मुरादाबाद: पति ने पत्नी फरीन का गला काटा, फिर खुद को भी किया घायल; दोनों गंभीर
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में नागफनी थाना क्षेत्र के दसवां घाट इलाके में 7 नवंबर 2026 को एक दंपती गंभीर रूप से घायल हो गए, जब आरोपी पति तौकीर (26) ने धारदार हथियार से पत्नी फरीन (25) की गर्दन काट दी और इसके बाद खुद को भी घायल कर लिया। दोनों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पीड़िता फरीन ने पति पर लंबे समय से घरेलू हिंसा करने का आरोप लगाया है।
घटनाक्रम: क्या हुआ उस शाम
पीड़िता की माँ शबाना के अनुसार, घटना से पहले परिवार के सभी सदस्यों ने साथ खाना खाया था और कोई विशेष विवाद नजर नहीं आया था। इसके कुछ देर बाद ही तौकीर ने धारदार हथियार से फरीन की गर्दन पर वार किया और तत्पश्चात खुद की गर्दन पर भी चोट कर ली। शबाना ने बताया, 'जब मैं घर पहुँची तो देखा कि घर में लोग इकट्ठा थे। पता चला कि मेरी बच्ची घायल पड़ी है।'
दोनों को स्थानीय लोगों की मदद से जिला अस्पताल पहुँचाया गया। जिला अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टर जुनैद अहमद ने बताया कि दोनों घायलों के गले पर धारदार हथियार से चोट के निशान हैं और फिलहाल उन्हें निगरानी में रखा गया है। उन्होंने कहा, 'अभी 24 घंटे तक स्वास्थ्य के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।'
पीड़िता की आपबीती: पहले भी होती थी मारपीट
गंभीर हालत के बावजूद फरीन ने अस्पताल में अपनी व्यथा बयान की। उन्होंने कहा, 'उसने मेरी गर्दन काट दी, फिर अपनी काट ली गुस्से में। वह कहता था कि तू मेरे साथ नहीं रहना चाहती।' उन्होंने बताया कि तौकीर पहले भी उनके साथ मारपीट करता था।
फरीन के अनुसार वे कई बार थाने में शिकायत लेकर गईं, लेकिन उन्हें हर बार बिना सुनवाई के वापस भेज दिया गया। उन्होंने कहा, 'पुलिस वाले भी मेरी मदद नहीं करते थे।' पीड़िता ने यह भी बताया कि उनके छोटे बच्चे हैं और उनके माता-पिता की आर्थिक स्थिति कमज़ोर है।
परिवार की प्रतिक्रिया और पुलिस की भूमिका पर सवाल
पीड़िता की माँ शबाना ने बताया कि तौकीर और फरीन ने अपनी मर्जी से विवाह किया था और उनके पिता ने शादी करवाई थी। दोनों के बीच आए दिन विवाद होता रहता था। शबाना ने कहा, 'हम बस यही चाहते हैं कि मेरी बच्ची को न्याय मिले और उसकी ठीक तरह से मदद की जाए।'
पीड़िता के बयान में पुलिस की निष्क्रियता का जो आरोप सामने आया है, वह गौर करने वाला है। यदि यह सच है कि फरीन ने पहले भी थाने में शिकायत की थी और उन्हें बिना मदद के लौटा दिया गया, तो यह मामला महज एक घरेलू हिंसा की घटना नहीं बल्कि तंत्र की विफलता का उदाहरण भी बनता है।
आगे क्या होगा
फिलहाल नागफनी थाना पुलिस मामले की जाँच कर रही है। दोनों की स्वास्थ्य स्थिति के स्थिर होने पर विधिवत बयान दर्ज किए जाएँगे। पीड़िता परिवार ने न्यायिक कार्रवाई और उचित सहायता की माँग की है। इस घटना से उत्तर प्रदेश में घरेलू हिंसा पीड़ितों को मिलने वाली पुलिस सहायता पर भी ध्यान जाना स्वाभाविक है।