14 अक्टूबर 2026
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नालासोपारा इंपीरियल हाइट्स इमारत में आग: 2 महिलाओं की मौत, 25-30 लोग बचाए गए

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नालासोपारा इंपीरियल हाइट्स इमारत में आग: 2 महिलाओं की मौत, 25-30 लोग बचाए गए

सारांश

नालासोपारा की इंपीरियल हाइट्स इमारत में मंगलवार आधी रात लगी भीषण आग ने दो जानें ले लीं। 13वीं-14वीं मंजिल तक फैली आग से 25-30 लोग बचाए गए। धुएँ से दम घुटना प्रारंभिक मौत का कारण; बिल्डिंग परमिशन और फायर NOC की जाँच शुरू।

मुख्य बातें

नालासोपारा की इंपीरियल हाइट्स इमारत में 14 अक्टूबर 2026 की रात 11:30 बजे भीषण आग लगी।
फाल्गुनी शाह (50 वर्ष) और अश्विनी पारकर (50 वर्ष) की मौत की पुष्टि; प्रारंभिक कारण धुएँ से दम घुटना।
विशेष TTL मशीन सहित अभियान में कुल 25 से 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
आग 13वीं-14वीं मंजिल पर सर्वाधिक भीषण; 12वीं मंजिल का रिफ्यूज फ्लोर भी प्रभावित।
जाँच में बिल्डिंग परमिशन, फायर NOC, अग्निशमन प्रणाली और संभावित शॉर्ट सर्किट शामिल।
प्रभावित परिवारों को बैंक्वेट हॉल और होटल में अस्थायी आश्रय दिया गया।

महाराष्ट्र के नालासोपारा-वसई लिंक रोड स्थित अचोले क्षेत्र की बहुमंजिला इंपीरियल हाइट्स इमारत में मंगलवार रात 11:30 बजे भीषण आग लगने से दो महिलाओं की मौत हो गई और दर्जनों लोग ऊपरी मंजिलों पर फंस गए। वसई-विरार शहर महानगरपालिका के अग्निशमन विभाग, पुलिस और प्रशासन ने तत्काल बचाव अभियान शुरू कर 25 से 30 लोगों को सुरक्षित निकाला।

आग का फैलाव और बचाव अभियान

वसई-विरार शहर महानगरपालिका के चीफ फायर अधिकारी रोहन मोरे ने बताया कि शुरुआत में चौथी मंजिल पर आग लगने की सूचना मिली थी, लेकिन मौके पर पहुँचने के बाद आग की वास्तविक गंभीरता का पता चला। 13वीं और 14वीं मंजिल पर आग सबसे अधिक भीषण थी, जबकि तीसरी और नौवीं मंजिल पर भी आग अथवा अंगारों के अवशेष पाए गए। 12वीं मंजिल के रिफ्यूज फ्लोर का दरवाज़ा भी आग की चपेट में आ गया।

विशेष टर्नटेबल लैडर (TTL) मशीन की सहायता से 8 लोगों को इमारत के बाहर से सीधे रेस्क्यू किया गया। सीढ़ियों में अत्यधिक गर्मी के कारण अग्निशमन दल ने स्थिति का आकलन करते हुए फंसे निवासियों को योजनाबद्ध तरीके से सुरक्षित बाहर निकाला। कुल मिलाकर 25 से 30 लोगों को सुरक्षित निकाले जाने की पुष्टि हुई है।

मृतकों की पहचान और मौत का कारण

इस अग्निकांड में फाल्गुनी शाह (50 वर्ष) और अश्विनी पारकर (50 वर्ष) की मौत की पुष्टि हुई है। वसई-विरार शहर महानगरपालिका के तुलिंज अस्पताल की इंचार्ज डॉ. कविता जगदा ने बताया कि दोनों महिलाओं के शरीर पर जलने की चोटें अपेक्षाकृत कम थीं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, धुएँ के फेफड़ों में जाने के कारण उनकी मृत्यु की आशंका है। दोनों शवों का पंचनामा कर वसई पश्चिम स्थित पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया है; मौत का अंतिम कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा।

प्रशासन की प्रतिक्रिया और राहत उपाय

वसई-विरार शहर महानगरपालिका के आयुक्त पृथ्वीराज बी.पी. ने बताया कि आग की सूचना मिलते ही तमाम विभाग तुरंत सक्रिय हो गए। प्रभावित परिवारों को अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराने के लिए आसपास के बैंक्वेट हॉल और होटल अधिग्रहित किए गए हैं। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की कई गाड़ियों, पानी के सरकारी व निजी टैंकरों, वॉटर ब्राउज़र और विशेष वॉटर टावर का उपयोग किया गया।

गौरतलब है कि स्थानीय नगरसेवक अशोक शेल्के ने रात 12 बजे चीफ फायर अधिकारी को फोन कर घटना की जानकारी दी, हालाँकि उससे पहले ही अचोले क्षेत्र की दो दमकल गाड़ियाँ घटनास्थल की ओर रवाना हो चुकी थीं।

जाँच के दायरे में क्या-क्या

आयुक्त पृथ्वीराज बी.पी. ने स्पष्ट किया कि आग के कारणों की विस्तृत जाँच की जाएगी, जिसमें इमारत की बिल्डिंग परमिशन, फायर परमिशन, अग्निशमन प्रणालियों की स्थिति और इलेक्ट्रिकल पैनल में संभावित शॉर्ट सर्किट सहित सभी पहलुओं की समीक्षा होगी। यदि किसी प्रकार की लापरवाही या कमी सामने आती है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी। चीफ फायर अधिकारी रोहन मोरे ने भी कहा कि आग का वास्तविक कारण जाँच पूरी होने के बाद ही निर्धारित हो सकेगा।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में ऊँची इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, बिल्डिंग परमिशन और फायर NOC की जाँच के नतीजे तय करेंगे कि प्रशासनिक लापरवाही की ज़िम्मेदारी किस पर तय होती है। प्रभावित निवासियों के पुनर्वास और इमारत की सुरक्षा जाँच अगले कदम होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब 13वीं-14वीं मंजिल तक आग फैलना और रिफ्यूज फ्लोर के दरवाज़े का जलना यह संकेत देता है कि बुनियादी सुरक्षा संरचनाएँ विफल रहीं। बिल्डिंग परमिशन और फायर NOC की जाँच का ऐलान स्वागत योग्य है, लेकिन मुंबई महानगर क्षेत्र में पिछले कई अग्निकांडों के बाद भी इन जाँचों के नतीजे शायद ही किसी ज़िम्मेदार तक पहुँचे हों। असली जवाबदेही तब होगी जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जाँच निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाएँ, और दोषी — चाहे वे बिल्डर हों या नियामक — पर ठोस कार्रवाई हो।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नालासोपारा इंपीरियल हाइट्स इमारत में आग कब और कहाँ लगी?
यह आग 14 अक्टूबर 2026 की रात 11:30 बजे नालासोपारा-वसई लिंक रोड स्थित अचोले क्षेत्र की बहुमंजिला इंपीरियल हाइट्स इमारत में लगी। आग 13वीं-14वीं मंजिल पर सर्वाधिक भीषण थी।
इंपीरियल हाइट्स आग में किन दो महिलाओं की मौत हुई?
मृतकों की पहचान फाल्गुनी शाह (50 वर्ष) और अश्विनी पारकर (50 वर्ष) के रूप में हुई है। तुलिंज अस्पताल की इंचार्ज डॉ. कविता जगदा के अनुसार, दोनों की मौत संभवतः धुएँ के फेफड़ों में जाने से हुई; पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत का अंतिम कारण स्पष्ट होगा।
बचाव अभियान में कितने लोग सुरक्षित निकाले गए?
वसई-विरार शहर महानगरपालिका के चीफ फायर अधिकारी रोहन मोरे के अनुसार, विशेष TTL मशीन से 8 लोगों को सीधे बाहर से रेस्क्यू किया गया और कुल 25 से 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। कई लोग स्वयं भी सुरक्षित नीचे आ गए।
आग लगने का कारण क्या था?
आग का वास्तविक कारण अभी जाँच के अधीन है। महानगरपालिका आयुक्त पृथ्वीराज बी.पी. ने कहा कि बिल्डिंग परमिशन, फायर परमिशन, अग्निशमन प्रणालियों की स्थिति और इलेक्ट्रिकल पैनल में संभावित शॉर्ट सर्किट सहित सभी पहलुओं की जाँच होगी।
प्रभावित निवासियों के लिए क्या व्यवस्था की गई है?
वसई-विरार शहर महानगरपालिका ने प्रभावित परिवारों को अस्थायी आश्रय देने के लिए आसपास के बैंक्वेट हॉल और होटल उपलब्ध कराए हैं। इमारत की सुरक्षा जाँच और पुनर्वास के उपाय अगले चरण में होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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