नासिक मामले में आरोपी दानिश की मां का बयान- लड़की झूठ बोल रही है, धर्म परिवर्तन नहीं हुआ
सारांश
Key Takeaways
- नासिक में धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न का मामला गंभीर है।
- आरोपी दानिश की मां का कहना है कि उनका बेटा निर्दोष है।
- पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है, कुछ आरोपी फरार हैं।
- इस्लाम धर्म को लेकर लड़की की रुचि को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
- ऑफिस में दानिश का व्यवहार और उसके आहार पर भी सवाल उठाए गए हैं।
नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नासिक के टीसीएस कंपनी में धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न के मामले की गहन जांच चल रही है। पुलिस ने कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, लेकिन कुछ आरोपी अभी भी फरार हैं। इस बीच, फरार आरोपी दानिश की मां ने कहा है कि मेरा बच्चा निर्दोष है और उसे इंसाफ मिलना चाहिए।
आरोपी दानिश शेख की मां अब्बासुम शेख ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि मेरे बेटे ने किसी के साथ गलत काम नहीं किया। धर्म परिवर्तन करने का काम मौलाना करते हैं। इसके लिए दो गवाह भी जरूरी होते हैं, लेकिन उसने जो कहा वह धर्म परिवर्तन नहीं था।
उन्होंने यह भी कहा कि लड़की को इस्लाम धर्म पसंद था और वह बार-बार मेरे बेटे से पूछती थी। वह यह भी कहती थी कि उनका मजहब अच्छा है और उनके कपड़े भी सुंदर हैं। किसी के प्रभाव में आकर उसने ऐसा नहीं कहा। यदि उसने मेरे बेटे से पूछा था, तो उन्होंने बस जवाब दिया। वह इस्लाम में नहीं आई और न ही मेरे बच्चे ने धर्म परिवर्तन करवाया है। दोनों दोस्त थे और उनकी आपस में इस तरह की बातें होती रहती थीं।
दानिश की मां ने कहा कि लड़की ने कहा कि वह मेरे बेटे के साथ पढ़ी है, लेकिन उनकी उम्र में दस साल का अंतर है। वह कितनी झूठ बोल रही है। दानिश की शादी 2018 में हुई थी और उनके दो बच्चे भी हैं।
एक ऑफिस के सहकर्मी को नॉनवेज खिलाने के आरोप पर उन्होंने कहा कि यह गलत है क्योंकि मेरा बेटा स्वयं शाकाहारी है। मैं भी शाकाहारी हूं और उसे पसंद करती हूं। वह ऑफिस में भी केवल शाकाहारी खाना ही लाता था। अगर वह कुछ गलत करता, तो उसे नौकरी से निकाल दिया जाता।
आरोपी की मां ने कहा कि ऑफिस में कई कैमरे लगे हैं। किस कैमरे में दिखा कि वह किसी को नमाज पढ़वा रहा था? वह खुद नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद जाता था, ऑफिस में कभी नमाज नहीं पढ़ी।