मुजफ्फरपुर में रेलवे सुविधाओं के विस्तार की मांग: उत्तर बिहार चैंबर ने रेलवे अधिकारियों को सौंपी 8 सूत्री माँग
सारांश
मुख्य बातें
मुजफ्फरपुर, 20 जून 2026। उत्तर बिहार वाणिज्य एवं उद्योग परिषद (नॉर्थ बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुजफ्फरपुर में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें ट्रेन विस्तार, नई सुविधाओं और यात्री समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई। परिषद के अध्यक्ष श्याम भीमसेरिया ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने कई अहम माँगें अधिकारियों के सामने रखीं और उम्मीद जताई कि रेलवे इन पर संज्ञान लेते हुए यात्रियों को राहत प्रदान करेगा।
मुख्य माँगें और मुद्दे
बैठक में सबसे अहम मुद्दा उन ट्रेनों का उठाया गया जो पटना, राजेंद्र नगर, दानापुर और छपरा तक आकर 12 से 14 घंटे तक बेकार खड़ी रहती हैं। प्रतिनिधिमंडल ने अनुरोध किया कि कम से कम 10 ऐसी ट्रेनों को मुजफ्फरपुर तक विस्तारित किया जाए। भीमसेरिया के अनुसार इससे दोहरा लाभ होगा — ट्रेनों का सही उपयोग होगा और उत्तर बिहार के यात्रियों को लंबी दूरी की बेहतर ट्रेन-सेवाएँ मिलेंगी।
गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर को वर्ल्ड क्लास स्टेशन के रूप में विकसित करने का काम वर्तमान में जारी है। ऐसे में यहाँ से लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन और भी आवश्यक हो जाता है।
वंदे भारत विस्तार और रामायण सर्किट
प्रतिनिधिमंडल ने माँग की कि गोरखपुर-पटना वंदे भारत को अयोध्या तक बढ़ाया जाए। भीमसेरिया ने कहा कि इससे रामायण सर्किट को बढ़ावा मिलेगा और मुजफ्फरपुर क्षेत्र — जिसे सीता जी की जन्मभूमि के रूप में जाना जाता है — का अयोध्या से सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा, जो सनातन धर्म की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होगा।
इसके साथ ही रांची-पटना वंदे भारत को भी मुजफ्फरपुर तक विस्तारित करने की माँग रखी गई। वर्तमान में मुजफ्फरपुर से रांची के बीच केवल मौर्य एक्सप्रेस ही उपलब्ध है।
यात्री सुविधाओं से जुड़ी अन्य माँगें
बैठक में हावड़ा-काठगोदाम एक्सप्रेस में पैंट्री कार की अनुपस्थिति का मुद्दा भी उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इतनी लंबी दूरी की ट्रेन में पैंट्री कार का न होना यात्रियों के लिए असुविधाजनक और अव्यावहारिक है।
मुजफ्फरपुर स्टेशन पर पिक-एंड-ड्रॉप सुविधा को सरल बनाने की भी माँग की गई। अभी वाहन से आने वाले यात्रियों को ट्रेन देरी से जाने पर भी अनावश्यक रसीद कटवानी पड़ती है, जिसे समाप्त करने की अपील की गई।
मुजफ्फरपुर-पटना के बीच लोकल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की भी माँग उठाई गई, क्योंकि नरकटियागंज, रक्सौल, सहरसा और बरौनी दिशाओं से आने वाली मौजूदा ट्रेनों में मुजफ्फरपुर के यात्रियों को सीट नहीं मिल पाती।
स्टेशन विकास की माँग
मालगोदाम, नारायणपुर अनंत और कर्पूरी ग्राम स्टेशनों को बेहतर सुविधाओं से लैस करने की भी माँग की गई। विशेष रूप से नारायणपुर अनंत स्टेशन के विकास पर जोर दिया गया, जिसका देशभर में धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व बताया गया।
आगे की राह
भीमसेरिया ने उम्मीद जताई कि रेलवे अधिकारी इन माँगों पर सकारात्मक रुख अपनाएँगे। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब मुजफ्फरपुर को वर्ल्ड क्लास स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है और उत्तर बिहार में बेहतर रेल संपर्क की माँग लगातार बढ़ रही है। रेलवे की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।