी मानसिकता को उजागर करता है। अगर कहीं वोट की चोरी हो रही है, तो वह ममता बनर्जी के राज में हो रही है।"
गौरव भाटिया ने कहा, "पश्चिम बंगाल में वोट की चोरी हो रही है, और ममता बनर्जी इसे अंजाम दे रही हैं। गृह मंत्री और नागरिकों को मिल रही धमकियां यह दर्शाती हैं कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।"
भाटिया ने राहुल गांधी की टिप्पणी पर कहा कि उन्हें अपनी जिम्मेदारी का एहसास होना चाहिए। वह भारत विरोधी ताकतों के लिए सहायक बन रहे हैं।
अंत में, उन्होंने कर्नाटक के हालिया सर्वेक्षण का जिक्र किया जिसमें 85 प्रतिशत जनता ने चुनावी प्रक्रिया पर भरोसा जताया है।