क्या विरार इमारत हादसे में बिल्डर और जमीन मालिक की लापरवाही है?

सारांश
Key Takeaways
- 17 लोगों की मौत हुई है।
- 9 लोग घायल हैं।
- बिल्डर और जमीन मालिक पर लापरवाही का आरोप।
- एनडीआरएफ ने 26 लोगों को बचाया है।
- सरकार ने पीड़ितों को 5 लाख रुपए की मदद देने का ऐलान किया है।
विरार, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। मुंबई उपनगर के विरार पूर्व में स्थित रमाबाई अपार्टमेंट की चार मंजिला इमारत बुधवार रात लगभग 12:10 बजे अचानक धराशायी हो गई, जिससे एक बड़ा हादसा हुआ। इस घटना में अब तक 17 लोगों की जान चली गई है, जबकि 9 लोग घायल हैं और उनका अस्पताल में इलाज जारी है।
राहत कार्य में जुटी एनडीआरएफ और अग्निशामक दल की टीमें पिछले 48 घंटों से मलबे में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास कर रही हैं। अब तक 26 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसे के बाद बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। एनडीआरएफ और स्थानीय अग्निशामक दल ने मिलकर मलबे को हटाया और 9 लोगों को जीवित बचाने में सफलता पाई। अन्य लोगों को निकालने का प्रयास जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि इमारत की खराब स्थिति और निर्माण में लापरवाही के कारण यह घटना घटी।
वसई-विरार महानगरपालिका के सहायक आयुक्त गिलसन घोंसलेविस की शिकायत पर पुलिस ने बिल्डर नितल गोपीनाथ साने (48) और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और महाराष्ट्र प्रादेशिक व नगर रचना अधिनियम की धाराओं 52, 53, 54 के अंतर्गत दर्ज किया गया है।
एफआईआर में कहा गया है कि 2008-09 में बिना अनुमति के इस इमारत का निर्माण किया गया था। इसमें 54 फ्लैट और 4 दुकानें थीं, जो घटिया सामग्री से बनी थीं। इन्हें लोगों को बेचा गया, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ है। मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की गई है। साथ ही, घायलों के इलाज के लिए भी सहायता प्रदान की जाएगी।
स्थानीय लोग और प्रशासन इस घटना से स्तब्ध हैं। इमारत की जांच के लिए एक टीम गठित की गई है ताकि सही कारणों का पता चल सके। पुलिस जांच में जुटी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राहत कार्य अभी भी जारी है और लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से दूर रहें।