यदि नशे की समस्या पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो महाराष्ट्र को चुकानी पड़ेगी भारी कीमत: विजय वडेट्टीवार
सारांश
Key Takeaways
- नशे की समस्या: महाराष्ट्र में नशे की समस्या तेजी से बढ़ रही है।
- युवाओं का भविष्य: ड्रग्स से युवा पीढ़ी का भविष्य खतरे में है।
- सरकारी विफलता: राज्य का गृह विभाग इस समस्या से निपटने में विफल रहा है।
- पुलिस की भूमिका: पुलिस तस्करों के साथ मिलीभगत में संलिप्त पाई गई है।
- राजनीतिक संरक्षण: ड्रग माफियाओं को राजनीतिक समर्थन प्राप्त है, जो चिंता का विषय है।
मुंबई, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र कांग्रेस के विधायक दल के प्रमुख विजय वडेट्टीवार ने गोरेगांव में आयोजित एक लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान नशे के ओवरडोज से हुई दो युवकों की मौत के बाद महायुति सरकार पर कठोर टिप्पणी की।
उन्होंने बुधवार को चेतावनी दी कि यदि नशे की बढ़ती समस्या पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो राज्य को ‘भारी कीमत’ चुकानी पड़ सकती है।
युवकों की मौत की घटना के बाद, मुंबई और कल्याण पुलिस के एक संयुक्त अभियान में कल्याण में एक प्रमुख ड्रग सप्लायर को गिरफ्तार किया गया, जिससे एक अंतर-राज्यीय ड्रग सिंडिकेट की संलिप्तता का पता चला।
वडेट्टीवार ने महाराष्ट्र की वर्तमान स्थिति की तुलना उस ड्रग संकट से की, जिसका सामना पंजाब ने एक दशक पहले किया था।
उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में ‘नशीले पदार्थों का शिकंजा’ कसता जा रहा है और यह अब मुंबई और पुणे जैसे बड़े शहरों से आगे बढ़ रहा है। ड्रग नेटवर्क अकोला और अमरावती से लेकर नागपुर के ग्रामीण क्षेत्रों तक फैल चुका है।
उन्होंने कहा, "अब नासिक, संभाजी नगर और विदर्भ क्षेत्र में ऐसी घटनाएं आम होती जा रही हैं। नेस्को मामला इस बात की एक गंभीर याद दिलाता है कि कैसे हमारे युवाओं को जाल में फंसाया जा रहा है।"
वडेट्टीवार ने स्थिति की गंभीरता को उजागर करने के लिए कुछ चौंकाने वाले आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि 2024 में 4,249 करोड़ रुपये के ड्रग्स जब्त किए गए। 2025-26 के दौरान, 15,933 लोगों को गिरफ्तार किया गया। 2026 में, कुछ ही महीनों में 1,438 अपराध दर्ज किए गए, 1,637 गिरफ्तारियां हुईं, और 940 करोड़ रुपये के ड्रग्स जब्त किए गए।
वडेट्टीवार ने इस स्थिति को राज्य के गृह विभाग की ‘भारी विफलता’ करार दिया और यह भी उल्लेख किया कि कथित तौर पर ड्रग तस्करों की मदद करने के आरोप में 17 पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करना पड़ा। उन्होंने कहा, "जब ‘खाकी’ (पुलिस) ही तस्करों का साथ देगी, तो नेस्को सेंटर जैसी घटनाएं हर गली-मोहल्ले में होंगी।"
उन्होंने नशीले पदार्थों के इस धंधे को राजनीतिक संरक्षण मिलने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "सिर्फ आरोपियों को गिरफ्तार करना काफी नहीं है। इन ‘ड्रग माफ़ियाओं’ को शह देने वाली राजनीतिक ताकतें कब बेनकाब होंगी? हमें एक नशामुक्त महाराष्ट्र चाहिए, वरना हमारी युवा पीढ़ी तबाह हो जाएगी।"
इससे पहले, महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मंगलवार को दो एमबीए छात्रों की मौत पर चिंता जताई थी।
आरोप है कि 11 अप्रैल की रात एक म्यूजिक इवेंट में भाग लेने के बाद ड्रग्स की ओवरडोज से उनकी मौत हो गई थी। उन्होंने दावा किया कि सरकार की कथित शह पर अवैध ड्रग्स का कारोबार फल-फूल रहा है। उन्होंने भाजपा-महायुति सरकार पर आरोप लगाया कि वह महाराष्ट्र के युवाओं को ड्रग्स के चंगुल में धकेल रही है।