राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस 2026: जेपी नड्डा और भाजपा नेताओं ने रक्तदाताओं को किया सलाम
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर 1 अक्टूबर 2026 को देशभर में रक्तदाताओं के अमूल्य योगदान को सम्मानित किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा सहित भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई वरिष्ठ नेताओं ने स्वैच्छिक रक्तदाताओं को श्रद्धांजलि दी और अधिक नागरिकों — विशेषकर युवाओं — से नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का संदेश
केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में कहा, 'राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस 2026 पर आइए हम स्वैच्छिक रक्तदाताओं के अमूल्य योगदान को सराहें और स्वैच्छिक, बिना किसी पारिश्रमिक के रक्तदान के माध्यम से सुरक्षित, पर्याप्त और टिकाऊ रक्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराएं।' उन्होंने इस वर्ष के विषय 'मानवता की एक बूंद। रक्तदान करें। जीवन बचाएं।' की विशेष रूप से चर्चा करते हुए कहा कि यह थीम स्वैच्छिक रक्तदान के पीछे की मानवीय भावना को रेखांकित करती है।
नड्डा ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया कि वे मिलकर स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देना जारी रखें ताकि जरूरतमंद मरीजों के लिए सुरक्षित रक्त और रक्त घटकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
असम भाजपा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री की अपील
असम भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने भी इस अवसर पर रक्तदान का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा, 'रक्तदान एक नेक काम है जो अनगिनत कीमती जानें बचाने में मदद करता है। राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर, आइए हम जरूरतमंदों के लिए रक्तदान करने का संकल्प लें।'
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी एक्स पर पोस्ट कर नागरिकों से आग्रह किया। उन्होंने लिखा, 'दोस्तों, रक्तदान करें! रक्तदान करने और अनगिनत कीमती जानें बचाने से बड़ी मानवता की कोई सेवा नहीं है। राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर, आइए हम आगे आने और जरूरतमंदों की मदद के लिए रक्तदान करने का संकल्प लें।'
रक्तदान का महत्व और पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि भारत में राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस प्रत्येक वर्ष 1 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन स्वैच्छिक और अवैतनिक रक्तदान की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है, क्योंकि सुरक्षित रक्त आपूर्ति चिकित्सा आपात स्थितियों, दुर्घटनाओं, प्रसव जटिलताओं और थैलेसीमिया जैसी बीमारियों में जीवनरक्षक भूमिका निभाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, स्वैच्छिक रक्तदान से न केवल रक्त की कमी दूर होती है, बल्कि यह रक्त की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी निर्णायक भूमिका निभाता है।
युवाओं से विशेष आह्वान
इस वर्ष की थीम के अनुरूप, नेताओं ने विशेष रूप से युवा पीढ़ी से नियमित स्वैच्छिक रक्तदान को सामुदायिक भागीदारी का हिस्सा बनाने का आग्रह किया। यह ऐसे समय में आया है जब देश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और रक्त बैंकों में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने की निरंतर आवश्यकता है। आने वाले समय में इस दिशा में जन-जागरूकता अभियानों को और गति मिलने की उम्मीद है।