18 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नमो भारत रैपिड रेल के तीन वर्ष पूरे, 4.5 करोड़ से अधिक यात्रियों ने किया सफर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नमो भारत रैपिड रेल के तीन वर्ष पूरे, 4.5 करोड़ से अधिक यात्रियों ने किया सफर

सारांश

तीन साल में 4.5 करोड़ यात्री — नमो भारत रैपिड रेल ने साबित कर दिया कि भारत में हाई-स्पीड क्षेत्रीय रेल की माँग वास्तविक है। अब दिल्ली-पानीपत-कर्नाल और दिल्ली-गुरुग्राम-बेहरोर कॉरिडोर की मंजूरी की बारी है — एनसीआर का परिवहन नक्शा फिर बदलने वाला है।

मुख्य बातें

नमो भारत रैपिड रेल ने तीन वर्षों में 4.5 करोड़ से अधिक यात्री यात्राएँ पूरी कीं।
प्रतिदिन 1.1 लाख से अधिक यात्री सेवा का उपयोग; एकल-दिवस रिकॉर्ड 1.68 लाख यात्री।
82 किलोमीटर लंबा दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर अक्टूबर 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित।
110 मेगावाट कैप्टिव सोलर पावर प्लांट और 'सोलर ऑन ट्रैक' पहल से परियोजना पर्यावरण अनुकूल बनाई जा रही है।
दिल्ली-पानीपत-कर्नाल और दिल्ली-गुरुग्राम-बेहरोर कॉरिडोर को जल्द मंजूरी मिलने की संभावना।
गाजियाबाद-जेवर और नोएडा-फरीदाबाद-गुरुग्राम कॉरिडोर डीपीआर चरण में।

नमो भारत रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम ने अपने परिचालन के तीन वर्ष पूरे करते हुए 4.5 करोड़ से अधिक यात्री यात्राओं का ऐतिहासिक आँकड़ा पार कर लिया है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 18 अक्टूबर 2026 को 'नमो भारत दिवस 2026' समारोह में यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अक्टूबर 2023 में उद्घाटन किए गए 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर यह सेवा संचालित है।

मुख्य उपलब्धियाँ

वर्तमान में नमो भारत सेवा का प्रतिदिन 1.1 लाख से अधिक यात्री उपयोग कर रहे हैं। प्रणाली ने एक दिन में 1.68 लाख यात्रियों का अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड भी दर्ज किया है। गौरतलब है कि यह सेवा भारत की पहली क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट प्रणाली है, जो दिल्ली और उसके आसपास के शहरों को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी प्रदान करती है।

खट्टर ने कहा, 'यह उपलब्धि आधुनिक, सुरक्षित और निर्बाध परिवहन व्यवस्था पर लोगों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।' उन्होंने इस परियोजना को साकार करने में योगदान देने वाले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के अधिकारियों, इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों, कर्मचारियों और श्रमिकों की सराहना की।

क्षेत्रीय विकास पर असर

खट्टर ने जोर देकर कहा, 'नमो भारत रैपिड रेल भारत में क्षेत्रीय संपर्क के नए युग की शुरुआत कर रही है और शहरी परिवहन के भविष्य को नई दिशा दे रही है। बेहतर परिवहन प्रणाली केवल शहरों के बीच दूरी कम नहीं करती, बल्कि लोगों को नए अवसरों से भी जोड़ती है, जिससे क्षेत्रीय विकास और आर्थिक प्रगति को गति मिलती है।'

तेज, नियमित और भरोसेमंद सेवाओं के ज़रिए नमो भारत कार्यस्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और आर्थिक केंद्रों तक पहुँच को आसान बना रही है, जिससे यात्रियों का समय भी बच रहा है।

पर्यावरण एवं तकनीकी पहल

एनसीआरटीसी ने समारोह के दौरान तीन वर्षों की प्रमुख उपलब्धियाँ साझा कीं। इनमें मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को मज़बूत करना, फर्स्ट और लास्ट माइल कनेक्टिविटी बेहतर बनाना तथा 'सोलर ऑन ट्रैक' पहल और 110 मेगावाट क्षमता वाले कैप्टिव सोलर पावर प्लांट जैसी हरित परियोजनाएँ शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य परियोजना को पर्यावरणीय और वित्तीय दोनों दृष्टि से अधिक टिकाऊ बनाना है।

एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शालभ गोयल ने कहा, 'नमो भारत की यात्रा इस बात का प्रमाण है कि आधुनिक सार्वजनिक परिवहन किस तरह लोगों को अवसरों के करीब ला सकता है और अधिक जुड़ा हुआ, सुलभ तथा टिकाऊ क्षेत्र विकसित करने में योगदान दे सकता है।'

विस्तार की योजनाएँ

दिल्ली-पानीपत-कर्नाल और दिल्ली-गुरुग्राम-बेहरोर नमो भारत कॉरिडोर को जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है। वहीं गाजियाबाद-जेवर और नोएडा-फरीदाबाद-गुरुग्राम कॉरिडोर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) चरण में हैं। यह विस्तार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में क्षेत्रीय रेल नेटवर्क को और व्यापक बनाएगा।

इस अवसर पर वार्षिक एनसीआरटीसी पुरस्कार भी प्रदान किए गए, जिनमें वर्षभर बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। नमो भारत की यह यात्रा दर्शाती है कि भारत में आधुनिक क्षेत्रीय रेल परिवहन का भविष्य उज्ज्वल है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या यह वृद्धि सड़क पर निजी वाहनों की संख्या में मापनीय कमी और एनसीआर की वायु गुणवत्ता में सुधार से जुड़ी है। नमो भारत ने क्षेत्रीय रेल का खाका ज़रूर खींचा है, लेकिन फर्स्ट-लास्ट माइल कनेक्टिविटी की सीमाएँ अभी भी मध्यम-दूरी के यात्रियों को सेवा से दूर रखती हैं। दिल्ली-पानीपत और दिल्ली-गुरुग्राम कॉरिडोर की मंजूरी जितनी जल्दी होगी, उतना ही यह नेटवर्क 'ट्रांज़िट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट' के वादे को पूरा कर सकेगा। बिना नेटवर्क विस्तार के, एकल कॉरिडोर का रिकॉर्ड राइडरशिप एक द्वीप की सफलता बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नमो भारत रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम क्या है?
नमो भारत भारत की पहली क्षेत्रीय रैपिड रेल सेवा है, जो 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर संचालित है। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2023 में किया था और यह एनसीआरटीसी द्वारा संचालित है।
नमो भारत ने तीन साल में कितने यात्री दर्ज किए?
नमो भारत ने तीन वर्षों में 4.5 करोड़ से अधिक यात्री यात्राएँ पूरी की हैं। प्रतिदिन 1.1 लाख से अधिक यात्री सेवा का उपयोग करते हैं और एकल-दिवस रिकॉर्ड 1.68 लाख यात्रियों का है।
नमो भारत के नए कॉरिडोर कौन से हैं और कब तक आएँगे?
दिल्ली-पानीपत-कर्नाल और दिल्ली-गुरुग्राम-बेहरोर कॉरिडोर को जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है। गाजियाबाद-जेवर और नोएडा-फरीदाबाद-गुरुग्राम कॉरिडोर अभी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) चरण में हैं, इसलिए इनकी सटीक समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है।
नमो भारत को पर्यावरण के लिहाज़ से कितना टिकाऊ बनाया जा रहा है?
एनसीआरटीसी ने 'सोलर ऑन ट्रैक' पहल और 110 मेगावाट क्षमता वाले कैप्टिव सोलर पावर प्लांट स्थापित किए हैं। ये कदम परियोजना को पर्यावरणीय और वित्तीय दोनों दृष्टि से अधिक टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से उठाए गए हैं।
नमो भारत से आम यात्रियों को क्या फायदा हो रहा है?
नमो भारत ने कार्यस्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और आर्थिक केंद्रों तक पहुँच आसान बनाई है और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आई है। मंत्री खट्टर के अनुसार, यह सेवा लोगों को नए अवसरों से जोड़ रही है और क्षेत्रीय विकास एवं आर्थिक प्रगति को गति दे रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले